बांसवाड़ा में घूमने की जगह की बातें हो तो आपको बता दें एक ऐसा जिला है, जो अपनी असीम हरियाली, ऊंचे पहाड़ों, कल-कल बहते झरनों और विशाल झीलों के कारण राजस्थान का ‘चेरापूंजी’ (Cherrapunji of Rajasthan) कहलाता है। हम बात कर रहे हैं खूबसूरत बांसवाड़ा (Banswara) की, जिसे ‘सौ द्वीपों का शहर’ (City of Hundred Islands) भी कहा जाता है।
बांसवाड़ा में घूमने की जगह:बांसवाड़ा पर्यटन: क्विक फैक्ट फाइल (Banswara Tourism: Quick Fact File)
- भौगोलिक स्थिति (Location): यह जिला राजस्थान के दक्षिणी भाग में वागड़ क्षेत्र (Vagad Region) के अंतर्गत आता है, जिसकी सीमाएं गुजरात और मध्य प्रदेश से लगती हैं। यहाँ से कर्क रेखा (Tropic of Cancer) गुजरती है।
- ‘सौ द्वीपों का शहर’ (City of Hundred Islands) — माही बांध के बैकवाटर में स्थित सैकड़ों टापुओं के कारण।
- ‘राजस्थान का चेरापूंजी’ (Cherrapunji of Rajasthan) — राजस्थान में सर्वाधिक बारिश वाले क्षेत्रों में से एक होने के कारण।
- हवाई मार्ग (By Air): नजदीकी हवाई अड्डा महाराणा प्रताप हवाई अड्डा, उदयपुर (Udaipur Airport) है, जो बांसवाड़ा से लगभग 160 किलोमीटर दूर है।
- रेल मार्ग (By Rail): बांसवाड़ा शहर में अभी सीधा रेलवे स्टेशन नहीं है। सबसे नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन रतलाम (Ratlam – 80 KM) और उदयपुर (Udaipur – 160 KM) हैं।
- सड़क मार्ग (By Road): यह राष्ट्रीय राजमार्गों द्वारा उदयपुर, जयपुर, अहमदाबाद और रतलाम जैसे प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहाँ के लिए नियमित बसें (Regular Buses) उपलब्ध हैं।
- घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit): जुलाई से मार्च। मानसून के दौरान (Monsoon Season) यहाँ की हरियाली और झरने अपने चरम पर होते हैं।
- यात्रा की अवधि (Ideal Duration): 2 दिन का समय (2 Days Itinerary) बांसवाड़ा के सभी मुख्य स्थलों को आराम से एक्सप्लोर करने के लिए पर्याप्त है।
- ठहरने का बजट (Stay Budget): मुख्य बस स्टैंड और कलेक्ट्री सर्किल के पास आपको ₹1200 से ₹1500 के बजट में बेहतरीन होटल (Budget Hotels) और साफ-सुथरे गेस्ट हाउस (Guest Houses) आसानी से मिल जाएंगे।
- चाचा कोटा (Chacha Kota) नीले पानी और पहाड़ियों का संगम, बोटिंग पॉइंट (Boating Point) शहर से दूरी लगभग 14 KM
- त्रिपुरा सुंदरी मंदिर (Tripura Sundari) प्राचीन और प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ (Ancient Temple) शहर से दूरी लगभग 19 KM
- माही बजाज सागर बांध (Mahi Dam) 16 गेटों वाला राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा बांध , शहर से दूरी लगभग 16 KM
- अर्थूना मंदिर समूह (Arthuna Temples) 11वीं शताब्दी की परमारकालीन वास्तुकला (Architecture) , शहर से दूरी लगभग 55 KM
- आनंद सागर झील (Anand Sagar Lake) बाई तालाब और पवित्र ‘कल्पवृक्ष’ (Kalpavriksha) शहर के भीतर है
- प्रसिद्ध स्थानीय भोजन (Famous Local Food): कंडे (उपले) की आंच पर सिकी हुई पारंपरिक ‘दाल बाटी चूरमा’ (Dal Baati Churma), सुबह का मशहूर नाश्ता ‘कढ़ी कचोरी’ (Kadhi Kachori) और मक्के के आटे से बनी ‘मक्का की राब’। हमारी टीम ने एक लोकल ढाबे (Local Dhaba) पर इसका स्वाद लिया जो बेहद लाजवाब था।
- लोकल शॉपिंग (Local Shopping): यहाँ के स्थानीय बाजारों (Local Markets) से आप आदिवासियों द्वारा बनाए गए पारंपरिक तीर-कमान, लकड़ी के हस्तशिल्प (Wooden Handicrafts) और हाथ से बने कपड़े खरीद सकते हैं।
- वागड़ क्षेत्र (Vagad Region): सांस्कृतिक रूप से यह डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों का संयुक्त क्षेत्र है, जहाँ मुख्य रूप से ‘वागड़ी’ बोली बोली जाती है।
- प्रमुख नदी तंत्र (Major River System): यहाँ की सबसे मुख्य नदी माही नदी (Mahi River) है, जो मध्य प्रदेश से निकलकर इस जिले को समृद्ध बनाती है।
- घोटिया अम्बा मेला (Ghotia Amba Fair): हर साल चैत्र पूर्णिमा (मार्च-अप्रैल) के दौरान आयोजित होने वाला यह आदिवासियों का सबसे बड़ा और पवित्र मेला है।
- मानगढ़ धाम मेला (Mangarh Dham Fair): मार्गशीर्ष पूर्णिमा (नवंबर-दिसंबर) को यहाँ शहीदों की याद में एक विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के लाखों लोग आते हैं।
बांसवाड़ा में घूमने की 5 सबसे खूबसूरत जगहें (5 Best Places To Visit In Banswara)
1. चाचा कोटा (Chacha Kota) – बांसवाड़ा का मिनी कश्मीर
मुख्य शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर स्थित चाचा कोटा (Chacha Kota Banswara) को यदि बांसवाड़ा का सबसे खूबसूरत रत्न कहा जाए, तो गलत नहीं होगा। माही बजाज सागर बांध (Mahi Bajaj Sagar Dam) के बैकवाटर से घिरी यह जगह हूबहू कश्मीर या केरल के बैकवाटर जैसी दिखाई देती है।
हमारा अनुभव: यहाँ पानी के बीच छोटे-छोटे हरे-भरे टापू (Islands) बने हुए हैं। हमारी टीम ने यहाँ स्थानीय नाविकों के साथ बोटिंग का शानदार अनुभव (Boating Experience) लिया। पहाड़ियों के बीच से जब नाव गुजरती है, तो वह नजारा शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। फोटोग्राफी और रील्स बनाने के लिए यह सबसे परफेक्ट पिकनिक स्पॉट (Perfect Picnic Spot) है।
2. आनंद सागर झील (Anand Sagar Lake) – बाई तालाब
यह एक कृत्रिम झील (Artificial Lake) है, जिसे बाई तालाब (Bai Talab) के नाम से भी जाना जाता है। इसके किनारे पर बने पवित्र वृक्ष ‘कल्पवृक्ष’ (Kalpavriksha) पर्यटकों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं, जिनके बारे में मान्यता है कि ये इच्छाएं पूरी करते हैं।
3. कगादी पिकअप वियर (Kagdi Pick-up Weir)
शहर के मुख्य मार्ग पर स्थित यह जगह साइबेरियन पक्षियों (Siberian Birds) और खूबसूरत बगीचों के लिए प्रसिद्ध है। शाम के समय यहाँ का नजारा बेहद सुकून देने वाला होता है।
4. मानगढ़ धाम (Mangarh Dham)
यह स्थान आदिवासियों के बलिदान की अमर गाथा कहता है। इसे ‘राजस्थान का जलियांवाला बाग’ (Jallianwala Bagh of Rajasthan) भी कहा जाता है। यहाँ आकर हमारी टीम को देश के वीर शहीदों के इतिहास को करीब से महसूस करने का मौका मिला।
5. त्रिपुरा सुंदरी मंदिर (Tripura Sundari Temple)
बांसवाड़ा से करीब 19 किलोमीटर दूर स्थित यह प्राचीन मंदिर (Ancient Temple) माता त्रिपुरा सुंदरी को समर्पित है। यहाँ की स्थानीय मान्यताएं और मंदिर की वास्तुकला (Architecture) पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।
2 दिन में बांसवाड़ा कैसे घूमें? (Banswara 2 Days Itinerary)
पहला दिन (Day 1): सुबह की शुरुआत त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के दर्शन से करें। इसके बाद दोपहर में चाचा कोटा के खूबसूरत नजारों और बोटिंग का आनंद लें। शाम को आनंद सागर झील के किनारे सूर्यास्त (Sunset) देखें।
दूसरा दिन (Day 2): दूसरे दिन सुबह जल्दी मानगढ़ धाम के दर्शन के लिए निकलें। वहाँ से लौटकर दोपहर का वक्त कगादी पिकअप वियर के बगीचों में बिताएं और स्थानीय बाजारों में खरीदारी (Shopping) करें।
अर्थूना बांसवाड़ा का गौरवशाली इतिहास (Glorious History of Arthuna)
यह 11वीं और 12वीं शताब्दी के दौरान वागड़ के परमार शासकों (Paramara Rulers of Vagad) की राजधानी हुआ करता था। यहाँ के मंदिरों का निर्माण उन्हीं शासकों द्वारा करवाया गया था, जो आज भी उस दौर के वैभव और समृद्ध शिल्पकला की गवाही देते हैं।
अर्थूना का मुख्य आकर्षण और स्थापत्य कला (Main Attractions and Architecture of Arthuna )
अर्थूना में छोटे-बड़े दर्जनों मंदिरों का एक विशाल समूह (Group of Temples) है, जो हिंदू और जैन धर्म से जुड़े हुए हैं।
मंडलेश्वर शिव मंदिर (Mandleshwar Shiva Court): यह इस परिसर का सबसे मुख्य और भव्य मंदिर है। इसकी दीवारों और स्तंभों (Pillars) पर की गई नक्काशी अद्भुत है। यहाँ स्थित भगवान शिव का शिवलिंग अत्यंत पवित्र माना जाता है।
हनुमान मंदिर और जैन मंदिर (Hanuman Temple and Jain Temples): परिसर में एक प्राचीन हनुमान मंदिर भी है, जहाँ एक विशाल प्रतिमा स्थापित है। इसके अलावा, यहाँ दिगंबर जैन संप्रदाय से जुड़े कुछ अत्यंत सुंदर और शांत मंदिर भी देखने को मिलते हैं।
बारीक नक्काशी (Intricate Carving): यहाँ की मूर्तियों में देवी-देवताओं, नर्तकियों और पौराणिक कथाओं के दृश्यों को पत्थरों पर इतनी जीवंतता से उकेरा गया है कि इन्हें देखना एक अनोखा अनुभव (Unique Experience) बन जाता है।
जुआ फॉल्स: बांसवाड़ा का एक छिपा हुआ जन्नत और खूबसूरत झरना (Jua Falls: A Hidden Paradise and Beautiful Waterfall of Banswara)
राजस्थान के रेगिस्तान से अलग बांसवाड़ा का जुआ फॉल्स (Jua Falls) मानसून में कश्मीर और केरल जैसी मखमली हरियाली बिखेरता है। हमारी टीम के निजी अनुभव (Personal Experience) के अनुसार, ऊंचे पहाड़ों से गिरते झरने की गूंज मन मोह लेती है। प्रकृति के बीच सुकून पाने के लिए इसे अपनी बकेट लिस्ट (Bucket List) में जरूर रखें।
जुआ फॉल्स का मुख्य आकर्षण (Main Attraction of Jua Falls)
ऊंचाई से गिरता पानी (Water Falling from Height): ऊंचे पहाड़ों और चट्टानों के बीच से जब पानी नीचे कुंड में गिरता है, तो वहाँ का नजारा बेहद अद्भुत होता है। झरने के आसपास घने पेड़ और चट्टानी रास्ते इसे एडवेंचर के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन ट्रैकिंग स्पॉट (Tracking Spot) भी बनाते हैं।
फोटोग्राफी के लिए बेस्ट (Best for Photography): यदि आपको प्रकृति की तस्वीरें खींचने का शौक है, तो यह जगह आपको निराश नहीं करेगी। हमारी टीम ने यहाँ वॉटरफॉल के बैकग्राउंड के साथ कई शानदार रील्स और तस्वीरें (Photos & Reels) क्लिक कीं।
सिटी ऑफ हंड्रेड आइलैंड्स: राजस्थान का एक अनोखा और अनसुना स्वर्ग (City of Hundred Islands Rajasthan: A Unique and Unexplored Paradise
दरअसल, बांसवाड़ा से गुजरने वाली माही नदी (Mahi River) पर ‘माही बजाज सागर बांध’ (Mahi Bajaj Sagar Dam) बनाया गया है।इस विशाल बांध के बैकवाटर (Backwater) के कारण यहाँ पानी का एक बहुत बड़ा भराव क्षेत्र बन गया है। इस पानी के बीच में छोटी-बड़ी सैकड़ों हरी-भरी पहाड़ियाँ टापू या द्वीप (Islands) की तरह दिखाई देती हैं। मानसून के दिनों में जब इन टापुओं पर मखमली हरियाली छा जाती है, तो आसमान से देखने पर यह नजारा किसी विदेशी डेस्टिनेशन या केरल के बैकवाटर जैसा महसूस होता है।
चाचा कोटा (Chacha Kota): द्वीपों के इस खूबसूरत नजारे को सबसे करीब से देखने के लिए चाचा कोटा सबसे बेहतरीन पॉइंट है। यहाँ चारों तरफ पहाड़ियों और पानी का ऐसा संगम है कि इसे ‘बांसवाड़ा का कश्मीर’ भी कहा जाता है।
बोटिंग और फोटोग्राफी (Boating & Photography): हमारी टीम ने यहाँ स्थानीय नाविकों की मदद से पानी के बीच बोटिंग का आनंद लिया। इन छोटे-छोटे द्वीपों के बीच से नाव का गुजरना एक थ्रिलिंग एक्सपीरियंस (Thrilling Experience) था। इंस्टाग्राम रील्स और फोटोग्राफी के लिए यह जगह जन्नत जैसी है।
कगादी पिकअप वियर का मुख्य आकर्षण (Main Attractions of Kagdi Pick-up Weir)
खूबसूरत बगीचे और फव्वारे (Beautiful Gardens and Fountains): बाँध के पास बने रंग-बिरंगे बगीचे और शाम को चलने वाले फव्वारे बच्चों और परिवारों के लिए परफेक्ट पिकनिक स्पॉट (picnic spot) बनाते हैं।
प्रवासी पक्षी और बोटिंग (Migratory Birds and Boating): यहाँ के विशाल जलाशय (reservoir) में बोटिंग का आनंद लेते हुए आप कई दुर्लभ विदेशी पक्षियों को देख सकते हैं।
लोकल जायका (Local Flavor): हमारी टीम ने पास के एक देसी ढाबे (local dhaba) पर बांसवाड़ा की मशहूर लोकल डिश कड़कनाथ चिकन और दाल-बाटी का स्वाद लिया, जो वाकई लाजवाब था।
घोटिया अम्बा मेला बांसवाड़ा (Ghotia Amba Fair)
यह प्रसिद्ध मेला हर साल चैत्र महीने की अमावस्या से लेकर पूर्णिमा (Chaitra Amavasya to Purnima) तक, यानी अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार मार्च-अप्रैल (March-April) के दौरान भरता है इस स्थान का संबंध महाभारत काल से है। मान्यता है कि पांडवों ने अपने अज्ञातवास का कुछ समय यहीं बिताया था। यहाँ स्थित पवित्र कुंड में डुबकी लगाना बेहद शुभ माना जाता है।मेले की रंगत देखते ही बनती है, जहाँ पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोग और लोक गीतों की गूंज मन मोह लेती है। दर्शन के बाद हमने पास के ही एक लोकल ढाबे (Local dhaba) पर मक्के की रोटी और पारंपरिक सब्जी का स्वाद लिया, जो वाकई लाजवाब था। यदि आप राजस्थान की वास्तविक जनजातीय संस्कृति को देखना चाहते हैं तो जरूर पधारें।
माही बांध: बांसवाड़ा की लाइफलाइन और एक विशाल जल इंजीनियरिंग का चमत्कार (Mahi Dam Banswara: The Lifeline of Banswara and a Grand Engineering Marvel)
माही बजाज सागर बांध (Mahi Bajaj Sagar Dam) बांसवाड़ा की असली जीवनरेखा (Lifeline) और राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा बांध है। हमारी टीम ने जब मानसून में यहाँ का दौरा किया, तो इसके खुले हुए 16 गेटों से बहते पानी के प्रचंड वेग और चारों तरफ छाई सफेद धुंध ने हमें हैरान कर दिया।हमारे निजी अनुभव (Personal Experience) के आधार पर, यदि आप प्रकृति और पानी की असीम शक्ति को बेहद करीब से देखना चाहते हैं, तो इस मानसून अपनी बकेट लिस्ट (Bucket List) में माही बांध को जरूर शामिल करें।
16 गेट्स का विहंगम दृश्य (Spectacular View of 16 Gates): जब भारी बारिश के कारण बांध पूरी तरह भर जाता है और इसके सभी 16 गेट (16 Gates) खोले जाते हैं, तो पानी का झरना जैसा नजारा देखने देश भर से लोग आते हैं। पानी की आवाज और चारों तरफ उड़ती पानी की बौछारें एक अद्भुत समां बांध देती हैं।
पनबिजली केंद्र (Hydroelectric Power Plant): बांध परिसर के पास ही बिजली उत्पादन की विशाल इकाइयाँ लगी हुई हैं, जिन्हें देखना विज्ञान और इंजीनियरिंग में रुचि रखने वालों के लिए एक बेहतरीन अनुभव (Great Experience) है। हमारी टीम ने यहाँ के खूबसूरत व्यू-पॉइंट्स से कई शानदार तस्वीरें क्लिक कीं।
₹1500 के बजट में बांसवाड़ा ठहरने और यात्रा की प्लानिंग (Stay and Travel Plan in ₹1500 Budget in bansvada)
बजट होटल्स (Budget Hotels): द्वीपों की सैर करने के लिए आपको बांसवाड़ा मुख्य शहर में ही रुकना होगा। शहर के कलेक्ट्री सर्किल और बस स्टैंड के पास ₹1200 से ₹1500 के बजट में बेहतरीन होटल और लॉज आसानी से मिल जाते हैं।
लोकल ट्रांसपोर्ट (Local Transport): मुख्य शहर से चाचा कोटा या बांध के व्यू पॉइंट्स तक जाने के लिए आप स्थानीय ऑटो रिक्शा (Auto Rickshaw) किराए पर ले सकते हैं या बाइक रेंट पर ले सकते हैं, जो आपके बजट में बिल्कुल फिट बैठेगा।
राजस्थान के रेगिस्तानी छवि से बिल्कुल उलट, बांसवाड़ा अपने पानी, पहाड़ों और असीम हरियाली से हर सैलानी को चौंका देता है। चाहे चाचा कोटा (Chacha Kota) के शांत नीले पानी में बोटिंग का आनंद लेना हो, आनंद सागर झील (Anand Sagar Lake) के किनारे सदियों पुराने कल्पवृक्ष को देखना हो, या फिर अर्थूना (Arthuna Temples) के पत्थरों पर उकेरे गए गौरवशाली इतिहास को महसूस करना हो—बांसवाड़ा का हर कोना अपने आप में एक अनोखी कहानी समेटे हुए है।



