सीकर पुलिस सारथी योजना खाटू श्याम जी: दिव्यांग और बुजुर्ग भक्तों के लिए व्हीलचेयर व वाहन सेवा की पूरी जानकारी

जानिए सीकर पुलिस सारथी योजना खाटू श्याम जी और श्याम सारथी पोर्टल (shyamsarathi.com) के बारे में। मेले में दिव्यांग और बुजुर्ग भक्तों के लिए निशुल्क व्हीलचेयर, विशेष पास और पुलिस हेल्पलाइन नंबर की पूरी स्टेप-बाय-स्टेप गाइड।)

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सीकर पुलिस सारथी योजना खाटू श्याम जी

: 1 फरवरी 2026 को नए डिजिटल सिस्टम की घोषणा हुई। ऐप की शुरुआत: मेले से पहले 19 फरवरी 2026 को लाइव मॉनिटरिंग और आपातकालीन ई-पास के लिए ‘श्याम सारथी ऐप’ लॉन्च किया गया। मुख्य उद्देश्य: प्रशासन पहले भी व्हीलचेयर से मदद करता था, लेकिन संगठित रूप से ‘श्याम सारथी’ नाम के तहत ऑनलाइन क्यूआर कोड बेस्ड पास और विशेष सारथी वाहनों की शुरुआत फरवरी 2026 से ही पूरी तरह लागू की गई।

सीकर पुलिस सारथी योजना क्या है?

सीकर पुलिस सारथी योजना खाटू श्याम जी मेले के दौरान दिव्यांगों और असहाय बुजुर्ग भक्तों की सुगम यात्रा के लिए शुरू की गई एक मानवीय और सराहनीय पहल है। इस योजना के अंतर्गत, जब रींगस टू खाटू श्याम मार्ग आम गाड़ियों के लिए बंद रहता है, तब पुलिस प्रशासन खुद आगे आकर अक्षम श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुँचाने की जिम्मेदारी लेता है।

इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा विशेष ‘सारथी ई-रिक्शा’ और गोल्फ कार्ट वाहनों का संचालन किया जाता है, जो पूरी तरह निशुल्क होते हैं। यह सेवा दिव्यांग श्रद्धालु और उनके साथ आए केवल एक अटेंडेंट (सहायक) को रींगस या सीकर के मुख्य नो-एंट्री बैरिकेड्स और पार्किंग स्थलों से उठाकर सीधे मंदिर के विशेष प्रवेश मार्ग तक सुरक्षित ड्रॉप करती है।

श्याम सारथी पोर्टल (Shyam Sarathi Portal) और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

आधिकारिक वेबसाइट shyamsarathi.com या ऐप पर जाकर ‘Disabled/Senior Citizen Special Pass Booking’ पर क्लिक करें। श्रद्धालु, उम्र और अटेंडेंट की जानकारी भरें। वेरिफिकेशन के लिए विकलांगता प्रमाण पत्र (UDID कार्ड) और आधार कार्ड अपलोड करें। पूरा होने पर डिजिटल क्यूआर कोड पास मिलेगा, जिसे चेक-पोस्ट पर दिखाना होगा। ऑनलाइन बुकिंग न होने पर पार्किंग स्थलों के सीकर पुलिस केंद्रों से ऑन-स्पॉट पास बनवा सकते हैं।

खाटू श्याम जी पुलिस मेला हेल्पलाइन नंबर

आपातकालीन संपर्क: खाटू श्याम जी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु सीकर पुलिस ने 24 घंटे सक्रिय मुख्य मेला नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर 96676 00788 जारी किया है। किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना या सुरक्षा संबंधी समस्या होने पर श्रद्धालु तुरंत राजस्थान पुलिस के आपातकालीन नंबर 112 पर भी कॉल कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, स्थानीय पुलिस थाना खाटूश्यामजी से सीधे 01576-231046 पर संपर्क किया जा सकता है।

खाटू श्याम जी में निशुल्क व्हीलचेयर सेवा लेने का प्रोसेस

खाटू श्याम मंदिर समिति और पुलिस प्रशासन द्वारा मुख्य प्रवेश द्वारों पर पर्याप्त संख्या में निशुल्क व्हीलचेयर (Free Wheelchairs) की व्यवस्था की जाती है। इस सुविधा का लाभ उठाने की प्रक्रिया बेहद सरल है:

व्हीलचेयर काउंटर: रींगस मार्ग और मुख्य मंदिर प्रवेश द्वार के पास पुलिस सारथी हेल्प डेस्क बने होते हैं।

आईडी वेरिफिकेशन: सेवा का लाभ लेने के लिए मरीज का विकलांगता प्रमाण पत्र या अत्यधिक बुजुर्ग होने की स्थिति में आधार कार्ड दिखाना होता है।

सुरक्षा जमा: सुरक्षा के तौर पर साथ आए अटेंडेंट का एक मूल पहचान पत्र (जैसे ओरिजिनल आधार कार्ड) काउंटर पर जमा किया जाता है, जो व्हीलचेयर सुरक्षित वापस लौटाने पर तुरंत मिल जाता है।

सीकर पुलिस सारथी योजना खाटू श्याम जी: मंदिर के अंदर सुगम दर्शन व्यवस्था

सारथी सेवा के तहत आने वाले भक्तों को सामान्य लंबी जिग-जैग लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं होती। उनके लिए मंदिर परिसर में विशेष रैंप (Ramps) और स्वचालित प्लेटफ़ॉर्म लिफ्ट (Platform Lifts) लगाई गई हैं, जिससे व्हीलचेयर सीधे बाबा श्याम के मुख्य गर्भगृह के सामने तक पहुँच जाती है।

रींगस से खाटू श्याम जी दिव्यांग वाहन सेवा

रींगस से खाटू श्याम जी दिव्यांग वाहन सेवा लक्खी मेले और मासिक एकादशी (ग्यारस) के दौरान विशेष रूप से चलाई जाती है। [96676 00788] इस अवधि में रींगस-खाटू मार्ग पर निजी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहता है। [96676 00788] शारीरिक रूप से अक्षम, बीमार और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा के लिए सीकर पुलिस और प्रशासन द्वारा रींगस नो-एंट्री बैरिकेड्स तथा मुख्य पार्किंग स्थलों पर ‘सारथी हेल्प डेस्क’ बनाए जाते हैं। [96676 00788] यहाँ से पुलिस के विशेष ई-रिक्शा और गोल्फ कार्ट वाहन दिव्यांग श्रद्धालुओं तथा उनके एक सहायक को निशुल्क मंदिर के विशेष प्रवेश मार्ग तक छोड़ते हैं, जहाँ रैंप और लिफ्ट के जरिए सुगम दर्शन की व्यवस्था होती है। [96676 00788]

खाटू श्याम जी मंदिर में व्हीलचेयर का किराया

खाटू श्याम जी मंदिर में व्हीलचेयर सेवा पूरी तरह से निशुल्क (Free of Cost) है। सीकर पुलिस और मंदिर समिति द्वारा दिव्यांग, बीमार तथा बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश द्वारों पर निशुल्क व्हीलचेयर काउंटर बनाए जाते हैं। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए श्रद्धालु का विकलांगता प्रमाण पत्र (UDID कार्ड) या आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होता है। सुरक्षा के तौर पर साथ आए सहायक का पहचान पत्र जमा कर व्हीलचेयर तुरंत प्राप्त की जा सकती है।

Shyam sarathi pass booking for disabled

Shyam Sarathi Pass Booking for Disabled खाटू श्याम जी मेले के दौरान दिव्यांग श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन करवाने की एक विशेष डिजिटल व्यवस्था है। इस आधिकारिक पोर्टल (shyamsarathi.com) के माध्यम से 40% से अधिक दिव्यांगता वाले श्रद्धालु घर बैठे निशुल्क ई-पास (QR-Code Based Digital Pass) बुक कर सकते हैं। बुकिंग के लिए पोर्टल के विशेष सेक्शन में जाकर श्रद्धालु को अपना विवरण दर्ज करना होता है और दस्तावेज के रूप में सरकारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र (UDID कार्ड) तथा आधार कार्ड अपलोड करना पड़ता है। पास जनरेट होने के बाद पुलिस रींगस या सीकर पार्किंग से विशेष वाहन द्वारा सीधे मंदिर के व्हीलचेयर रैंप गेट तक निशुल्क पहुँचाती है।

Khatu shyam ji me handicapped ke liye free wheelchair kaise le

खाटू श्याम जी में विकलांगों के लिए पुलिस ‘सारथी हेल्प डेस्क’ पर निशुल्क व्हीलचेयर सेवा उपलब्ध है। [96676 00788] इसके लिए श्रद्धालु का सरकारी विकलांगता प्रमाण पत्र (UDID कार्ड) या आधार कार्ड दिखाना होगा। साथ आए सहायक का मूल पहचान पत्र काउंटर पर जमा करके मुफ्त व्हीलचेयर तुरंत मिल जाती है।

खाटू श्याम जी में विकलांगों के लिए दर्शन की क्या व्यवस्था है?

खाटू श्याम जी में दिव्यांग (Disabled) श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह निशुल्क और सुगम दर्शन की व्यवस्था है। सीकर पुलिस और मंदिर समिति द्वारा रींगस/सीकर पार्किंग से मंदिर तक निशुल्क ‘सारथी’ वाहन (ई-रिक्शा) चलाए जाते हैं। इसके अलावा, मंदिर परिसर में सामान्य लंबी लाइनों से अलग विशेष प्रवेश द्वार (Special Entry Gate), रैंप और स्वचालित प्लेटफ़ॉर्म लिफ्ट दी गई है, जिससे व्हीलचेयर सीधे गर्भगृह के सामने पहुँच जाती है।

क्या खाटू श्याम मंदिर में विकलांगों के लिए कोई पास लगता है?

आम दिनों में किसी पास की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन विशेष मेलों और ग्यारस (एकादशी) के दौरान डिजिटल ई-पास अनिवार्य होता है। श्रद्धालु Shyam Sarathi Portal पर जाकर निशुल्क क्यूआर कोड आधारित पास बुक कर सकते हैं। ऑनलाइन बुकिंग न होने की स्थिति में, मेले के पार्किंग स्थलों पर बने पुलिस सहायता केंद्रों से मौके पर (On-Spot) भी पास प्राप्त किया जा सकता है।

खाटू श्याम जी में व्हीलचेयर का किराया कितना है?

खाटू श्याम जी मंदिर प्रशासन और पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली व्हीलचेयर सेवा 100% निशुल्क (Free of Cost) है। इसके लिए भक्तों से कोई भी चार्ज या किराया नहीं लिया जाता। कस्बे के अंदर चलने वाले निजी ई-रिक्शा का सामान्य किराया ₹20 से ₹30 होता है, लेकिन भीड़ के समय रूट्स सीमित होने के कारण पुलिस के निशुल्क ‘सारथी’ वाहनों का उपयोग करना ही सबसे सुरक्षित है।

श्याम सारथी पोर्टल पर दिव्यांग पास कैसे बुक करें?

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट shyamsarathi.com पर जाएं। इसके बाद ‘Disabled/Senior Citizen Special Pass Booking’ सेक्शन चुनें। यहाँ श्रद्धालु और उनके साथ आने वाले एक सहायक (Attendant) की जानकारी भरें। दस्तावेज के रूप में विकलांगता प्रमाण पत्र (UDID Card) और आधार कार्ड की फोटो अपलोड करें। सबमिट करते ही मोबाइल पर डिजिटल क्यूआर कोड पास आ जाएगा।

क्या दिव्यांग भक्त के साथ पूरा परिवार वीआईपी लाइन से जा सकता है?

जी नहीं, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा कारणों से विशेष दिव्यांग लाइन से केवल दिव्यांग श्रद्धालु और उनके साथ आए केवल एक सहायक (Attendant) को ही प्रवेश की अनुमति मिलती है। परिवार के बाकी सदस्यों को सामान्य दर्शन लाइनों (जिग-जैग कतारों) के माध्यम से ही जाना होगा, ताकि विशेष मार्ग पर व्हीलचेयर संचालन में कोई बाधा न आए।

क्या गंभीर रूप से बीमार या अस्थमा के मरीजों को भी सारथी सेवा मिलती है?

जी हाँ, यह सेवा केवल शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए ही नहीं है। यदि कोई श्रद्धालु गंभीर रूप से बीमार है, हृदय रोगी है, या सांस की तकलीफ (अस्थमा) के कारण पैदल चलने में पूरी तरह असमर्थ है, तो वे पार्किंग स्थलों पर बने पुलिस सारथी बूथ पर मेडिकल इमरजेंसी के तहत तुरंत निशुल्क वाहन और व्हीलचेयर सहायता मांग सकते हैं।

क्या मोबाइल में दिखाया गया ‘श्याम सारथी ई-पास’ मान्य है?

जी हाँ, डिजिटल पास का प्रिंटआउट (कागज) लाना बिल्कुल जरूरी नहीं है। यदि आपने पोर्टल या ऐप से ऑनलाइन पास बुक किया है, तो आप अपने मोबाइल स्क्रीन पर क्यूआर कोड (QR Code) दिखा सकते हैं। चेक-पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मी उसे अपने स्कैनर से वेरीफाई करके आपको आगे जाने की अनुमति दे देंगे।

क्या व्हीलचेयर सीधे खाटू श्याम जी के मुख्य गर्भगृह तक जाती है?

जी हाँ, श्री खाटू श्याम मंदिर परिसर को पूरी तरह व्हीलचेयर-फ्रेंडली (Accessible) बनाया गया है। मंदिर की सीढ़ियों के पास विशेष रैंप और आधुनिक प्लेटफॉर्म लिफ्ट (Platform Lifts) लगाई गई हैं। इसकी मदद से व्हीलचेयर बिना किसी परेशानी के सीधे बाबा श्याम की मुख्य चौखट और गर्भगृह के सामने पहुँचती है, जहाँ से भक्त आसानी से शीश के दानी के दर्शन कर पाते हैं।

सीकर पुलिस की ‘सारथी योजना’ पर लिखा गया आपका यह आर्टिकल बेहद व्यावहारिक, जानकारी से भरपूर और जनहित में उपयोगी है।

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