बाड़मेर का मेसू पाक “बाहर पीला, अंदर लाल! जानिए बाड़मेर के इस जादुई ‘मेसू पाक’ का पूरा सच”

जानिए बाड़मेर का मेसू पाक और उसका इतिहास, जोधपुर कनेक्शन और इसके अनोखे दो रंग का सच। सफर में 30 दिन तक न खराब होने वाली इस मिठाई की पूरी कहानी यहाँ पढ़ें!

बाड़मेर के मेसू पाक का इतिहास (History of Barmer Mesu Pak)

शुरुआती तौर पर ‘मैसूर पाक’ की शुरुआत कर्नाटक के मैसूर पैलेस के शाही रसोइयों द्वारा की गई थी। लेकिन जब यह मिठाई मारवाड़ (जोधपुर और बाड़मेर) के स्थानीय हलवाइयों के हाथों में पहुँची, तो उन्होंने इसे पूरी तरह से एक नया राजस्थानी रूप दे दिया।बाड़मेर के स्थानीय कारीगरों ने इस मिठाई में शुद्ध देसी घी, बारीक बेसन और चाशनी के अनुपात को इस तरह बदला कि यह मैसूर पाक से बदलकर ‘मेसू पाक’ या ‘मेसू’ हो गया। आज बाड़मेर रेलवे स्टेशन के पास और मुख्य बाजारों में मिलने वाला मेसू पाक दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद है।

बाड़मेर के मेसू पाक की मुख्य विशेषताएं (Unique Features of Barmer Mesu Pak)

मुंह में घुल जाने वाला स्वाद: पारंपरिक मैसूर पाक थोड़ा सख्त (Hard) या जालीदार हो सकता है, लेकिन बाड़मेर का मेसू पाक बेहद नरम होता है। यह मुंह में रखते ही मक्खन की तरह घुल जाता है।

लंबी शेल्फ लाइफ (Long Shelf Life): इस मिठाई की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सामान्य तापमान (Room Temperature) पर भी 20 से 25 दिनों तक खराब नहीं होती। यही कारण है कि लोग इसे सफर में ले जाना या विदेशों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों को भेजना पसंद करते हैं।

शुद्ध देसी घी की खुशबू: इसे बनाने में भारी मात्रा में शुद्ध देसी घी का उपयोग किया जाता है, जो इसकी खुशबू और स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है।

त्योहारों की शान: बाड़मेर और आसपास के इलाकों में दिवाली, रक्षाबंधन और शादियों के सीजन में मेसू पाक की मांग आसमान छूने लगती है।

घर पर कैसे बनाएं बाड़मेर स्टाइल मेसू पाक? (Mesu Pak Recipe)

सामग्री: 1 कप बेसन, 2 कप शुद्ध देसी घी, 1.5 कप चीनी, ½ कप पानी और 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर।

सबसे पहले सॉसपैन में दो कप देसी घी धीमी आंच पर हल्का गर्म रखें। अब एक कप छने हुए बेसन में आधा कप यही गर्म घी मिलाकर एक स्मूथ पेस्ट तैयार कर लें। इसके बाद, कढ़ाई में डेढ़ कप चीनी और आधा कप पानी मिलाकर एक तार की चाशनी उबालें। आंच धीमी करके चाशनी में बेसन का पेस्ट डालें और उसे लगातार चलाते रहें। अब बचा हुआ डेढ़ कप गर्म घी थोड़ा-थोड़ा करके मिश्रण में तब तक मिलाते जाएं जब तक बेसन सारा घी सोखकर जालीदार न हो जाए और कढ़ाई के किनारे न छोड़ दे। अंत में, इस गर्म मिश्रण को तुरंत घी लगी थाली में फैलाएं और हल्का ठंडा होने पर चाकू से चौकोर टुकड़ों में काट लें।

JMB Barmer Mesu Pak जोधपुर मिष्ठान भंडार बाड़मेर मेसू पाक

बाड़मेर के स्टेशन रोड पर स्थित जोधपुर मिष्ठान भंडार (JMB) को यहाँ के प्रसिद्ध मेसू पाक की जन्मस्थली माना जाता है। करीब 63 साल पहले जोधपुर से आए श्री मोतीलाल जी ने इसकी शुरुआत की थी। उन्होंने दक्षिण भारतीय मैसूर पाक को मारवाड़ी अंदाज में ढालकर इस ‘मेसू पाक’ को ईजाद किया। 100% शुद्ध देसी घी और बारीक बेसन से बनी यह मिठाई बाहर से पीली और अंदर से गहरी लाल (Two-Tone) होती है। अपनी बेजोड़ जालीदार बनावट और 30 दिनों की लंबी शेल्फ लाइफ के कारण JMB का मेसू पाक देश-विदेश में उपहार भेजने के लिए पर्यटकों की पहली पसंद है।

बाड़मेर में मेसू पाक कहाँ से खरीदें? (Where to Buy)

अगर आप कभी बाड़मेर की यात्रा पर जा रहे हैं, तो यहाँ के स्थानीय बाजारों (जैसे स्टेशन रोड, ढाणी बाजार) में आपको कई दशकों पुरानी हलवाइयों की दुकानें मिलेंगी। ‘जोधपुर स्वीट्स’, ‘बाड़मेर स्वीट्स’ और स्टेशन के पास स्थित पारंपरिक दुकानें अपने शुद्ध और असली मेसू पाक के लिए जानी जाती हैं। आज के डिजिटल युग में कई स्थानीय ब्रांड्स इसे ऑनलाइन डिलीवर भी कर रहे हैं।

जोधपुर का मेसू पाक

जोधपुर का मेसू पाक मारवाड़ की अनूठी हलवाई कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मूल रूप से दक्षिण भारतीय ‘मैसूर पाक’ से प्रेरित इस मिठाई को जोधपुर के हुनरमंद कारीगरों ने राजस्थानी स्वाद में ढाला है। जोधपुर के पोकर स्वीट होम, जनता स्वीट होम और जोधपुर स्वीट्स पर यह मिठाई अपने प्रामाणिक स्वाद में मिलती है।इसे बारीक बेसन, चीनी की एक तार की चाशनी और भारी मात्रा में शुद्ध देसी घी के मेल से बनाया जाता है। जोधपुर के मेसू पाक की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी अद्भुत ‘दोहरी रंगत’ (Two-Tone Look) और जालीदार बनावट है। सटीक आंच और तापमान नियंत्रण के कारण यह बाहर से हल्का पीला और अंदर से गहरा कत्थई (लाल) होता है। मुंह में मक्खन की तरह घुल जाने वाली यह मिठाई पूरी तरह से नमी-मुक्त (Moisture-free) होती है, जिसके कारण यह सफर के दौरान भी महीने भर तक खराब नहीं होती

बाड़मेर की प्रसिद्ध मिठाई (Barmer famous sweets)

बाड़मेर की प्रसिद्ध मिठाइयों में सबसे पहला नाम मेसू पाक (Mesu Pak) का आता है। शुद्ध देसी घी, चीनी और बेसन से बनी यह दो रंग वाली (बाहर पीला, अंदर लाल) जालीदार मिठाई बाड़मेर की पहचान है। इसके अलावा यहाँ की थार की राबड़ी, देसी घी के लड्डू, और मावा कचौरी भी बेहद लोकप्रिय हैं। यहाँ की मिठाइयों की सबसे बड़ी खासियत इनका पारंपरिक मारवाड़ी स्वाद और लंबी शेल्फ लाइफ है। स्टेशन रोड स्थित जोधपुर मिष्ठान भंडार (JMB) और महावीर नगर का जोधपुर स्वीट्स इन प्रामाणिक मिठाइयों को खरीदने के लिए सबसे प्रसिद्ध और विश्वसनीय ठिकाने माने जाते हैं।

बाड़मेर के मेसू पाक का अनोखा दो-रंग (Two-Tone) लुक और विज्ञान:

बाड़मेर का मेसू पाक बाहर से हल्का पीला और अंदर से गहरा लाल या कत्थई (Reddish-brown) होता है, जो बिना किसी कृत्रिम रंग के बनता है। इसका कारण हलवाइयों का सटीक तापमान नियंत्रण और सिकाई का विज्ञान है। जब उबलती चाशनी-बेसन में खौलता हुआ देसी घी डालकर इसे गहरे बर्तनों में जमाया जाता है, तो हवा के संपर्क से बाहरी परत तुरंत ठंडी होकर पीली रह जाती है। इसके विपरीत, अंदरूनी हिस्से में घी की अत्यधिक गर्मी कैद रहने से बेसन अंदर ही अंदर कुछ मिनटों तक और सिकता है, जिससे चीनी कैरेमलाइज होकर उसे गहरा लाल रंग और बेजोड़ सोंधापन देती है।

बाड़मेर के मेसू पाक के 20 से 30 दिन तक खराब न होने का राज (इसके पीछे का विज्ञान)

मावे या दूध की मिठाइयों के विपरीत मेसू पाक लंबे समय तक सुरक्षित रहता है, जिसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं। पहला, तेज आंच और खौलते घी के कारण इसमें नमी का नामोनिशान नहीं रहता, जिससे बैक्टीरिया या फंगस का खतरा खत्म हो जाता है। दूसरा, इसमें उपयोग होने वाला 100% शुद्ध देसी घी एक प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव (संरक्षक) का काम करता है जो इसकी ताजगी बनाए रखता है। तीसरा, ऊंचे तापमान पर बेसन की गहरी और बारीक सिकाई इसके कच्चेपन को पूरी तरह खत्म कर देती है, जिससे यह मिठाई समय के साथ और अधिक सोंधी व सुरक्षित बनी रहती है।

जोधपुर स्वीट्स एंड स्नैक्स – महावीर नगर, बाड़मेर

बाड़मेर के वीआईपी इलाके महावीर नगर (बीएसएनएल ऑफिस रोड) में स्थित यह आधुनिक स्वीट्स शोरूम पारंपरिक स्वाद को नए दौर के रंग-रूप में पेश करता है। यह आउटलेट अपनी बेहतरीन साफ-सफाई (Hygiene), शानदार प्रजेंटेशन और प्रीमियम पैकेजिंग के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। यहाँ का लाजवाब मेसू पाक विशेष रूप से गिफ्टिंग (उपहार देने) के लिए बहुत पसंद किया जाता है। मेसू पाक के अलावा इस शोरूम पर मिलने वाले पारंपरिक मारवाड़ी नमकीन, खस्ता कचौरी और अन्य राजस्थानी मिठाइयाँ भी ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

जोधपुर मिष्ठान भंडार (JMB) – स्टेशन रोड, बाड़मेर का इतिहास

इतिहास और विरासत: करीब 63 साल पहले जोधपुर से आए श्री मोतीलाल जी ने इसी दुकान की नींव रखी थी। उन्होंने ही पारंपरिक दक्षिण भारतीय मैसूर पाक में बदलाव करके बाड़मेर के ‘मेसू पाक’ को ईजाद किया। आज उनकी तीसरी पीढ़ी इस शुद्ध और पारंपरिक स्वाद को बरकरार रखे हुए है।

स्थान (Location): यह दुकान बाड़मेर रेलवे स्टेशन के बिल्कुल पास स्टेशन रोड पर स्थित है। ट्रेन से आने वाले यात्री सबसे पहले यहीं रुककर मेसू पाक पैक करवाते हैं।

खासियत: यहाँ का मेसू पाक अपनी पारंपरिक जाली, शुद्ध देसी घी की महक और सटीक ‘दोहरे रंग’ (बाहर पीला, अंदर लाल) के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ आज भी पुराने और अनुभवी कारीगर भट्टी पर बैठकर हाथ से सिकाई का तापमान नियंत्रित करते हैं।

मेसू पाक का इतिहास और जोधपुर कनेक्शन (History & Connection)

शुरुआत किसने की?: लोग सर्च कर रहे हैं कि इसकी शुरुआत बाड़मेर में सबसे पहले मोतीलाल जी (जोधपुर मिष्ठान भंडार – JMB के संस्थापक) ने की थी, जो करीब 63 साल पहले जोधपुर से बाड़मेर आए थे।

मैसूर पाक से अंतर: दक्षिण भारत का पारंपरिक मैसूर पाक बहुत सॉफ्ट या कड़ा होता है, जबकि बाड़मेर के मेसू पाक में एक विशेष कुरकुरापन और जालीदार बनावट होती है जो लोगों को आकर्षित करती है।

मेसू पाक बाड़मेर का अनोखा दो रंग वाला रूप (Two-Tone Look)

बाहर पीला, अंदर लाल: लोग इस बात को लेकर बेहद उत्सुक रहते हैं और सर्च करते हैं कि यह मिठाई बाहर से पीली और जालीदार दिखती है, लेकिन इसके अंदर का हिस्सा लाल (Reddish-brown) होता है। यह खास शेडिंग घी और चाशनी के सटीक तापमान के कारण आती है।

बाड़मेर का मेसू पाक आपको अन्य मिठाइयों से अलग क्या लगता है?

थार की राबड़ी (Thar ki Rabdi)

बाड़मेर और जैसलमेर के मरुस्थलीय क्षेत्रों (थार रेगिस्तान) में गर्मियों के मौसम में ‘थार की राबड़ी’ हर घर की पहली पसंद होती है। बाजरे के आटे (या दलिए) और खट्टी छाछ (मट्ठे) के पारंपरिक मेल से बनने वाला यह पेय सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि मरुभूमि का अमृत है। भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) से बचने के लिए स्थानीय लोग सुबह-सुबह इसका सेवन करते हैं। यह पेट को पूरी तरह ठंडा रखती है और शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है।

यह पूरी तरह से ग्लूटेन-फ्री (Gluten-free) और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होती है, इसलिए फिटनेस के शौकीन लोग भी इसे एक बेहतरीन देसी सप्लीमेंट के रूप में use करते हैं।

बाड़मेर की प्रसिद्ध मावा कचौरी (Barmer Famous Mawa Kachori)

बाड़मेर के तीखे और नमकीन मसालों के बीच ‘मावा कचौरी’ मीठे के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन सौगात है। जोधपुर के साथ-साथ बाड़मेर में भी इसे बेहद चाव से खाया और खिलाया जाता है। मैदे की खस्ता और कुरकुरी पूरी के अंदर भुना हुआ मावा (खोया), इलायची, जायफल और ढेर सारे ड्राई फ्रूट्स (काजू, बादाम, पिस्ता) भरकर इसे डीप फ्राई किया जाता है। तलने के बाद इसे गाढ़ी, महकती हुई चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है।

बाड़मेर के स्टेशन रोड स्थित जोधपुर मिष्ठान भंडार (JMB) और जोधपुर स्वीट्स पर सुबह-सुबह गरमा-गरम मावा कचौरी मिलना शुरू हो जाती है। शाही स्वाद और शाही बनावट वाली यह कचौरी त्योहारों और शादियों के सीजन में बाड़मेर की सबसे पसंदीदा मिठाइयों में से एक मानी जाती है।

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