बाहुबली हिल्स उदयपुर: झीलों की नगरी का वो ‘हिडन जेम’ जो आपको बाहुबली फिल्म की याद दिला देगा

बाहुबली हिल्स उदयपुर की पूरी ट्रेवल गाइड! जानिए यहाँ का इतिहास, आसान ट्रेकिंग रूट, एंट्री फीस, बेस्ट टाइम और पहुँचने का सही तरीका। आज ही प्लान करें अपनी ट्रिप!

बाहुबली हिल्स उदयपुर नामकरण और इतिहास

अकाल राहत कार्य: इन पहाड़ियों के ठीक सामने स्थित बड़ी झील (Badi Lake) एक कृत्रिम मीठे पानी की झील है। इसका निर्माण 17वीं शताब्दी (1673-1680) में मेवाड़ के महाराणा राज सिंह प्रथम ने स्थानीय ग्रामीणों को अकाल से बचाने के लिए करवाया था।

ऋषि बाहुबली का जुड़ाव: पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन पहाड़ियों को ‘कुंभोजगिरि’ के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि सदियों पहले यहाँ ऋषि बाहुबली ने तपस्या की थी, जिससे इस क्षेत्र का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी है।

बाहुबली’ नाम कैसे पड़ा?: पहले स्थानीय लोग इसे सिर्फ ‘बड़ी पहाड़ी’ या ‘बड़ी की नाल’ कहते थे। कुछ साल पहले जब सोशल मीडिया पर यह जगह वायरल हुई, तो पर्यटकों को यहाँ की चट्टानों की बनावट ब्लॉकबस्टर फिल्म “बाहुबली” के दृश्यों जैसी लगी। इसके बाद युवाओं और पर्यटकों ने इसे ‘बाहुबली हिल्स’ कहना शुरू कर दिया, जो अब इसका आधिकारिक पहचान बन चुका है।

बाहुबली हिल्स उदयपुर के मुख्य आकर्षण और गतिविधियाँ

360-डिग्री मनमोहक दृश्य: पहाड़ी की चोटी पर पहुँचने के बाद आपको अरावली की घाटियों और पूरी बड़ी झील का एक अद्भुत 360-डिग्री व्यू देखने को मिलता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त (Sunrise & Sunset): यह उदयपुर का सबसे बेहतरीन सनराइज पॉइंट माना जाता है। सुबह के समय जब सूरज की पहली किरणें अरावली के पीछे से निकलकर झील के पानी पर पड़ती हैं, तो पूरा नजारा सुनहरा हो जाता है। शाम का ढलता सूरज भी आसमान को नारंगी और बैंगनी रंगों से सराबोर कर देता है।

फोटोग्राफी और प्री-वेडिंग शूट: अपनी अनोखी भौगोलिक बनावट के कारण यह जगह इंस्टाग्राम रील्स, फोटोग्राफर्स और कपल्स के प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए पहली पसंद बन चुकी है।

जैन तीर्थ स्थल: पहाड़ी के पास जैन धर्म का एक धार्मिक स्थल भी विकसित किया गया है, जहाँ भगवान बाहुबली की 28 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा स्थापित है, जो शांति और वास्तुकला का सुंदर प्रतीक है।

बाहुबली हिल्स उदयपुर :ट्रैकिंग गाइड और कठिनाई स्तर

दूरी और समय: मुख्य पार्किंग स्थल से चोटी तक का ट्रैक केवल 1 किलोमीटर का है। इसे पूरा करने में एक औसत व्यक्ति को 15 से 20 मिनट का समय लगता है।

कठिनाई का स्तर: यह एक आसान (Easy to Moderate) ट्रेक है। रास्ता थोड़ा पथरीला और कच्चा है, लेकिन इस पर चढ़ना बच्चों और शुरुआती हाइकर्स के लिए भी काफी सुलभ है।

सुविधाएँ: ट्रैक के रास्ते में और ऊपर चोटी पर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा छोटी चाय-नाश्ते की दुकानें (Stalls) लगाई जाती हैं, जहाँ पानी, चाय और गर्मागर्म मैगी का आनंद लिया जा सकता है।

बाहुबली हिल्स उदयपुर कैसे पहुँचें?

सार्वजनिक परिवहन (जैसे लोकल बसें) यहाँ के लिए सीधे उपलब्ध नहीं हैं। आपके पास पहुँचने के निम्नलिखित विकल्प हैं:

दोपहिया/स्कूटी किराए पर लें: उदयपुर केंद्रीय शहर या फतेहसागर झील से स्कूटी या बाइक किराए पर लेना सबसे अच्छा और किफायती विकल्प है। फतेहसागर से बड़ी झील तक की घुमावदार सड़कें बेहद खूबसूरत हैं।

ऑटो-रिक्शा या निजी कैब: आप शहर से राउंड-ट्रिप (आने-जाने और वेटिंग समय सहित) के लिए ऑटो रिक्शा तय कर सकते हैं, जो आमतौर पर ₹300 से ₹500 तक लेते हैं। ऐप आधारित कैब (ओला/उबर) से जाने पर वापसी में वहाँ से गाड़ी मिलना मुश्किल हो सकता है, इसलिए ड्राइवर से पहले ही बात कर लें।

बाहुबली हिल्स उदयपुर :पर्यटकों के लिए आवश्यक टिप्स

जूते: ट्रैकिंग का रास्ता पथरीला और फिसलन भरा हो सकता है, इसलिए मजबूत ग्रिप वाले स्पोर्ट्स या हाइकिंग शूज ही पहनें।

समय का ध्यान रखें: अंधेरा होने के बाद पहाड़ी पर न रुकें। यह एक वन्यजीव क्षेत्र का हिस्सा है, इसलिए शाम 6:30 बजे तक नीचे पार्किंग स्थल पर आ जाएँ।

पर्यावरण संरक्षण: यह उदयपुर की सबसे साफ झीलों और प्राकृतिक क्षेत्रों में से एक है। कृपया वहाँ प्लास्टिक की बोतलें या रैपर्स न फेंकें और कचरा डस्टबिन में ही डालें।

पानी की बोतल: हालांकि रास्ते में दुकानें हैं, फिर भी चढ़ाई शुरू करने से पहले अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें।

उदयपुर के ऑफ बीट डेस्टिनेशन hidden gems in udaipur

उदयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों से हटकर कुछ नया और शांत अनुभव करने के लिए यहाँ के ऑफबीट स्थान सबसे बेहतरीन विकल्प हैं। रायता हिल्स (Rayta Hills) शहर का एक ऐसा ही छिपा हुआ स्वर्ग है, जो अपनी घुमावदार सड़कों और चारों तरफ फैली मखमली हरी पहाड़ियों के कारण पर्यटकों को ‘लद्दाख’ और ‘स्विट्जरलैंड’ का मिलाजुला अहसास कराता है। मानसून के मौसम में यहाँ बादलों को ज़मीन को चूमते हुए देखना बेहद जादुई होता है।इसके अलावा, आप पिपलिया जी (Pipliya Ji) जा सकते हैं, जिसे उदयपुर का ‘हिल स्टेशन’ कहा जाता है। यह चोटी बादलों और धुंध से ढकी रहती है। यदि आप शांत पानी और पक्षी दर्शन के शौकीन हैं, तो मदार झील (Chhota & Bada Madar) एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है। एकांत और इतिहास के शौकीनों के लिए अरावली की घनी वादियों में छिपा उबेश्वर जी (Ubeshwar Ji) मंदिर और वहाँ के झरने आत्मिक शांति देते हैं। ये सभी स्थान भीड़भाड़ से दूर, फोटोग्राफी और प्रकृति के करीब समय बिताने के लिए एकदम परफेक्ट हैं।

बाहुबली हिल्स उदयपुर बेस्ट टाइम: सनराइज (Sunrise) बनाम सनसेट (Sunset) – कौन सा है बेहतर?

बाहुबली हिल्स घूमने के लिए सुबह का सनराइज (Sunrise) और शाम का सनसेट (Sunset) दोनों ही अपने आप में जादुई अनुभव देते हैं, लेकिन दोनों का मिजाज अलग है:

सनराइज (Sunrise – सुबह 6:00 से 7:30 बजे): यदि आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं और बिना किसी भीड़भाड़ के शांत माहौल चाहते हैं, तो सुबह का समय सबसे बेस्ट है। इस समय अरावली की पहाड़ियों के पीछे से निकलता हुआ सूरज बड़ी झील के पानी को पूरी तरह सुनहरा कर देता है। ठंडी हवाएँ और चिड़ियों की चहचहाहट इस अनुभव को यादगार बना देती है।

सनसेट (Sunset – शाम 5:00 से 6:30 बजे): शाम के समय यहाँ का नजारा बेहद रोमांटिक हो जाता है। आसमान में बिखरते नारंगी और गुलाबी रंग कैमरे में कैद करने के लिए परफेक्ट होते हैं। हालांकि, शाम के समय यहाँ युवाओं और पर्यटकों की काफी भीड़ रहती है।

क्या रात में बाहुबली हिल्स जा सकते हैं? (सुरक्षा और टाइमिंग)

आधिकारिक समय: बाहुबली हिल्स पर्यटकों के लिए सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक ही खुली रहती है। शाम 6:00 बजे के बाद स्थानीय प्रशासन और वन विभाग द्वारा पर्यटकों को पहाड़ी से नीचे भेज दिया जाता है।

रात में जाने की मनाही क्यों है?: यह क्षेत्र वन्यजीव अभ्यारण्य (Wildlife Area) और घने अरावली जंगलों से सटा हुआ है। रात के समय यहाँ पैंथर (तेंदुए) और अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही का खतरा रहता है। इसके अलावा, पहाड़ी रास्ता पथरीला और बिना स्ट्रीट लाइट्स का है, जिससे अंधेरे में पैर फिसलने या दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, सुरक्षा के लिहाज से रात में यहाँ जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

बाहुबली हिल्स उदयपुर करंट एंट्री फीस और पार्किंग टिकट (ताज़ा दरें)

बाहुबली हिल्स के रखरखाव और सुरक्षा के लिए स्थानीय ग्राम पंचायत और वन सुरक्षा समिति द्वारा बहुत ही मामूली शुल्क लिया जाता है:

प्रवेश शुल्क (Entry Fee): वर्तमान में यहाँ का प्रवेश शुल्क मात्र ₹10 प्रति व्यक्ति है।

पार्किंग शुल्क (Parking Charges): पहाड़ी के नीचे बनी आधिकारिक पार्किंग में वाहनों के हिसाब से शुल्क तय है:टू-व्हीलर (स्कूटी/बाइक): ₹10 से ₹20फोर-व्हीलर (कार/कैब): ₹40 से ₹50

नोट: यहाँ ऊपर जाने वाले रास्ते में मिलने वाली खाने-पीने की दुकानों पर ऑनलाइन पेमेंट (UPI) तो चल जाता है, लेकिन टिकट काउंटर पर नेटवर्क की समस्या हो सकती है, इसलिए अपने साथ ₹50-100 का कैश (नकद) ज़रूर रखें।

बाहुबली हिल्स उदयपुर पर प्री-वेडिंग शूट और ड्रोन कैमरे के नियम (Shoots & Drone Rules)

फोटोग्राफी और ड्रोन नियम: बाहुबली हिल्स की अरावली वादियों और बड़ी झील का नजारा प्रोफेशनल प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए पहली पसंद है। मोबाइल या सामान्य कैमरे से व्यक्तिगत तस्वीरें खींचना बिल्कुल फ्री है (केवल ₹10 एंट्री फीस)। हालांकि, प्रोफेशनल शूटिंग टीमों और रिफ्लेक्टर या टेंट जैसी हैवी इक्विपमेंट लाने पर ₹1,500 से ₹2,500 तक का व्यावसायिक शुल्क लगता है। साथ ही, वन्यजीव क्षेत्र होने के कारण बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना बैन है, जिसके लिए ₹1,000 से ₹2,000 का अतिरिक्त ड्रोन चार्ज देना पड़ता है। पहाड़ी पर कोई वीआईपी चेंजिंग रूम नहीं है, इसलिए कपड़ों का बैकअप पहले से प्लान करके आएं।

बाहुबली हिल्स उदयपुर के पास हिल-व्यू कैफ़े और लक्ज़री रिसॉर्ट्स

कैफ़े और रिसॉर्ट्स गाइड: बाहुबली हिल्स और बड़ी झील के आस-पास बेहतरीन खाने और रुकने के विकल्प मौजूद हैं। युवाओं के लिए आउटडोर हैंगआउट, लाइव म्यूज़िक और वुडफ़ायर पिज़्ज़ा के लिए Hillusion (CCR) सबसे लोकप्रिय है। शांत माहौल और बेहतरीन चाय-पास्ता के लिए The Countryside – Farm & Cafe और एकांत में कॉफ़ी के लिए Hash House बेस्ट ऑप्शन्स हैं। यदि आप प्रकृति की गोद में रुकना चाहते हैं, तो 3 स्विमिंग पूल और हॉर्स राइडिंग की लग्ज़री सुविधाओं के साथ The Royal Retreat Resort & Spa, पहाड़ी दृश्यों और स्वादिष्ट भोजन के लिए Badi Garh Palace Resort, या फिर बड़े स्विमिंग पूल और पूल पार्टी के लिए Villa Le Palms रिसॉर्ट को चुन सकते हैं।

बाहुबली हिल्स ट्रैकिंग: क्या यह बुजुर्गों और बच्चों के लिए सुरक्षित है?

ट्रैक की बनावट और कठिनाई: पार्किंग स्थल से चोटी तक का रास्ता लगभग 1 किलोमीटर का है. यह पूरा रास्ता पक्का नहीं है, बल्कि कच्चा, पथरीला और घुमावदार है। रास्ते में छोटे-छोटे नुकीले पत्थर और ढलान हैं, जिससे पैर फिसलने का डर रहता है।

बच्चों के लिए (For Kids): 5 साल से बड़े बच्चों के लिए यह ट्रैक काफी रोमांचक और आसान है। वे इसे खेलते-कूदते 15-20 मिनट में पूरा कर लेते हैं। हालांकि, छोटे बच्चों को हाथ पकड़कर चलाना जरूरी है क्योंकि रास्ते के दोनों तरफ कोई सुरक्षा रेलिंग नहीं है।

बुजुर्गों के लिए (For Elderly): यदि आपके साथ ऐसे बुजुर्ग हैं जिन्हें घुटनों में दर्द, अस्थमा या सांस फूलने की समस्या है, तो उन्हें इस ट्रैक पर चढ़ने की सलाह नहीं दी जाती है। चढ़ाई के दौरान ढलान काफी तीखी हो जाती है। हालांकि, जो बुजुर्ग रोजाना वॉक करते हैं और पूरी तरह फिट हैं, वे हाथ में लाठी (Trekking Stick) लेकर आराम से, रुक-रुक कर ऊपर पहुँच सकते हैं।

बाहुबली हिल्स :बड़ी झील में मगरमच्छ (Crocodiles in Badi Lake) और सुरक्षा गाइड

क्या सच में झील में मगरमच्छ हैं?: जी हाँ, बड़ी झील प्राकृतिक रूप से मगरमच्छों (Crocodiles) का घर है। यहाँ पानी के अंदर और कभी-कभी सुबह या दोपहर के समय झील के किनारों पर चट्टानों पर धूप सेकते हुए मगरमच्छों को आसानी से देखा जा सकता है।

क्या पानी के पास जाना सुरक्षित है?: बाहुबली हिल्स की चोटी से इन्हें देखना पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन अगर आप नीचे झील के किनारे जा रहे हैं, तो पानी में उतरना, तैरना (Swimming) या पैर डालना पूरी तरह प्रतिबंधित और जानलेवा हो सकता है।

स्थानीय प्रशासन की चेतावनी: वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने झील के किनारों पर बड़े-बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए हैं। पर्यटकों को सख्त हिदायत दी जाती है कि वे झील के किनारे बैठकर सेल्फी लेने या पानी को छूने की कोशिश बिल्कुल न करें।

उदयपुर मुख्य शहर से बाहुबली हिल्स की दूरी (Distance from Udaipur city to Bahubali Hills)

उदयपुर मुख्य शहर (जैसे सिटी पैलेस या जगदीष मंदिर) से बाहुबली हिल्स की कुल दूरी लगभग 12 से 14 किलोमीटर है। यदि आप फतेहसागर झील के रास्ते से जाते हैं, तो कार या स्कूटी से यहाँ पहुँचने में मात्र 30 से 40 मिनट का समय लगता है।

उदयपुर की बाहुबली पहाड़ी का इतिहास क्या है (History of Bahubali hills Udaipur)

भौगोलिक रूप से यह पहाड़ी दुनिया की प्राचीन अरावली श्रृंखला का हिस्सा है। इसका इतिहास नीचे स्थित बड़ी झील से जुड़ा है, जिसका निर्माण 1680 में महाराणा राज सिंह प्रथम ने अकाल राहत के लिए करवाया था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ जैन ऋषि बाहुबली ने तपस्या की थी, जिससे इसे ‘कुंभोजगिरि’ भी कहते हैं। स्थानीय लोग पहले इसे ‘बड़ी पहाड़ी’ कहते थे, लेकिन साल 2017 में “बाहुबली” फिल्म रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसके ड्रोन वीडियो वायरल हुए। पर्यटकों को यहाँ की चट्टानों की भव्य बनावट फिल्म के माहिष्मती साम्राज्य जैसी लगी, जिसके बाद इंटरनेट पर इसका नाम ‘बाहुबली हिल्स’ प्रसिद्ध हो गया।

फतेहसागर झील से बाहुबली हिल्स का रास्ता (Fatehsagar to Bahubali hills route)

फतेहसागर झील से बाहुबली हिल्स की दूरी मात्र 8 से 9 किलोमीटर है। यहाँ से आपको मदार चौरहा और रानी रोड होते हुए बड़ी झील रोड पर जाना होगा। यह घुमावदार पहाड़ी रास्ता बेहद खूबसूरत है, जहाँ टू-व्हीलर या कार से 20 मिनट में पहुँचा जा सकता है।

बाहुबली हिल्स उदयपुर का सबसे बड़ा आकर्षण आपको क्या लगता है?

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