स्वदेश दर्शन 2.0 खाटू श्याम जी: ₹100 करोड़ के प्रोजेक्ट से श्रद्धालुओं को क्या-क्या आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी?

स्वदेश दर्शन 2.0 खाटू श्याम जी के अन्तर्गत मंदिर का ₹100 करोड़ की लागत से कायाकल्प किया जा रहा है। मल्टीलेवल पार्किंग, डिजिटल म्यूजियम और भव्य कथा पंडाल की पूरी जानकारी और मास्टर प्लान यहाँ देखें।

“Swadesh Darshan 2.0 Scheme”‘स्वदेश दर्शन योजना’

मंत्रालय (Ministry): यह केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय (Ministry of Tourism) की एक प्रमुख फ्लैगशिप योजना है.

शुरुआत (Launch): मूल स्वदेश दर्शन योजना को वर्ष 2014-15 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ‘थीम-आधारित पर्यटन सर्किट’ (जैसे- रामायण सर्किट, बौद्ध सर्किट, कृष्णा सर्किट) का विकास करना था.

फंडिंग (Funding): यह 100% केंद्र प्रायोजित (Centrally Funded) योजना है, यानी इसका पूरा पैसा केंद्र सरकार देती है.

‘स्वदेश दर्शन 2.0’ (SD 2.0) क्या है?

वर्ष 2022 में अपग्रेड हुई स्वदेश दर्शन 2.0 योजना पर्यटन मंत्रालय की नई पहल है। पहले की सर्किट-केंद्रित नीति (SD 1.0) को बदलकर अब इसे पूरी तरह गंतव्य-केंद्रित (Destination-centric) बनाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में सतत और जिम्मेदार पर्यटन (Sustainable Tourism) को बढ़ावा देना है।

कृष्णा सर्किट (Krishna Circuit) क्या है और इसमें राजस्थान के कौन-से मंदिर शामिल

सर्किट समावेशन: राजस्थान में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्वदेश दर्शन 2.0 के अंतर्गत ‘कृष्णा सर्किट’ के तहत खाटूश्यामजी मंदिर को जोड़ा गया है.

राजस्थान के एकीकृत कृष्णा सर्किट परियोजना के तहत राज्य के तीन प्रमुख आस्था धामों—जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर, सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर और राजसमंद के नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर का भव्य विकास किया जा रहा है, जिसके लिए सरकार द्वारा कुल ₹100 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार किया गया है।

सीकर खाटू श्याम जी प्रोजेक्ट” और “स्वदेश दर्शन 2.0 खाटू श्याम जी

सीकर खाटू श्याम जी प्रोजेक्ट केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ योजना के तहत एक महत्वाकांक्षी विकास परियोजना है। इसके अंतर्गत लगभग ₹100 करोड़ की लागत से खाटू नगरी का कायाकल्प किया जा रहा है।

इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्याम भक्तों को वर्ल्ड-क्लास आधुनिक सुविधाएं देना और दर्शन अनुभव को सुगम बनाना है। इसके तहत मंदिर से 2 किमी पहले, रींगस रोड पर साढ़े पांच एकड़ भूमि पर भव्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है।

योजना में 2,500 क्षमता का कथा पंडाल, 1,650 क्षमता का वेटिंग एरिया, अत्याधुनिक डिजिटल म्यूजियम, 300 दर्शकों के लिए ओपन एयर थिएटर और विशाल मल्टीलेवल पार्किंग शामिल हैं। राजस्थान सड़क विकास निगम (RSRDC) द्वारा संचालित इस प्रोजेक्ट का लगभग 45% काम पूरा हो चुका है और इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

“खाटू श्याम मंदिर आधुनिक सुविधाएं” स्वदेश दर्शन 2.0 खाटू श्याम जी

भव्य कथा पंडाल और ओपन एयर थिएटर :खाटू श्याम जी आने वाले श्रद्धालुओं के धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए मंदिर क्षेत्र में एक आधुनिक भव्य कथा पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। इस विशाल पंडाल में एक साथ 2,500 से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता होगी। इसके साथ ही, यहाँ एक ओपन एयर थिएटर भी विकसित किया जा रहा है जहाँ बाबा श्याम के जीवन और भजनों से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लाइव आयोजन किया जा सकेगा।

त्योहारों और फाल्गुन मेले के दौरान लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए रींगस रोड पर एक बड़ा बदलाव किया जा रहा है। यहाँ साढ़े पांच (5.5) एकड़ जमीन पर एक विशाल और सुव्यवस्थित आधुनिक पार्किंग और मेला ग्राउंड विकसित किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था से हजारों छोटी-बड़ी गाड़ियों और बसों को आसानी से पार्क किया जा सकेगा, जिससे पैदल चलने वाले श्याम भक्तों को सुरक्षित मार्ग मिलेगा।

बाबा श्याम की ऐतिहासिक गाथा, महाभारत कालीन इतिहास और खाटू श्याम मंदिर के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए यहाँ एक हाईटेक डिजिटल म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाया जा रहा है। इस म्यूजियम में आधुनिक स्क्रीन, ऑडियो-विजुअल गाइड्स और 3D तकनीक के जरिए श्रद्धालु बाबा श्याम की कथाओं को जीवंत रूप में देख और समझ सकेंगे।

दूर-दराज से आने वाले भक्तों के खान-पान की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के पास आधुनिक कैफेटेरिया और मल्टी-कुजीन फूड कोर्ट की स्थापना की जा रही है। यहाँ श्रद्धालुओं को पूरी तरह से हाइजीनिक, शुद्ध और पौष्टिक भोजन बहुत ही किफायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें बाहर की दुकानों पर अशुद्ध खाने की चिंता नहीं रहेगी।

गर्मियों की भीषण धूप और मानसून की भारी बारिश में लाइनों में खड़े रहने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए विशेष भव्य वेटिंग एरिया और कवर्ड शेड्स का निर्माण किया जा रहा है। इस शेल्टर एरिया में बैठने की उत्तम व्यवस्था के साथ-साथ कूलिंग सिस्टम (कूलर/पंखे) भी लगाए जाएंगे, जिससे भक्तों को बाबा के दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते समय कोई असुविधा नहीं होगी।

लाखों की तादाद में आने वाले भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे खाटू क्षेत्र को एक स्मार्ट सीसीटीवी (CCTV) कैमरा नेटवर्क से लैस किया जा रहा है। इसके साथ ही एक अत्याधुनिक केंद्रीय कमांड सेंटर बनाया जा रहा है, जहाँ से सुरक्षा एजेंसियां और मंदिर प्रशासन रीयल-टाइम भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) कर सकेंगे ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

श्रद्धालुओं की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूरे मार्ग और मंदिर क्षेत्र में वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इसके तहत जगह-जगह साफ-सुथरे आधुनिक शौचालय, शुद्ध ठंडे पानी के लिए पेयजल एटीएम (Water ATMs) और किसी भी आपातकालीन चिकित्सा स्थिति के लिए एक त्वरित फर्स्ट-एड मेडिकल रूम (First-Aid Room) स्थापित किया जा रहा है।

खाटू श्याम जी कॉरिडोर प्रोजेक्ट क्या है Khatu Shyam ji corridor”

खाटू श्याम जी कॉरिडोर प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ योजना और राजस्थान सरकार का एक महत्वाकांक्षी साझा प्रयास है, जिसका उद्देश्य बाबा श्याम के दरबार को वैश्विक स्तर पर भव्य और आधुनिक बनाना है। लगभग ₹100 करोड़ की लागत से बनने वाले इस कॉरिडोर को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है । इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत रींगस रोड पर 5.5 एकड़ में फैली हाईटेक पार्किंग, 2,500 से अधिक श्रद्धालुओं की क्षमता वाला विशाल कथा पंडाल और बाबा श्याम के इतिहास को जीवंत करने वाला एक आधुनिक डिजिटल म्यूजियम बनाया जा रहा है। इसके अलावा भक्तों के लिए वातानुकूलित वेटिंग एरिया, हाइजीनिक फूड कोर्ट और रीयल-टाइम भीड़ प्रबंधन के लिए स्मार्ट सीसीटीवी कमांड सेंटर जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे अब श्याम भक्तों की यात्रा बेहद सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।

खाटू श्याम जी का काम कब पूरा होगा

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और पर्यटन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकों के अनुसार, इस पूरे कॉरिडोर और विकास कार्यों को मार्च 2027 तक पूरा करने का अंतिम लक्ष्य (Deadline) रखा गया है। राजस्थान सड़क विकास निगम (RSRDC) द्वारा निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और उम्मीद है कि तय समय सीमा के भीतर यह भव्य प्रोजेक्ट पूरा होकर भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा।

खाटू श्याम जी डिजिटल म्यूजियम

बाबा श्याम के इतिहास और सनातन संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए इस प्रोजेक्ट में एक अनोखी पहल की जा रही है। मंदिर परिसर के पास एक भव्य खाटू श्याम जी डिजिटल म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। इस हाईटेक म्यूजियम में आधुनिक स्क्रीन, 3D तकनीक और ऑडियो-विजुअल माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु महाभारत कालीन इतिहास, बर्बरीक की कथा और खाटू श्याम मंदिर के गौरवशाली इतिहास को बेहद आकर्षक और जीवंत रूप में देख सकेंगे।

खाटू श्याम जी कथा पंडाल क्षमता

धार्मिक आयोजनों और कीर्तन के लिए मंदिर परिसर के पास एक भव्य और सर्वसुविधायुक्त शेल्टर बनाया जा रहा है। अगर बात करें खाटू श्याम जी कथा पंडाल क्षमता की, तो इस नवनिर्मित आधुनिक कथा पंडाल में एक साथ 2,500 से अधिक श्रद्धालु आराम से बैठ सकेंगे। यह पंडाल पूरी तरह से वाटरप्रूफ और कवर्ड होगा, जिससे भीषण गर्मी या भारी बारिश के दौरान भी धार्मिक कथाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम बिना किसी बाधा के चलते रहेंगे।

खाटू श्याम जी नई पार्किंग रींगस रोड

स्वदेश दर्शन 2.0 प्रोजेक्ट के तहत खाटू श्याम जी नई पार्किंग रींगस रोड पर मुख्य मंदिर से 2 किलोमीटर पहले बनाई जा रही है। साढ़े पांच एकड़ में फैले इस आधुनिक मेला ग्राउंड और पार्किंग एरिया में एक साथ हजारों कारों और बसों को पार्क किया जा सकेगा। इस नई व्यवस्था से वाहनों का दबाव कम होगा और पैदल आने वाले श्याम भक्तों का मार्ग सुरक्षित और पूरी तरह सुगम हो जाएगा।

स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत सीकर के प्रसिद्ध श्री खाटू श्याम जी मंदिर के समग्र विकास के लिए ₹100 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। इस महत्वकांक्षी परियोजना का मुख्य निष्कर्ष यह है कि इससे मंदिर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, सुगम यातायात, आधुनिक पार्किंग और भीड़ नियंत्रण प्रणाली में क्रांतिकारी सुधार आएगा।

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