गैब सागर झील डूंगरपुर: पहाड़ों की नगरी का ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्वर्ग (Gaib Sagar Lake Dungarpur – A Historic and Natural Paradise)

पहाड़ों की नगरी (City of Hills Dungarpur) के केंद्र में स्थित गैब सागर झील डूंगरपुर (Gaib Sagar Lake) कृत्रिम मीठे पानी की झील (Artificial Freshwater Lake) न केवल शहर की जीवन रेखा है, बल्कि यहाँ के गौरवशाली इतिहास, बेजोड़ वास्तुकला और समृद्ध जैव विविधता (Biodiversity) का सबसे बड़ा केंद्र भी है।

Rajasthan Travel Guide Contents

फैक्ट फाइल: गैब सागर झील डूंगरपुर (Fact File: Gaib Sagar Lake Dungarpur)

  • स्थान (Location) मुख्य शहर केंद्र, डूंगरपुर जिला, राजस्थान, भारत (Dungarpur, Rajasthan)
  • झील का प्रकार (Lake Type) कृत्रिम मीठे पानी की झील (Artificial Freshwater Lake)
  • निर्माण वर्ष (Year of Construction) 1428 ईस्वी (15वीं शताब्दी)
  • मुख्य निर्माता (Built By) महारावल गोपीनाथ / गैपा रावल (Maharawal Gopinath)
  • अन्य नाम (Alternative Names) गैप सागर झील / गैपा सागर (Gap Sagar Lake)
  • मुख्य ऐतिहासिक धरोहर (Key Heritage) बादल महल (झील के बीच में) और उदय बिलास पैलेस (झील के किनारे)
  • धार्मिक स्थल (Religious Sites) श्री विजय राजराजेश्वर मंदिर (शिव मंदिर) और श्रीनाथजी मंदिर समूह
  • प्रवेश शुल्क (Entry Fee) बिल्कुल मुफ्त (Free Entry)
  • घूमने का समय (Timings) सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक (पाल/घाट के लिए)
  • मुख्य आकर्षण (Top Attractions) बर्ड वाचिंग, फोटोग्राफी, हेरिटेज वॉक और सूर्यास्त का नज़ारा (Sunset View)
  • नज़दीकी हवाई अड्डा (Nearest Airport) महाराणा प्रताप हवाई अड्डा, उदयपुर (Udaipur Airport) – दूरी लगभग 125 किमी
  • नज़दीकी रेलवे स्टेशन (Nearest Railway Station) डूंगरपुर रेलवे स्टेशन (DNRP) – मुख्य शहर से मात्र 3 किमी की दूरी पर
  • कैसे पहुँचें (How to Reach) राष्ट्रीय राजमार्ग 48 (NH-48) द्वारा उदयपुर (106 किमी) और अहमदाबाद (180 किमी) से सीधी सड़क कनेक्टिविटी।
  • बजट होटल (Budget Stay Option) होटल रामनिवास, गायत्री होटल और सनराइज होटल (किराया: ₹1,000 – ₹1,500)
  • शाही होटल (Luxury Stay Option) उदय बिलास पैलेस (Udai Bilas Palace) – किराया: ₹11,000 – ₹15,000+ प्रति रात
  • प्रसिद्ध स्थानीय भोजन (Famous Food) वागड़ी दाल-बाटी-चूरमा, मक्के की रोटी, कढ़ी और लहसुन की चटनी

गैब सागर झील डूंगरपुर का इतिहास (History of Gaib Sagar Lake)

मुख्य निर्माता (The Builder): इस विशाल झील का निर्माण डूंगरपुर राज्य के तत्कालीन प्रतापी शासक महारावल गोपीनाथ (Maharawal Gopinath) ने करवाया था।

निर्माण का वर्ष (Construction Year): इस कृत्रिम जलाशय की नींव सन 1428 (1428 CE) में रखी गई थी।

नामकरण के पीछे की कहानी (Story Behind the Name): महारावल गोपीनाथ को स्थानीय वागड़ी भाषा में आदरपूर्वक ‘गैपा रावल’ (Gaipa Rawal) भी पुकारा जाता था। उन्हीं के नाम पर इस झील का नाम ‘गैपा सागर’ पड़ा, जो समय के साथ बदलकर गैब सागर या गैप सागर झील (Gap Sagar Lake) के रूप में प्रसिद्ध हो गया।

गैब सागर लेक डूंगरपुर के मुख्य आकर्षण (Top Tourist Attractions near Gaib Sagar Lake)

1. बादल महल डूंगरपुर (Badal Mahal)

झील के ठीक बीचो-बीच पानी पर तैरता हुआ सा दिखने वाला बादल महल वास्तुकला का एक बेजोड़ नमूना है। यह महल राजपूत और मुगल स्थापत्य शैली (Rajput and Mughal Architectural Style) का एक अद्भुत मिश्रण प्रदर्शित करता है। इसका ग्राउंड फ्लोर महारावल गोपीनाथ ने ही बनवाया था, जबकि इसके सुंदर गुंबदों (Domes) का निर्माण बाद के शासकों ने करवाया।

2. होटल उदइ बिलास पैलेस डूंगरपुर (Udai Bilas Palace)

झील के दक्षिणी किनारे पर स्थित हॉटेल उदइ बिलास एक बेहद भव्य और आलीशान हेरिटेज पैलेस (Heritage Palace) है। स्थानीय नीले-धूसर पारेवा पत्थर (Blue-Grey Pareva Stone) से निर्मित इस महल की बारीक नक्काशी देखने लायक है। आज यह एक लक्जरी होटल (Luxury Hotel) में बदल चुका है, जहाँ उदय बिलास पैलेस में एक रात रुकने का किराया (Udai Bilas Palace Room Tariff) लगभग ₹11,000 से ₹15,000 के बीच होता है।

3. श्री विजय राजराजेश्वर मंदिर डूंगरपुर (Vijay Rajrajेश्वर Temple)

प्रसिद्ध शिव मंदिर स्थापत्य कला की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। महारावल शिव सिंह द्वारा शुरू किए गए और महारावल विजय सिंह द्वारा पूर्ण करवाए गए इस मंदिर के गर्भगृह में चतुरानन (चार मुख वाले) शिव लिंग की प्रतिमा स्थापित है।

गैब सागर लेक डूंगरपुर बर्ड वाचिंग (Bird Watching at Gaib Sagar Lake)

प्रकृति प्रेमियों और पक्षी विदों (Bird Watchers) के लिए यह झील किसी जन्नत से कम नहीं है। सर्दियों के महीनों में यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) जीवंत हो उठता है:

प्रवासी पक्षी (Migratory Birds): सर्दियों के दौरान यहाँ साइबेरिया और मध्य एशिया से उड़कर आने वाले बार-हेडेड गूज (Bar-headed Goose), यूरेशियन विजन (Eurasian Wigeon), पिंटेल (Pintail) और विभिन्न प्रजातियों के डक्स (Ducks) डेरा डालते हैं।

स्थानीय प्रजातियाँ (Resident Species): सालभर यहाँ पर्पल मूरहेन (Purple Moorhen), कॉर्मोरेंट (Cormorant) और वाइट-ब्रेस्टेड वॉटरहेन (White-breasted Waterhen) जैसी प्रजातियाँ आसानी से देखी जा सकती हैं।

गैब सागर झील डूंगरपुर के पास रुकने के लिए बजट होटल (Budget Hotels near Gaib Sagar Lake)

यदि आप गैब सागर झील के सुरम्य नज़ारों का आनंद लेना चाहते हैं और आपका बजट सीमित है, तो डूंगरपुर में झील और बस स्टैंड के पास कई बेहतरीन बजट विकल्प उपलब्ध हैं। हमारी टीम ने अपने स्थानीय अनुभव के आधार पर कुछ सबसे भरोसेमंद बजट होटलों को शॉर्टलिस्ट किया है:

हॉटेल रामनिवास (Hotel Ramniwas): यह झील और मुख्य बाजार के काफी करीब स्थित एक बेहद लोकप्रिय बजट होटल है। यहाँ साफ-सुथरे कमरों के साथ अच्छी सर्विस मिल जाती है। (कमरे की शुरुआत लगभग ₹1,000 – ₹1,500 से होती है)।

गायत्री होटल (Gayatri Hotel): ओल्ड बस स्टैंड के पास स्थित यह होटल कम बजट में यात्रा करने वालों के लिए एक और बढ़िया विकल्प है, जहाँ से गैब सागर झील आसानी से पहुँच सकते हैं।

सनराइज होटल (Sunrise Hotel) और होटल अतिथि पैलेस: ये दोनों भी आरामदायक और साफ-सुथरे कमरों के लिए जाने जाते हैं और पॉकेट-फ्रेंडली हैं।

सागर डाइनिंग हॉल एंड गेस्ट हाउस (Sagar Guest House): शास्त्री कॉलोनी में स्थित यह गेस्ट हाउस ठहरने के साथ-साथ बजट अनुकूल भोजन के लिए भी जाना जाता है।

डूंगरपुर में बेस्ट सनसेट पॉइंट (Sunset Point) कहाँ है?

डूंगरपुर में सूर्यास्त का सबसे खूबसूरत और रोमांटिक नज़ारा कहीं और नहीं बल्कि स्वयं गैब सागर झील की मुख्य पाल (Gaib Sagar Lake Embankment) और उसके आसपास ही मिलता है। हमारी टीम ने डूंगरपुर में बेस्ट सनसेट के लिए दो बेहतरीन स्पॉट्स का अनुभव किया है:

गैब सागर लेक की मुख्य पाल (The Promenade): झील के पूर्वी किनारे पर खड़े होकर जब आप पश्चिम की तरफ देखते हैं, तो अरावली की पहाड़ियों के पीछे छिपता हुआ सूरज अपना लाल-नारंगी रंग पूरी झील के पानी पर बिखेर देता है। पानी के बीचो-बीच स्थित बादल महल के पीछे डूबता सूरज फोटोग्राफर्स के लिए एक परफेक्ट ‘सिलुएट’ (Silhouette) फ्रेम बनाता है।

जूना महल रोड / पहाड़ी के रास्ते (Juna Mahal Approach): चूंकि जूना महल पहाड़ियों की तलहटी और ऊंचाई पर स्थित है, इसके ऊपरी झरोखों या महल की तरफ जाने वाले पहाड़ी रास्ते से शाम के समय पूरे डूंगरपुर शहर और गैब सागर झील का एक साथ विहंगम दृश्य (Panoramic Sunset View) दिखाई देता है।

सर्दियों में डूंगरपुर में कौन से प्रवासी पक्षी (Migratory Birds) आते हैं?

बार-हेडेड गूज (Bar-headed Goose): ये पक्षी मध्य एशिया और तिब्बत के ऊंचे पर्वतों को पार करके यहाँ पहुँचते हैं और झील के उथले पानी में झुंड में देखे जा सकते हैं।

पिंटेल (Northern Pintail): अपनी लंबी और नुकीली पूंछ के लिए पहचाने जाने वाली यह बत्तख साइबेरिया और ठंडे देशों से आती है।

यूरेशियन विजन (Eurasian Wigeon): यह भी एक खूबसूरत प्रवासी बत्तख है जो सर्दियों में इस झील को अपना घर बनाती है।

अन्य नियमित पक्षी: इनके अलावा कूट्स (Coots), विभिन्न प्रकार के पोचार्ड्स (Pochards), शोवेलर (Shoveler) और रूडी शेल्डक (Ruddy Shelduck – जिसे स्थानीय भाषा में सुर्खाब या चक्रवाक भी कहते हैं) भारी संख्या में यहाँ आते हैं।

गैब सागर लेक डूंगरपुर पर बर्ड वाचिंग (Bird Watching) के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?

सुबह का समय (Morning Session): सुबह 6:00 बजे से 8:30 बजे तक। यह समय बर्ड वाचिंग के लिए सबसे जादुई होता है। सुबह के शांत वातावरण में पक्षी सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं, भोजन की तलाश में पानी में गोते लगाते हैं और उनकी चहचहाहट पूरे माहौल को गूंजमय बना देती है।

शाम का समय (Evening Session): शाम 4:30 बजे से सूर्यास्त तक। इस समय पक्षी अपने घोंसलों या झील के बीच बने टापुओं और पत्थरों पर वापस लौटने लगते हैं, जो फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन लाइट (Golden Hour) प्रदान करता है।

गैब सागर झील डूंगरपुर का निर्माण किसने और कब करवाया था? (Who Built Gaib Sagar Lake & When)

गैब सागर झील (Gaib Sagar Lake) का निर्माण डूंगरपुर रियासत के प्रतापी महारावल गोपीनाथ (Maharawal Gopinath) ने करवाया था, जिन्हें स्थानीय इतिहास में आदर से ‘गैपा रावल’ (Gaipa Rawal) भी पुकारा जाता था। उन्हीं के नाम पर इस जलाशय का नाम गैब सागर पड़ा। इसका निर्माण सन 1428 (1428 CE) में वागड़ क्षेत्र की प्रजा को भीषण जल संकट से उबारने और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया था।

क्या गैब सागर झील डूंगरपुर में बोटिंग (Boating) की सुविधा उपलब्ध है और उसके चार्जेस क्या हैं? (Boating in Gaib Sagar Lake and Charges)

बोटिंग की सुविधा: हाँ, गैब सागर झील में पर्यटकों के लिए बोटिंग (Boating) की सुविधा उपलब्ध है। झील के साफ पानी में बोटिंग करते हुए बीच में बने बादल महल को पास से देखना और पानी से पूरे शहर का नजारा लेना एक जादुई अनुभव है।

अनुमानित चार्जेस (Boating Charges): यहाँ साधारण पैडल बोट (Pedal Boat) और स्पीड बोट (Speed Boat) दोनों के विकल्प मिलते हैं।पैडल बोट: लगभग ₹50 से ₹100 प्रति व्यक्ति (30 मिनट के लिए)।स्पीड बोट: लगभग ₹150 से ₹250 प्रति व्यक्ति (एक राउंड के लिए)।टीम टिप (Team Tip): बोटिंग के लिए शाम 4:30 से 6:00 बजे का समय सबसे बेहतरीन रहता है।

डूंगरपुर में 2 दिन में घूमने की सबसे अच्छी जगहें कौन सी हैं? (Best Places to Visit in Dungarpur in 2 Days)

दिन 1 (Day 1): शहर की ऐतिहासिक धरोहरें

जूना महल (Juna Mahal): सुबह की शुरुआत 13वीं शताब्दी के इस भव्य सात मंजिला महल से करें, जहां की भित्ति चित्रकारी (Fresco Paintings) बेजोड़ है। यहाँ हमारे स्थानीय गाइड (Local Guide) ने इतिहास की कई दिलचस्प कहानियाँ साझा कीं।

गैब सागर झील और बादल महल (Gaib Sagar Lake & Badal Mahal): दोपहर के बाद इस शांत झील के किनारे जाएँ और पानी के बीच बने खूबसूरत बादल महल को निहारें।

उदय बिलास पैलेस (Udai Bilas Palace): शाम को झील के किनारे बने इस शानदार हेरिटेज पैलेस की खूबसूरत नक्काशीदार वास्तुकला को देखने जाएँ।

दिन 2 (Day 2): आस्था और प्राकृतिक संगम

देव सोमनाथ मंदिर (Deo Somnath Temple): दूसरे दिन की सुबह सोम नदी के तट पर स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर से करें, जो बिना किसी गारे-चूने (Interlocking Stones) के बना है। बेणेश्वर धाम (Baneshwar Dham): इसके बाद सोम, माही और जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम पर स्थित इस पवित्र आदिवासी तीर्थस्थल के दर्शन करें।

डूंगरपुर से गैब सागर की दूरी और पहुँचने का रास्ता (Dungarpur se Gaib Sagar ki duri)

गैब सागर झील डूंगरपुर शहर के बिल्कुल केंद्र में स्थित है। यदि आप मुख्य शहर या बस स्टैंड से आ रहे हैं, तो डूंगरपुर से गैब सागर की दूरी (Dungarpur se Gaib Sagar ki duri) मात्र 1 से 2 किलोमीटर है। आप स्थानीय ऑटो या रिक्शा लेकर आसानी से 5 से 10 मिनट में यहाँ पहुँच सकते हैं। जो पर्यटक उदयपुर से आ रहे हैं, उनके लिए उदयपुर से डूंगरपुर की दूरी (Udaipur to Dungarpur distance) लगभग 100 किलोमीटर है, जिसे आप नेशनल हाईवे द्वारा 2 घंटे में तय कर सकते हैं।

गैब सागर झील डूंगरपुर और हमारा अनुभव

हमारी टीम ने जब यहाँ का दौरा किया, तो हमने पाया कि झील के खूबसूरत नजारों के साथ-साथ यहाँ का स्ट्रीट फूड भी लाजवाब है। अगर आप गैब सागर के पास बेस्ट लोकल फूड (Best local food near Gaib Sagar) का स्वाद लेना चाहते हैं, तो झील के किनारे स्थित स्थानीय चौपाटी और छोटे स्टॉल्स पर जरूर जाएं।

लोकल ढाबा/दुकान का एक्सपीरियंस: हमारी टीम ने झील के ठीक सामने स्थित एक लोकल राजस्थानी ढाबे पर वहाँ की प्रसिद्ध दाल बाटी चूरमा (Dal Baati Churma) और गरमा-गरम मिर्ची वड़ा (Mirchi Vada) ट्राई किया, जिसका स्वाद वाकई बेमिसाल था। इसके अलावा, शाम के समय यहाँ मिलने वाली स्पेशल कुल्हड़ चाय (Kulhad Chai) का अनुभव तो बिल्कुल मिस न करें।

डूंगरपुर पर्यटन और साइटसीइंग के नियम (Dungarpur sightseeing rules)

एक जिम्मेदार पर्यटक के रूप में आपको डूंगरपुर साइटसीइंग के नियमों (Dungarpur sightseeing rules) का पालन जरूर करना चाहिए। गैब सागर झील और इसके आसपास के ऐतिहासिक स्मारकों (जैसे बादल महल और विजय राजराजेश्वर मंदिर) को देखते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

स्वच्छता का ध्यान: झील के आसपास या पानी में प्लास्टिक की बोतलें या कचरा फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

फोटोग्राफी के नियम (Photography rules): कुछ मंदिरों और महल के अंदरूनी हिस्सों में कैमरे से फोटो खींचने के लिए स्थानीय प्रशासन या गाइड से अनुमति लेनी होती है।

स्थानीय गाइड की मदद (Local Guide Support): हमारी टीम ने यहाँ के इतिहास को गहराई से समझने के लिए एक स्थानीय गाइड (Local Tour Guide) की मदद ली थी, जिन्होंने हमें गैब सागर के निर्माण और महारावल गोपीनाथ के इतिहास से जुड़ी कई रोचक बातें बताईं। हमारा सुझाव है कि आप भी गाइड जरूर हायर करें।

गैब सागर झील डूंगरपुर के पास प्रसिद्ध रेस्टोरेंट (Best Restaurants near Gaib Sagar Lake)

खम्मा घणी सा रेस्टोरेंट (Khamma Ghani Sa Restaurant): यह रेस्टोरेंट गैब सागर झील के रिंग रोड पर बादल महल (Badal Mahal) के बिल्कुल पास स्थित है। यहाँ से झील का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। यह जगह शुद्ध शाकाहारी राजस्थानी और उत्तर भारतीय भोजन (Pure Veg Rajasthani & North Indian Food) के लिए बेहद प्रसिद्ध है।

हँसमुख काठियावाड़ी और राजस्थानी रेस्टोरेंट: अगर आप ट्रेडिशनल थाली का स्वाद लेना चाहते हैं, तो झील से कुछ ही दूरी पर स्थित लोकल डाइनिंग हॉल्स में जा सकते हैं, जहाँ बेहद वाजिब दाम में पेट भरकर भोजन मिलता है।

साईं पैलेस रेस्टोरेंट (Sai Palace Restaurant): यह फैमिली के साथ डिनर करने के लिए एक बेहतरीन और शांत जगह है। यहाँ पंजाबी, चाइनीज और राजस्थानी व्यंजनों की विस्तृत रेंज उपलब्ध है।

डूंगरपुर का प्रसिद्ध स्थानीय भोजन और स्ट्रीट फूड (Famous Local Food in Dungarpur)

डूंगरपुर का खान-पान पारंपरिक राजस्थानी और वागड़ संस्कृति (Vagad Culture) का एक अनोखा मिश्रण है। गैब सागर झील के किनारे शाम को लगने वाली चौपाटी और स्थानीय दुकानों पर आपको इन व्यंजनों का स्वाद जरूर लेना चाहिए:

राजस्थानी दाल बाटी चूरमा (Dal Baati Churma): डूंगरपुर यात्रा तब तक अधूरी है जब तक आप यहाँ की देसी घी से भरपूर दाल बाटी और पारंपरिक चूरमे का स्वाद न चख लें।

कचौरी और मिर्ची वड़ा (Kachori & Mirchi Vada): सुबह के नाश्ते या शाम की चाय के साथ यहाँ के तीखे और चटपटे मिर्ची वड़े और प्याज की कचौरी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

पानी पुरी और चाट काउंटर: शाम के समय गैब सागर झील के किनारे टहलते हुए स्थानीय चौपाटी पर मिलने वाली तीखी पानी पुरी और आलू टिक्की चाट का लुत्फ उठाना एक अलग ही मज़ा देता है।

गैब सागर झील डूंगरपुर के बीच में स्थित महल का नाम क्या है?

गैब सागर झील (Gaib Sagar Lake) के बिल्कुल मध्य (बीच) में स्थित बादल महल (Badal Mahal) डूंगरपुर की सबसे खूबसूरत और प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। पानी के बीचों-बीच स्थित होने के कारण इसे दूर से देखना ऐसा प्रतीत होता है मानो कोई महल पानी पर तैर रहा हो। अपनी अनूठी और बेमिसाल वास्तुकला (Architecture) के कारण यह महल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

अहमदाबाद से डूंगरपुर की दूरी और रूट मैप (Ahmedabad to Dungarpur route)

अहमदाबाद से डूंगरपुर की सड़क मार्ग द्वारा कुल दूरी लगभग 175 किलोमीटर है।यात्रा का समय: इस सफर को तय करने में आपको कार द्वारा लगभग 3 घंटे 2 मिनट का समय लगेगा।मुख्य रूट मैप: इसके लिए सबसे बेस्ट और चालू रास्ता उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे (NH 48) है। यह रूट हिम्मतनगर और शामलाजी होते हुए सीधे डूंगरपुर बॉर्डर में प्रवेश करता है। यह फोर-लेन हाईवे यात्रा के लिए बेहद सुगम और सुरक्षित माना जाता है।

डूंगरपुर रेलवे स्टेशन से गैब सागर झील कैसे पहुँचें? (How to reach Gaib Sagar from Dungarpur railway station)

दूरी और समय: रेलवे स्टेशन से झील की कुल दूरी 4.4 किलोमीटर है। NH927A के रास्ते कार या ऑटो से जाने पर मात्र 10 मिनट का समय लगता है।

पहुँचने का साधन: स्टेशन के बाहर से आपको स्थानीय ऑटो-रिक्शा या टैक्सी बहुत आसानी से मिल जाएगी, जो आपको सीधे गैब सागर की मुख्य पाल (रिंग रोड) तक छोड़ देगी।

उदयपुर से डूंगरपुर की दूरी (Udaipur to Dungarpur distance by road)

उदयपुर से डूंगरपुर की सड़क मार्ग द्वारा कुल दूरी लगभग 105 किलोमीटर है। यदि आप कार या टैक्सी से यात्रा करते हैं, तो उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे (NH 48) के रास्ते डूंगरपुर पहुँचने में आपको 1 घंटे 49 मिनट का समय लगेगा।

गैब सागर झील डूंगरपुर से जुड़े अद्भुत और रोचक तथ्य (Interesting Facts about Gaib Sagar Lake)

पानी पर तैरता हुआ दिखाई देता है महल (Floating Palace Appearance)झील के बिल्कुल मध्य में बना प्रसिद्ध बादल महल (Badal Mahal) इस तरह डिजाइन किया गया है कि दूर से देखने पर यह पानी की सतह पर तैरता हुआ नजर आता है। राजपूती और मुगल स्थापत्य कला के इस अनोखे संगम को देखने के लिए देश-विदेश से फोटोग्राफर्स यहाँ आते हैं।

एक राजा के सम्मान में दूसरा नाम (Also Known as Edward Sagar Dam)इस झील को ‘एडवर्ड सागर बांध’ (Edward Sagar Dam) भी कहा जाता है। डूंगरपुर के महारावल विजय सिंह ने दिल्ली के ब्रिटिश शासक प्रिंस ऑफ वेल्स एडवर्ड सप्तम (Edward VII) के सम्मान में इस पूरी झील का नाम बदल दिया था, जो इतिहास का एक अनोखा मोड़ है।

दुर्लभ हरे पत्थरों का चमत्कार (Built with Rare Green Stones)झील के किनारे बने स्मारकों और विजय राजराजेश्वर मंदिर के निर्माण में एक विशेष हरे रंग के पारेवा पत्थर (Green Parewa Stone) का इस्तेमाल किया गया है। यह पत्थर केवल इसी क्षेत्र में पाया जाता है और धूप पड़ने पर इसकी चमक और निखर उठती है।

पक्षी प्रेमियों का स्वर्ग (Paradise for Bird Watchers)गैब सागर झील सर्दियों के मौसम में एक बर्ड सेंचुरी (Bird Sanctuary) जैसी बन जाती है। यहाँ साइबेरिया और अन्य ठंडे देशों से सैकड़ों प्रजातियों के प्रवासी पक्षी (Migratory Birds) आते हैं। यदि आप सुबह के समय यहाँ आते हैं, तो आपको बर्ड वाचिंग (Bird Watching in Dungarpur) का एक अद्भुत अनुभव मिलता है।

एक ही पत्थर से बना विशाल मंदिर (Monolithic Architecture Influence)झील के तट पर स्थित विजय राजराजेश्वर मंदिर (Vijay Rajarajeshwar Temple) भगवान शिव को समर्पित है। इसकी सबसे बड़ी रोचक बात यह है कि इसकी भव्य नक्काशी और ऊंचे शिखरों को तराशने में मूर्तिकारों को कई साल लगे थे और यह वागड़ क्षेत्र की सबसे बेहतरीन शिल्पकला मानी जाती है।

हमें उम्मीद है कि डूंगरपुर की ऐतिहासिक गैब सागर झील (Gaib Sagar Lake) पर आधारित हमारा यह आर्टिकल आपकी यात्रा को आसान और मजेदार बनाएगा। हमारी टीम के ग्राउंड एक्सपीरियंस के आधार पर यह वागड़ पर्यटन का सबसे खूबसूरत हिस्सा है, जिसे आपको अपनी राजस्थान यात्रा में जरूर शामिल करना चाहिए।कैसा लगा हमारा यह आर्टिकल आपकी सार्थक राय दें ताकि हम और सुधार कर सकें।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top