खाटू श्याम जी की अर्जी का कपड़ा किस रंग का होता है? जानिए अर्जी लगाने की सही विधि और नियम

खाटू श्याम जी की अर्जी का कपड़ा किस रंग का होता है? जानिए खाटू श्याम जी की अर्जी लगाने के लिए लाल या पीले कपड़े का महत्व, अर्जी की सही विधि, सामग्री, नियम, मंत्र और आरती।

खाटू श्याम जी की अर्जी का कपड़ा किस रंग का होता है? (Khatu Shyam Ji Arzi Cloth Color)

खाटू श्याम जी के मंदिर में या घर पर अर्जी लगाते समय कपड़े के रंग का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों और मंदिर की परंपरा के अनुसार:

मुख्य और सबसे शुभ रंग: खाटू श्याम बाबा की अर्जी के लिए मुख्य रूप से लाल रंग (Red Color) या पीले रंग (Yellow Color) के सूती या रेशमी कपड़े का उपयोग किया जाता है।

लाल रंग का महत्व: लाल रंग को सनातन धर्म में शक्ति, सौभाग्य, पवित्रता और मनोकामना पूर्ति का प्रतीक माना जाता है।

पीले रंग का महत्व: पीला रंग भगवान विष्णु और उनके अवतार श्री कृष्ण (जिनके रूप में बाबा श्याम पूजे जाते हैं) का अत्यंत प्रिय रंग है।

किन रंगों से बचें: बाबा श्याम की अर्जी लगाते समय भूलकर भी काले, नीले या गहरे कत्थई (Brown) रंग के कपड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इन रंगों को पूजा-पाठ और मन्नत की अर्जी में वर्जित माना गया है।

खाटू श्याम अर्जी के कपड़े के साथ और क्या सामग्री चाहिए? ( Khatu shyam ji Arzi Samagri)

बाबा के दरबार में अर्जी लगाने की एक विशेष और प्रामाणिक विधि है, जिसके लिए कुछ जरूरी सामग्री का होना आवश्यक है। इसके लिए सबसे पहले आपको एक सवा मीटर लाल या पीले रंग का छोटा चौकोर कपड़ा और एक पानी वाला जटा नारियल लेना होगा (ध्यान रहे कि नारियल सूखा न हो)। इसके साथ ही नारियल और कपड़े को आपस में बांधने के लिए मौली (कलावा), बाबा के चरणों में श्रद्धा स्वरूप अर्पित करने के लिए एक सवा रुपये या ग्यारह रुपये का सिक्का, और अपनी मनोकामना को स्पष्ट शब्दों में लिखने के लिए एक कोरा कागज और पेन अपने पास जरूर रख लें। इन सभी सामग्रियों के सही तालमेल और पूर्ण श्रद्धा के साथ ही आपकी अर्जी संपूर्ण मानी जाती है।

खाटू श्याम जी की अर्जी लगाने की सही विधि क्या है स्टेप बाय स्टेप ( khatu shyam Step-by-Step Arzi Vidhi)

खाटू श्याम जी की अर्जी लगाने की विधि बहुत ही सरल है, लेकिन इसमें नियमों का पालन करना जरूरी है। आप यह अर्जी खाटू श्याम मंदिर जाकर या अपने घर के पूजा घर में भी लगा सकते हैं।

स्टेप 1: संकल्प और शुद्धि :सबसे पहले स्नान आदि करके पवित्र हो जाएं। यदि घर पर कर रहे हैं तो बाबा श्याम की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं।

स्टेप 2: अर्जी लिखना या मन में दोहराना :एक कोरे कागज पर लाल पेन से सबसे पहले “जय श्री श्याम” लिखें। उसके बाद अपनी समस्या या मनोकामना को साफ-साफ शब्दों में लिखें। अंत में लिखें- “बाबा, मैं अपनी यह अर्जी आपके चरणों में सौंप रहा हूँ, लाज रखना।” (यदि आप लिखना नहीं चाहते, तो नारियल हाथ में लेकर मन में भी बाबा से अपनी बात कह सकते हैं)।

स्टेप 3: नारियल और कपड़े को तैयार करना :अब पानी वाले नारियल के ऊपर उस लिखे हुए कागज (यदि लिखा है तो) और सिक्के को रखें। इसके बाद नारियल को लाल या पीले कपड़े से अच्छी तरह लपेट दें।

स्टेप 4: कलावा (मौली) बांधना :कपड़े से लपेटे हुए नारियल पर कलावा (मौली) लपेटें। मौली लपेटते समय 7 बार लपेटना सबसे शुभ माना जाता है। मौली बांधते समय मन ही मन “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” या “हरे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” का जाप करते रहें।

स्टेप 5: अर्जी सौंपना ;यदि आप मंदिर में हैं: तो इस तैयार अर्जी (नारियल) को खाटू श्याम जी के मंदिर परिसर में तय स्थान पर या बाबा के चरणों के पास अर्पित कर दें।यदि आप घर पर हैं: तो इस अर्जी को अपने घर के मंदिर में बाबा श्याम की तस्वीर के पास रख दें।

श्री खाटू श्याम जी की आरती (Khatu Shyam Ji Ki Aarti)

अर्जी लगाने की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद बाबा श्याम की यह प्रसिद्ध आरती कपूर या घी का दीपक जलाकर जरूर गाएं:

  • ओम जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥ ओम जय…
  • रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे।तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े॥ ओम जय..
  • गल पुष्पों की माला, सिर पर मुकुट धरे।खेवत धूप अग्नि पर, दीपक ज्योति जले॥ ओम जय…
  • मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे।सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे॥ ओम जय…
  • झांझ कटोरा और मृदंग, शंख अनूप बाजे।भक्त आरती गावत, जय-जयकार करे॥ ओम जय..
  • जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे।सेवक जन निज मुख से, श्याम-श्याम उचरे॥ ओम जय…
  • श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे।कहत आलू सिंह जी, मनवांछित फल पावे॥ ओम जय…
  • जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ओम जय..

खाटू श्याम जी की अर्जी के लिए कौन सा नारियल सबसे उत्तम माना जाता है?

अर्जी लगाने के लिए हमेशा पानी वाला जटा नारियल ही सबसे उत्तम और शुभ माना जाता है। सूखा या बिना पानी वाला नारियल इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

क्या बिना कागज पर लिखे भी बाबा श्याम की अर्जी लगाई जा सकती है?

: हाँ, यदि आप कागज पर अपनी मनोकामना नहीं लिखना चाहते, तो आप नारियल को कपड़े में लपेटते समय सीधे मन ही मन बाबा श्याम से अपनी प्रार्थना कह सकते हैं। बाबा केवल भाव देखते हैं।

क्या एक कपड़े और नारियल से परिवार के सभी सदस्यों की अर्जी एक साथ लगाई जा सकती है?

सामान्यतः एक नारियल और कपड़े की पोटली से एक ही मुख्य मन्नत या एक व्यक्ति की विशेष अर्जी लगाई जाती है। यदि अलग-अलग समस्याएं हैं, तो अलग से अर्जी लगाना बेहतर माना जाता है।

खाटू श्याम अर्जी की पोटली में सवा रुपया या ग्यारह रुपया रखना क्यों जरूरी है?

सनातन परंपरा में कोई भी पूजा या मन्नत बिना दक्षिणा के अधूरी मानी जाती है। यह सिक्का बाबा के प्रति आपकी श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक होता है।

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