जयपुर की गलियों में घूमने के साथ-साथ यहाँ का जायका लेना अपने आप में एक शाही अनुभव है। हमारी टीम ने जयपुर के कोने-कोने को छानने के बाद आपके लिए यह Jaipur Hidden Food Gems: खाने के की लिस्ट तैयार की है, जिसे आपको बिल्कुल मिस नहीं करना चाहिए:
- Jaipur Hidden Food Gems नंबर 1 दाल बाटी चूरमा (Dal Baati Churma): यह राजस्थान की पहचान है। जयपुर में इसे शुद्ध देसी घी के साथ परोसा जाता है।अनुभव: हमारी टीम का मानना है कि Chokhi Dhani (चोखी ढाणी) में जमीन पर बैठकर पारंपरिक तरीके से दाल-बाटी खाना सबसे बेस्ट एक्सपीरियंस है।कहाँ खाएं: चोखी ढाणी (टोंक रोड) या संतोष भोजनालय (सिंधी कैंप)।
- Jaipur Hidden Food Gems नंबर 2 प्याज कचोरी (Pyaaz Kachori) जयपुर की सुबह यहाँ की कचौरी के बिना अधूरी है। यह इतनी मशहूर है कि लोग इसे पैक करवाकर दूसरे शहरों में भी ले जाते हैं।अनुभव: गरमा-गरम कचौरी के साथ मिलने वाली कढ़ी या चटनी का स्वाद लाजवाब होता है।कहाँ खाएं: Rawat Misthan Bhandar (रावत मिष्ठान भंडार), सिंधी कैंप।
- घेवर (Ghewar)Jaipur Hidden Food Gems नंबर 3 :यह जयपुर की सबसे प्रसिद्ध मिठाई है, जो खासकर सावन और त्योहारों के सीजन में मिलती है, लेकिन अब यह साल भर उपलब्ध रहती है।अनुभव: मलाई घेवर और पनीर घेवर यहाँ की खासियत है।कहाँ खाें: LMB (Laxmi Misthan Bhandar), जोहरी बाजार।
- . लाल मांस (Laal Maas) Jaipur Hidden Food Gems नंबर 4 : अगर आप नॉन-वेज खाने के शौकीन हैं, तो जयपुर का ‘लाल मांस’ आपको जरूर ट्राई करना चाहिए। यह काफी तीखा और मसालों से भरपूर होता है।अनुभव: इसे बाजरे की रोटी के साथ खाने का एक अलग ही मजा है।कहाँ खाएं: हैंडिक्राफ्ट हवेली या स्पाइस कोर्ट।
- सेठानी के गोलगप्पे (Raja Park)यहाँ के गोलगप्पे का पानी 5 अलग-अलग स्वादों में मिलता है। यहाँ की साफ-सफाई और चटपटा स्वाद इसे औरों से अलग बनाता है।
- सम्राट के समोसे और कढ़ी (Samrat ki Kadhi-Samosa)चौड़ा रास्ता में स्थित यह दुकान स्थानीय लोगों की पहली पसंद है। यहाँ के समोसे को कढ़ी और तीखी चटनी के साथ परोसा जाता है।अनुभव: हमारी टीम ने यहाँ की ‘जलेबी’ भी चखी, जो कचौरी के तीखेपन के बाद एकदम परफेक्ट कॉम्बो है।
- गलियों वाली लस्सी (Lassiwala, MI Road)यहाँ कई ‘लस्सीवाला’ हैं, लेकिन सबसे पुरानी दुकान (1944 वाली) पर मिट्टी के कुल्हड़ में मिलने वाली गाढ़ी लस्सी का कोई मुकाबला नहीं है।Quick Fact: दोपहर 2-3 बजे तक यहाँ लस्सी खत्म हो जाती है, इसलिए जल्दी पहुँचें।
- सांई राम का दाल बाटी (Sethi Colony)अगर आप चोखी ढाणी जैसा स्वाद कम बजट और सादगी में चाहते हैं, तो यह जगह बेस्ट है। यहाँ की बाटी को देसी घी के पीपे में डुबोकर निकाला जाता है।Local Tip: यहाँ का ‘चूरमा’ जयपुर के सबसे अच्छे चूरमों में से एक है।
- . आउटर दिल्ली रोड का ‘पंडित कुल्फी’ (Hawa Mahal)हवा महल के बिल्कुल सामने एक छोटी सी खिड़की से मिलने वाली यह कुल्फी केसर और पिस्ते के असली स्वाद से भरी होती है।अनुभव: रात के समय हवा महल की लाइटों को देखते हुए इस कुल्फी का आनंद लेना एक बेहतरीन Things to do in Jaipur at Night है।
- आमेर के पास की मावा कचौरी आमेर किला (Amer Fort) देखने के बाद वहां के स्थानीय बाजारों में मिलने वाली मावा कचौरी एक बहुत ही रिच और मीठा अनुभव देती है।
रामभवन की रबड़ी (Tonk Road)Chokhi Dhani Location Tonk Road की तरफ जाते समय आप यहाँ रुककर गाढ़ी और मलाईदार रबड़ी का आनंद ले सकते हैं।
- गुलाब जी चाय वाले (Ganpati Plaza)मसाला चाय और ‘बन-मक्खन’ के शौकीनों के लिए यह जन्नत है। गुलाब जी अपनी चाय में जो खास मसाला डालते हैं, उसका राज आज भी बरकरार है।
FAQ:Jaipur Hidden Food Gems: खाने के दीवाने पूछते हैं
: जयपुर में Best Rajasthani Thali (सबसे अच्छी राजस्थानी थाली) कहाँ मिलती है और इसकी कीमत क्या है?
जयपुर में Best Rajasthani Thali (सबसे अच्छी राजस्थानी थाली) के लिए पर्यटकों की पहली पसंद हमेशा Chokhi Dhani Resort (चोखी ढाणी रिसॉर्ट) रहती है। यहाँ की थाली की खासियत यह है कि इसमें आपको 15 से ज्यादा व्यंजन परोसे जाते हैं, जिनमें Dal Baati Churma in Jaipur (जयपुर में दाल बाटी चूरमा) और Rajasthani Gatte ki Sabzi (राजस्थानी गट्टे की सब्जी) मुख्य हैं। इसकी कीमत 2026 में ₹1,100 से ₹1,500 के बीच होती है। हमारी टीम का अनुभव है कि यदि आप थोड़े कम बजट में शुद्ध देसी स्वाद चाहते हैं, तो आप ‘चूरमा गार्डन’ या ‘संतोष भोजनालय’ भी जा सकते हैं, जहाँ ₹300-500 में बेहतरीन थाली मिल जाती है।
Famous Street Food of Jaipur (जयपुर का प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड) का स्वाद लेने के लिए मसाला चौक कैसा विकल्प है?
: यदि आप एक ही जगह पर जयपुर का सारा Street Food (स्ट्रीट फूड) चखना चाहते हैं, तो ‘मसाला चौक’ (राम निवास बाग के पास) सबसे बेस्ट है। यहाँ जयपुर के सभी पुराने और प्रसिद्ध आउटलेट्स के स्टॉल लगे हैं। लोग यहाँ अक्सर ‘रावत की प्याज कचौरी’, ‘सम्राट के समोसे’ और ‘पंडित जी की पाव भाजी’ सर्च करते हुए पहुँचते हैं। हमारी टीम ने जब यहाँ का दौरा किया, तो पाया कि यह Family Picnic Spots in Jaipur (जयपुर में पिकनिक की जगह) के तौर पर भी बहुत लोकप्रिय है क्योंकि यहाँ बैठने की अच्छी व्यवस्था और साफ-सफाई है।
जयपुर में Famous Sweets (प्रसिद्ध मिठाइयाँ) कौन सी हैं और लोग क्या सर्च करते हैं?
जयपुर की मिठाइयों में सबसे ज्यादा Ghewar (घेवर) सर्च किया जाता है। लोग अक्सर ‘LMB (Laxmi Misthan Bhandar)’ का पनीर घेवर ढूंढते हैं। इसके अलावा Handicrafts Shopping Jaipur (जयपुर हस्तशिल्प खरीदारी) के दौरान जोहरी बाजार आने वाले लोग ‘दूध के लड्डू’ और ‘फिरनी’ खाना पसंद करते हैं। हमारी टीम का सुझाव है कि आप Chokhi Dhani (चोखी ढाणी) के विलेज फेयर में मिलने वाला ‘मालपुआ’ भी जरूर ट्राई करें, जो देसी घी में डूबा होता है और जिसका स्वाद रूह को तृप्त कर देता है।
: क्या जयपुर में Local Dhaba Style Food (लोकल ढाबा स्टाइल खाना) सुरक्षित और स्वादिष्ट है?
बिल्कुल! जयपुर के टोंक रोड और अजमेर रोड पर कई ऐसे Local Dhaba Style Food (लोकल ढाबा स्टाइल खाना) पॉइंट्स हैं जो 24 घंटे खुले रहते हैं। लोग अक्सर “Dhabas near me” सर्च करते हुए यहाँ पहुँचते हैं। यहाँ की ‘सेव टमाटर’ और ‘तंदूरी लच्छा परांठा’ बहुत मशहूर है। हमारी टीम ने अपने अनुभव में पाया कि ये ढाबे न केवल बजट-फ्रेंडली हैं, बल्कि यहाँ का खाना भी बहुत फ्रेश होता है। यदि आप Jaipur Airport to Chokhi Dhani (जयपुर एयरपोर्ट से चोखी ढाणी) जा रहे हैं, तो रास्ते में आपको ऐसे कई बेहतरीन ढाबे मिलेंगे।
रात के समय Jaipur Travel Guide 2026 के अनुसार खाने के बेस्ट ऑप्शंस क्या हैं?
2026 में जयपुर की नाइटलाइफ़ काफी बढ़ गई है। रात के समय लोग ‘MI Road’ और ‘C-Scheme’ के कैफे सर्च करते हैं। Things to do in Jaipur at Night (जयपुर में रात को करने योग्य चीजें) में चोखी ढाणी का डिनर सबसे ऊपर आता है क्योंकि यह रात 11 बजे तक खुला रहता है। इसके अलावा, रात के समय ‘अमर जवान ज्योति’ के पास मिलने वाली कुल्फी और कोल्ड कॉफी भी पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है। हमारी टीम के अनुसार, रात के समय पिंक सिटी की लाइटों के बीच स्ट्रीट फूड का आनंद लेना एक अलग ही Heritage Village Experience (विरासत गांव का अनुभव) जैसा महसूस कराता है।
सम्राट रेस्टोरेंट (चौड़ा रास्ता) का कढ़ी-समोसा इतना प्रसिद्ध क्यों है और इसे कब ट्राई करना चाहिए?
जयपुर के सिटी पैलेस (City Palace) के पास स्थित सम्राट रेस्टोरेंट (Samrat Restaurant) अपने अनोखे कढ़ी-समोसे के लिए जाना जाता है। यहाँ समोसे को साधारण चटनी के बजाय दही और मसालों से बनी तीखी-खट्टी कढ़ी के साथ परोसा जाता है, जो इसके स्वाद को दोगुना कर देती है। हमारी टीम ने जब यहाँ का दौरा किया, तो पाया कि सुबह 8 से 11 बजे के बीच यहाँ पैर रखने की जगह नहीं होती। समोसे के बाद यहाँ की देसी घी की कुरकुरी जलेबी खाना एक ‘Mandatory’ परंपरा है। यदि आप पुराने जयपुर की हलचल और असली जायके का अनुभव करना चाहते हैं, तो चौड़ा रास्ता की यह दुकान आपकी लिस्ट में सबसे ऊपर होनी चाहिए।
MI Road पर स्थित पुरानी लस्सीवाला (दुकान नंबर 312) की क्या खासियत है?
जयपुर की MI Road पर लस्सी की कई दुकानें हैं, लेकिन दुकान नंबर 312 (पुरानी लस्सीवाला) का स्वाद सबसे असली माना जाता है। यहाँ लस्सी को मिट्टी के कुल्हड़ में परोसा जाता है और इसके ऊपर ‘मलाई की मोटी परत’ (मलाई मार के) डाली जाती है। यह लस्सी इतनी गाढ़ी होती है कि इसे पीने के बजाय आप चम्मच से खाना पसंद करेंगे। 2026 में भी यहाँ स्वाद और क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया गया है। हमारी टीम का सुझाव है कि आप दोपहर 1-2 बजे से पहले पहुँच जाएँ, क्योंकि इनका स्टॉक बहुत जल्दी खत्म हो जाता है। यह लस्सी न केवल प्यास बुझाती है बल्कि दोपहर की चिलचिलाती धूप में गजब की ठंडक भी देती है।
: सांई राम दाल बाटी (सेठी कॉलोनी) का अनुभव चोखी ढाणी से अलग कैसे है?
यदि आप Chokhi Dhani (चोखी ढाणी) के तामझाम से दूर, किसी शांत जगह पर शुद्ध घरेलू स्वाद वाली Dal Baati Churma in Jaipur (जयपुर में दाल बाटी चूरमा) तलाश रहे हैं, तो सांई राम दाल बाटी बेस्ट है। जयपुर नेशनल हॉस्पिटल के पास स्थित यह आउटलेट अपने ‘शुद्ध देसी घी’ के उपयोग के लिए मशहूर है। यहाँ बाटी एकदम नरम होती है और उसे घी में डुबोकर परोसा जाता है। इनके साथ मिलने वाली लहसुन की चटनी और चूरमा का स्वाद आपको घर की याद दिला देगा। हमारी टीम ने पाया कि यहाँ का माहौल बहुत ही सादा और साफ-सुथरा है, जो उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो केवल ‘क्वालिटी फूड’ पर फोकस करना चाहते हैं।
हवा महल के सामने ‘पंडित कुल्फी’ खाने का सबसे सही समय क्या है?
पंडित कुल्फी (Pandit Kulfi) जयपुर की एक विरासत जैसी है। हवा महल के बिल्कुल सामने स्थित यह छोटी सी दुकान अपनी केसर पिस्ता कुल्फी के लिए मशहूर है। हमारी टीम के अनुसार, यहाँ कुल्फी खाने का सबसे सही समय रात 8 बजे के बाद है, जब हवा महल रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगा उठता है। हाथ में कुल्फी का स्टिक और सामने ऐतिहासिक हवा महल का नजारा — यह अनुभव आपकी Things to do in Jaipur at Night लिस्ट को पूरा करता है। इसकी मिठास एकदम संतुलित होती है और कुल्फी में मिलाए गए सूखे मेवे हर बाइट में एक रिच अहसास देते हैं।
गुलाब जी चाय (MI Road) का बन-मक्खन इतना लोकप्रिय क्यों है?
गणपति प्लाजा के पास स्थित गुलाब जी चाय वाले (Gulab Ji Chai Wale) की मसाला चाय का स्वाद जयपुर के हर नागरिक की जुबान पर है। यहाँ की चाय को खास मसालों के साथ घंटों उबाला जाता है, जिससे इसमें एक कड़कपन आता है। इसके साथ मिलने वाला ‘बन-मक्खन’ (Bun Makkhan), जिसमें मक्खन की भारी लेयर और ऊपर से छिड़का हुआ हल्का मसाला होता है, चाय के स्वाद को और बढ़ा देता है। हमारी टीम ने देखा कि सुबह-सुबह यहाँ लग्जरी गाड़ियों से लेकर स्थानीय लोग तक एक ही बेंच पर बैठकर चाय का आनंद लेते हैं। यह जगह जयपुर की ‘Social Life’ का एक अहम हिस्सा है।
राजा पार्क के ‘सेठानी के गोलगप्पे’ की क्या विशेषता है?
- : राजा पार्क में स्थित सेठानी के गोलगप्पे (Sethani ke Golgappe) अपने ‘5 स्वाद वाले पानी’ (हींग, जीरा, लहसुन, पुदीना और खट्टा-मीठा) के लिए मशहूर हैं। यहाँ साफ-सफाई (Hygiene) का विशेष ध्यान रखा जाता है, जो इसे पर्यटकों के बीच सुरक्षित और लोकप्रिय बनाता है। यहाँ के गोलगप्पे एकदम कुरकुरे होते हैं और मसाला भी काफी चटपटा होता है। हमारी टीम का सुझाव है कि गोलगप्पों के बाद इनकी ‘दही पूरी’ भी जरूर ट्राई करें। Handicrafts Shopping Jaipur के बाद शाम को यहाँ आना आपको ताजगी से भर देगा।
फलाहार (बापू बाजार) में साबूदाना वड़ा और श्रीखंड का आनंद क्यों लेना चाहिए?
बापू बाजार में Handicrafts Shopping करते समय जब आप थक जाएं, तो फलाहार (Falahaar) आपकी थकान मिटाने के लिए बेस्ट है। सराओगी मेंशन के पास स्थित यह जगह शुद्ध शाकाहारी और व्रत वाले खाने के लिए जानी जाती है। यहाँ का ‘साबूदाना वड़ा’ बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम होता है, जिसे ठंडी दही के साथ परोसा जाता है। इसके अलावा, यहाँ का केसरिया श्रीखंड जयपुर में सबसे बेस्ट माना जाता है। हमारी टीम ने अनुभव किया कि यह जगह न केवल स्वाद में बल्कि स्वास्थ (Health) के मामले में भी काफी हल्की और अच्छी है।
दादू की कचौरी (बनी पार्क) अन्य जगहों से अलग क्यों है?
- हालांकि जयपुर में प्याज कचौरी बहुत मिलती है, लेकिन दादू की कचौरी (Dadu ki Kachori) अपनी ‘हींग वाली कचौरी’ के लिए जानी जाती है। बनी पार्क में कलेक्ट्रेट के पास स्थित यह दुकान स्थानीय लोगों का राज है। यहाँ की कचौरी का मसाला बहुत ही संतुलित होता है और हींग की खुशबू इसे एक अलग पहचान देती है। हमारी टीम के अनुसार, यदि आप Rawat Misthan Bhandar की भीड़ से बचना चाहते हैं और एक नया ऑथेंटिक टेस्ट चाहते हैं, तो दादू की कचौरी एक बेहतरीन Hidden Food Gem है।
रामभवन रबड़ी (टोंक रोड) को अपनी ट्रेवल लिस्ट में क्यों जोड़ें?
यदि आप Chokhi Dhani Location Tonk Road की तरफ जा रहे हैं या Jaipur Airport की ओर बढ़ रहे हैं, तो दुर्गापुरा में रामभवन रबड़ी (Rambhavan Rabri) पर रुकना बनता है। यहाँ की रबड़ी एकदम मलाईदार और लच्छेदार होती है, जिसे छोटे कुल्हड़ों में परोसा जाता है। इसमें चीनी की मात्रा बहुत संतुलित होती है जिससे दूध का असली स्वाद उभर कर आता है। हमारी टीम ने इसे रात के डिनर के बाद ‘Sweet Dish’ के तौर पर ट्राई किया और यह वाकई एक यादगार स्वाद था।
मसाला चौक (राम निवास बाग) में ‘ऑल-इन-वन’ फूड एक्सपीरियंस कैसा रहता है?
मसाला चौक (Masala Chowk) जयपुर का एक ऐसा ओपन-एयर फूड कोर्ट है जहाँ शहर के सभी 20-22 टॉप वेंडर्स के स्टॉल एक ही जगह पर हैं। यहाँ ‘सम्राट के समोसे’ से लेकर ‘जीतेन्द्र के गोलगप्पे’ तक सब मिलता है। यह Family Picnic Spots in Jaipur के रूप में सबसे बेस्ट है क्योंकि यहाँ बच्चों के लिए काफी जगह है और हर किसी को अपनी पसंद का खाना मिल जाता है। हमारी टीम का मानना है कि यदि आपके पास समय कम है और आप जयपुर के सारे मशहूर स्ट्रीट फूड चखना चाहते हैं, तो मसाला चौक से बेहतर कोई और जगह नहीं है।
कैसा लगा हमारा यह आर्टिकल आपकी सार्थक राय दें ताकि हम और सुधार कर सकें।



