श्री सांवलिया सेठ मंदिर दर्शन गाइड : 1 भगवान जो ‘करोड़पति’ है, जानें मंदिर का इतिहास और दान का सच! (सबसे बेस्ट)

श्री सांवलिया सेठ मंदिर दर्शन गाइड !क्या आप जानते हैं मंडफिया के ये भगवान करोड़ों के ‘बिजनेस पार्टनर’ हैं? हमारी टीम के अनुभव (Team Experience) के साथ जानें मंदिर का इतिहास, आरती का समय (Aarti Timings) और होटल व घर जैसा शुद्ध खाना (Homemade Food) कहाँ मिलेगा। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें!”

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श्री सांवलिया सेठ मंदिर का अद्भुत इतिहास (History of Sanwaliya Seth Temple)

सांवलिया सेठ की मूर्ति का इतिहास (History of Idol) बहुत ही रोचक है। लोक कथाओं के अनुसार, साल 1840 में मंडफिया के रहने वाले ‘भोलाराम गुर्जर’ नाम के एक ग्वाले को सपना आया कि भादसोड़ा-बाग़ुंड के छापर में तीन मूर्तियां दबी हुई हैं। खुदाई करने पर वहां से भगवान कृष्ण की तीन अत्यंत सुंदर मूर्तियां (Black Marble Idols) निकलीं।

  • पहली मूर्ति मंडफिया (Mandaphia) में स्थापित की गई, जिसे आज मुख्य सांवलिया सेठ मंदिर कहा जाता है।
  • दूसरी मूर्ति भादसोड़ा (Bhadisoda) में ‘प्राकट्य स्थल मंदिर’ (Prakatya Sthal Temple) के रूप में प्रसिद्ध है।
  • तीसरी मूर्ति अनगढ़ बावजी (Angarh Bawji) स्थल पर स्थापित है।

श्री सांवलिया सेठ मंदिर दान पेटी न्यूज़ 2026 (Sanwaliya Seth Dan Patra News 2026)

आज के समय में लोग गूगल पर सबसे ज्यादा मंदिर के खजाने (Treasure of Temple) के बारे में सर्च कर रहे हैं। मार्च 2026 में हुई भंडार की गिनती (Bhandar Counting) ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।रिकॉर्ड दान (Record Donation): इस बार दान पात्र से ₹46.58 करोड़ से अधिक की नकद राशि (Cash Amount) प्राप्त हुई है।सोना और चांदी (Gold & Silver): भक्तों ने लगभग 3 किलो सोना और 152 किलो चांदी ठाकुर जी के चरणों में भेंट की है।विदेशी मुद्रा (Foreign Currency): भंडार से डॉलर और पाउंड जैसी विदेशी मुद्राएं भी बड़ी मात्रा में निकली हैं।

श्री सांवलिया सेठ मंदिर दर्शन और आरती का समय (Darshan & Aarti Timings)

  • मंगला आरती (Mangla Aarti) सुबह 05:30 बजे
  • राजभोग आरती (Rajbhog Aarti) सुबह 10:00 – 11:15 बजे
  • संध्या आरती (Sandhya Aarti) सूर्यास्त के समय
  • शयन आरती (Shayan Aarti) रात 11:00 बजे

नोट: दोपहर 12:00 से 02:30 बजे तक मंदिर के पट ठाकुर जी के विश्राम (Rest Time) के लिए बंद रहते हैं।

श्री सांवलिया सेठ मंदिर कैसे पहुँचें और कहाँ रुकें? (How to Reach & Where to Stay?)

दूरी (Distance): चित्तौड़गढ़ से सांवलिया सेठ की दूरी (Distance from Chittorgarh) लगभग 41 किमी है।परिवहन (Transport): आप उदयपुर एयरपोर्ट (65 किमी) या चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन से निजी टैक्सी या राजस्थान रोडवेज बस (Bus Service) ले सकते हैं। उदयपुर से सांवलिया सेठ बस किराया (Bus Fare from Udaipur) लगभग ₹100-150 है।रुकने की व्यवस्था (Accommodation): मंदिर के पास कई भव्य धर्मशालाएं (Dharamshala) और बजट होटल (Budget Hotels) उपलब्ध हैं। ₹1000 के बजट में होटल (Hotels under 1000) मंदिर के पास आसानी से मिल जाते हैं।

श्री सांवलिया सेठ मंडफिया में वो ढाबा कौन सा है जहाँ घर जैसा शुद्ध खाना मिलता है?”

मंडफिया (Mandaphia) में यदि आप होटल के खाने से ऊब चुके हैं और घर जैसा शुद्ध खाना (Homemade Food) ढूंढ रहे हैं, तो “सांवलिया भोजनालय” (Sanwaliya Bhojnalaya) सबसे बेहतरीन विकल्प है। मंदिर के पास स्थित इस भोजनालय को एक स्थानीय परिवार चलाता है, जहाँ सात्विक भोजन (Sattvic Food) मिलता है। यहाँ की राजस्थानी थाली (Rajasthani Thali), जिसमें फुल्का रोटी, मूंग दाल और कड़ी शामिल है, अपनी सादगी और शुद्धता (Purity) के लिए जानी जाती है। हमारी टीम ने अनुभव किया कि यहाँ मसालों का उपयोग सीमित है, जो स्वास्थ्य और स्वाद दोनों में घर की याद दिलाता है।

मूर्तियों का प्राकट्य (The Appearance of Idols) श्री सांवलिया सेठ मंदिर

सबसे बड़ा चमत्कार तो मूर्तियों के मिलने की कहानी ही है। साल 1840 में भोलाराम गुर्जर नाम के ग्वाले को सपने में भगवान ने दर्शन दिए और एक खास जगह खुदाई करने को कहा। जब खुदाई की गई, तो वहां से भगवान कृष्ण की तीन एक जैसी सुंदर मूर्तियाँ (Three Identical Idols) निकलीं। यह आज भी एक रहस्य और चमत्कार (Mystery & Miracle) माना जाता है।

बिजनेस पार्टनर की अनोखी परंपरा श्री सांवलिया सेठ मंदिर (The Business Partner God)

दुनिया भर में लोग भगवान से मांगते हैं, लेकिन यहाँ लोग भगवान को अपना व्यापारिक साझेदार (Business Partner) बनाते हैं। आस्था और चमत्कार: कई व्यापारियों की आस्था है कि जब से उन्होंने अपने मुनाफे का एक हिस्सा (जैसे 2% या 5%) सांवलिया सेठ के नाम निकाला, उनका डूबता हुआ व्यापार भी ऊंचाइयों पर पहुँच गया। यही कारण है कि मंदिर की दान पेटी (Donation Box) हमेशा करोड़ों रुपयों से भरी रहती है।

अफीम की खेती और श्री सांवलिया सेठ का संरक्षण (Protection of Opium Crops)

मेवाड़ क्षेत्र में अफीम की खेती (Opium Farming) बड़े पैमाने पर होती है। यहाँ के किसान अपनी फसल का पहला हिस्सा सांवलिया सेठ को समर्पित करते हैं।लोक मान्यता: कहा जाता है कि जब भी किसी किसान की फसल पर संकट आता है या सरकारी तौल में समस्या होती है, तो सेठ के नाम की मन्नत मांगते ही सब कुछ ठीक हो जाता है।

श्री सांवलिया सेठ मंदिर असाध्य रोगों से मुक्ति (Healing Miracles)

मंडफिया धाम (Mandaphia Dham) आने वाले कई भक्तों का दावा है कि मंदिर की चौखट पर माथा टेकने और वहां की रज (मिट्टी) लगाने से गंभीर बीमारियां भी ठीक हो गई हैं। लोग इसे ठाकुर जी की असीम कृपा (Divine Grace) मानते हैं। हमारा मानना है कि आस्था से विश्वास पैदा होता है और विश्वास से मनोबल बढ़ता है और मनोबल से चमत्कार होते हैं। आस्था सबसे बड़ा विश्वास है।

श्री सांवलिया सेठ मंदिर पर FAQ

सांवलिया सेठ मंदिर खुलने का समय और दर्शन की समय सारणी क्या है? (What is Sanwaliya Seth Temple opening time?)

चित्तौड़गढ़ के मंडफिया (Mandaphia) में स्थित सांवलिया सेठ मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन सुबह 05:30 बजे मंगला आरती (Mangla Aarti) के साथ खुल जाते हैं। इसके बाद सुबह 10:00 से 11:15 बजे तक राजभोग आरती (Rajbhog Aarti) होती है। दोपहर 12:00 बजे से 02:30 बजे तक भगवान के विश्राम के लिए मंदिर बंद रहता है। शाम को पुनः दर्शन शुरू होते हैं जो रात 11:00 बजे शयन आरती (Shayan Aarti) के बाद विश्राम तक चलते हैं। अपनी यात्रा की योजना (Travel Planning) इसी दर्शन टाइमिंग (Darshan Timing) के अनुसार बनाएं।

क्या सांवलिया सेठ मंदिर के पास रुकने के लिए धर्मशाला उपलब्ध है? (Is there any Dharamshala near Sanwaliya Seth Temple?)

हाँ, मंदिर के बिल्कुल पास मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित कई भव्य धर्मशालाएं (Dharamshala) मौजूद हैं। यहाँ रुकने की व्यवस्था (Stay Arrangement) बहुत ही व्यवस्थित और किफायती है। यात्री यहाँ बहुत ही कम शुल्क पर साफ-सुथरे कमरे ले सकते हैं। इसके अलावा, निजी ट्रस्टों की धर्मशालाओं में भी एसी और नॉन-एसी कमरों की अच्छी सुविधा (Facility) मिल जाती है।

श्री सांवलिया सेठ मंदिर से जुड़ी जानकारी के लिए सांवलिया सेठ मंदिर का फोन नंबर क्या है? (What is Sanwaliya Seth Temple Contact Number?)

श्रद्धालु मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइटhttps://www.srisanwaliyaji.org/index.php पर जाकर मंदिर का हेल्पलाइन या कांटेक्ट नंबर (Contact Number) प्राप्त कर सकते हैं। मंदिर कार्यालय का फोन नंबर ,धर्मशाला की एडवांस बुकिंग और आरती के समय की ताजा जानकारी के लिए उपयोगी है। किसी भी आधिकारिक कार्य के लिए हमेशा मंदिर के मुख्य कार्यालय (Main Office) से ही संपर्क करें।

क्या दर्शन के लिए मंडफिया सांवलिया सेठ दर्शन टिकट लेना अनिवार्य है? (Is there any Darshan Ticket for Sanwaliya Seth?)

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि श्री सांवलिया सेठ मंदिर में प्रवेश और दर्शन पूरी तरह नि:शुल्क (Free) हैं। दर्शन के लिए किसी भी प्रकार का दर्शन टिकट (Darshan Ticket) या शुल्क नहीं लिया जाता है। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति (Unauthorized Person) को दर्शन के नाम पर पैसे न दें।

सांवलिया सेठ मंदिर में वीआईपी दर्शन कैसे करें? (How to get VIP Darshan in Sanwaliya Seth?)

वर्तमान में मंदिर प्रशासन द्वारा वीआईपी दर्शन (VIP Darshan) के लिए कोई विशेष पेड सिस्टम (Paid System) नहीं बनाया गया है। सभी भक्तों को कतार (Queue) में लगकर ही दर्शन करने होते हैं। हालांकि, विशेष पर्वों या बीमारी/बुजुर्ग अवस्था की स्थिति में मंदिर के सुरक्षा गार्ड्स (Security Guards) और वालंटियर्स से मदद ली जा सकती है, जो मानवता के आधार पर सहयोग (Guidance) प्रदान करते हैं।

क्या सांवलिया सेठ मंदिर में कैमरा अलाउड है या नहीं? (Is camera allowed in Sanwaliya Seth Temple?)

मंदिर की सुरक्षा और मर्यादा (Decorum) को ध्यान में रखते हुए, मुख्य गर्भगृह (Sanctum Sanctorum) के अंदर फोटो खींचना या वीडियो बनाना सख्त मना है। मंदिर के अंदर कैमरा अलाउड (Camera Allowed) नहीं है। हालांकि, मंदिर परिसर (Temple Premises) के बाहर आप फोटोग्राफी कर सकते हैं, लेकिन मंदिर के नियमों (Rules and Regulations) का पालन करना अनिवार्य है।

श्री सांवलिया सेठ मंदिर की ऊंचाई कितनी है? (What is the height of Sanwaliya Seth Temple?)

चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर का मुख्य शिखर लगभग 36 फीट (लगभग 11 मीटर) ऊंचा है। इसका विशाल गुंबद और पत्थर पर की गई नक्काशी (Carving) इसे राजस्थान के सबसे सुंदर और ऊंचे मंदिरों (Tallest Temples) की श्रेणी में खड़ा करती है।

क्या खाटू श्याम और सांवरिया सेठ एक ही हैं? (Are Khatu Shyam and Sanwariya Seth the same?)

धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो दोनों ही भगवान श्री कृष्ण (Lord Krishna) के ही स्वरूप हैं, लेकिन उनकी पौराणिक कथाएँ और स्थान अलग-अलग हैं। खाटू श्याम जी (Khatu Shyam Ji) को ‘बर्बरीक’ का स्वरूप माना जाता है और उनका मुख्य मंदिर सीकर में है। वहीं, सांवलिया सेठ (Sanwaliya Seth) को मेवाड़ के कृष्ण के रूप में पूजा जाता है, जिनकी मूर्तियाँ खुदाई के दौरान प्राप्त हुई थीं। हालाँकि, दोनों ही दरबारों में भक्तों की अटूट आस्था है और लोग दोनों को ही ‘कलियुग के अवतारी’ (Avatar of Kaliyuga) के रूप में पूजते हैं।

सांवलिया सेठ किस जाति के थे और मंदिर का इतिहास क्या है? (What was the caste of Sanwaliya Seth and history?)

भगवान को किसी जाति (Caste) के बंधन में नहीं बांधा जा सकता, वे संपूर्ण सृष्टि के स्वामी हैं। जहाँ तक मंदिर के इतिहास (History of Temple) की बात है, साल 1840 में मंडफिया (Mandaphia) गांव के एक ग्वाले ‘भोलाराम गुर्जर’ को सपना आया था। उस सपने के आधार पर भादसोड़ा के छापर में खुदाई की गई, जहाँ से भगवान कृष्ण की तीन अत्यंत सुंदर श्याम वर्ण की मूर्तियाँ (Black Marble Idols) निकलीं। इन्हीं में से सबसे बड़ी मूर्ति मंडफिया के मुख्य मंदिर में स्थापित है।

क्या सांवरिया सेठ मंदिर सरकारी है या निजी? (Is Sanwariya Seth Temple government or private?)

श्री सांवलिया जी मंदिर एक सरकारी प्रबंधित मंदिर (Government Managed Temple) है। इसका संचालन ‘श्री सांवलिया जी मंदिर बोर्ड’ (Shri Sanwaliya Ji Temple Board) द्वारा किया जाता है, जो राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग (Devasthan Department) के अंतर्गत आता है। मंदिर की दान पेटी (Donation Box) से निकलने वाली करोड़ों की राशि का हिसाब-किताब सरकारी देखरेख में होता है और इस पैसे का उपयोग मंदिर के विकास, जन कल्याणकारी योजनाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं (Facilities for Devotees) में किया जाता है।

सांवरिया सेठ को अर्जी कैसे लगाएं और मन्नत कैसे मांगें? (How to apply Arzi and make a vow to Sanwariya Seth?)

सांवलिया सेठ को अर्जी लगाने का सबसे प्रचलित तरीका उन्हें अपना ‘बिजनेस पार्टनर’ (Business Partner) बनाना है। भक्त मंदिर पहुंचकर या अपने मन में ही संकल्प लेते हैं कि उनके व्यापार (Business) में होने वाले लाभ का एक निश्चित हिस्सा (जैसे 2% या 5%) वे सेठ के चरणों में अर्पित करेंगे। इसके अलावा, भक्त एक सफेद कागज पर अपनी मनोकामना लिखकर उसे दान पात्र (Donation Box) में डाल देते हैं या पुजारी जी के माध्यम से ठाकुर जी के चरणों में अर्जी लगवाते हैं। माना जाता है कि यहाँ की गई सच्ची प्रार्थना (Prayer) कभी खाली नहीं जाती।

सांवरिया सेठ मंदिर से खाटू श्याम की दूरी कितनी है? (What is the distance from Sanwariya Seth to Khatu Shyam?)

मंडफिया (चित्तौड़गढ़) स्थित सांवरिया सेठ मंदिर से सीकर स्थित खाटू श्याम मंदिर की सड़क मार्ग से दूरी (Distance by Road) लगभग 360 से 380 किलोमीटर है। यदि आप अपनी कार (Private Car) से यात्रा करते हैं, तो एनएच-48 और एनएच-52 के माध्यम से पहुँचने में लगभग 7 से 8 घंटे का समय लगता है। कई भक्त इन दोनों मंदिरों की यात्रा (Travel Route) एक साथ करना पसंद करते हैं।

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