भूरी देवी बाड़मेर Bhuri Devi Barmer Sarpanch: राजस्थान का सीमावर्ती जिला बाड़मेर एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर चमक उठा है। बाड़मेर जिले के सेड़वा/धोरीमन्ना क्षेत्र की हाथला ग्राम पंचायत की महिला सरपंच भूरी देवी को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा एक अद्वितीय सम्मान के लिए चुना गया है। भूरी देवी को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय समारोह में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति भवन से आधिकारिक आमंत्रण (Invitation) भेजा गया है।
बाड़मेर की सरपंच भूरी देवी :कैसे मिला राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण?
बुधवार के दिन हाथला ग्राम पंचायत की सरपंच भूरी देवी के घर जब डाक विभाग की टीम पहुँची, तो हर कोई हैरान रह गया। डाक विभाग के निरीक्षक (इन्स्पेक्टर) योगेश, मेल ओवरसियर राहुल शर्मा, और उनकी टीम ने सरपंच भूरी देवी को राष्ट्रपति भवन से आया विशेष आधिकारिक आमंत्रण पत्र सौंपा।
यह निमंत्रण पत्र आगामी 15 अगस्त को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र (RBCC) में आयोजित होने वाले विशेष सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए है।
कौन हैं भूरी देवी और क्या है उनकी उपलब्धि?
भूरी देवी राजस्थान के बाड़मेर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र सेड़वा (धोरीमन्ना) ब्लॉक की हाथला ग्राम पंचायत की सरपंच हैं। एक ग्रामीण और रेगिस्तानी इलाके की महिला प्रतिनिधि होने के बावजूद उन्होंने लीक से हटकर काम किया।
भूरी देवी को किस कार्य के लिए मिल रहा है राष्ट्रीय सम्मान?
बाड़मेर की हाथला ग्राम पंचायत की महिला सरपंच भूरी देवी को भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे ग्रामीण इलाके में सरकारी योजनाओं को धरातल पर शत-प्रतिशत लागू करने के लिए राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जा रहा है। उन्होंने केंद्र और राजस्थान सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव की अंतिम ढाणी में बैठे पात्र व्यक्ति तक पहुँचाया है। इसके साथ ही, उन्होंने गांव के गरीब परिवारों, महिलाओं और बच्चों को डाक विभाग की योजनाओं (जैसे सुकन्या समृद्धि योजना) से जोड़ा। रूढ़िवादी ग्रामीण परिवेश से निकलकर नेतृत्व संभालते हुए भूरी देवी आज समाज और अन्य महिलाओं के लिए महिला सशक्तिकरण की एक बेहतरीन प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।
बाड़मेर की हाथला ग्राम पंचायत की सरपंच भूरी देवी कौन हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है?
: भूरी देवी राजस्थान के सीमावर्ती और रेगिस्तानी जिले बाड़मेर के सेड़वा (धोरीमन्ना) ब्लॉक की हाथला ग्राम पंचायत की वर्तमान महिला सरपंच हैं। वह एक बेहद साधारण ग्रामीण और रूढ़िवादी परिवेश से ताल्लुक रखती हैं। तमाम सामाजिक बंधनों और ग्रामीण चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में कदम रखा और अपनी ग्राम पंचायत का नेतृत्व संभाला। आज वह न केवल अपने क्षेत्र की मुख्य जनप्रतिनिधि हैं, बल्कि भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे अत्यंत पिछड़े इलाकों में महिला सशक्तिकरण और जमीनी विकास का एक बड़ा चेहरा बन चुकी हैं।
सरपंच भूरी देवी को राष्ट्रपति भवन से 15 अगस्त का विशेष आमंत्रण मिलने का मुख्य कारण क्या है?
भूरी देवी को यह ऐतिहासिक आमंत्रण सीमावर्ती क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर शत-प्रतिशत (100%) लागू करने के लिए मिला है। उन्होंने गांव की अंतिम ढाणी में बैठे उस गरीब और वंचित व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुँचाया, जो जागरूकता के अभाव में पीछे छूट गया था। विशेष रूप से डाक विभाग की योजनाओं, जैसे बेटियों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना और गरीब परिवारों के लिए डाकघर बचत खातों को हर घर तक पहुँचाने में उनकी भूमिका अद्वितीय रही है। इसी असाधारण प्रशासनिक और सामाजिक कार्य को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
भूरी देवी बाड़मेर के बारे में आप कुछ और जानकारी रखते हैं तो आप इसे शेयर करें सा।


