लक्ष्मीनाथ मंदिर बीकानेर: वो ‘रहस्यमयी’ मंदिर जहाँ भगवान खुद हैं ‘नगर सेठ’: क्या आपने देखी है यहाँ की जादुई पुष्प होली?

लक्ष्मीनाथ मंदिर बीकानेर का समय (Laxminath Temple Bikaner timings today), सटीक लोकेशन (Location Map) और पार्किंग की पूरी गाइड। जानें क्यों महाराजा राव बीकाजी ने बनवाया था यह मंदिर। साथ ही पढ़ें मंदिर के पास मिलने वाले बेस्ट स्ट्रीट फूड (Best Street Food) और दर्शन के टिप्स हमारी टीम के अनुभव के साथ

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लक्ष्मीनाथ मंदिर के वो 3 रहस्य जो होश उड़ा देंगे! (The Secrets)

  • जब आसमान से होती है फूलों की बारिश: यहाँ की पुष्प होली (Phoolon ki Holi Bikaner) देखने दुनिया भर से फोटोग्राफर आते हैं। जब क्विंटलों गुलाब और गेंदे के फूल भक्तों पर बरसते हैं, तो लगता है जैसे स्वर्ग धरती पर उतर आया हो
  • चांदी के दरवाजों का पहरा: मंदिर के मुख्य द्वार पर चांदी की ऐसी नक्काशी है जिसे आज के मशीनी युग में बनाना नामुमकिन है। यह राजस्थानी वास्तुकला (Architecture) का शिखर है।
  • चंग की थाप और रूहानी सुकून: हमारी टीम (Our Team) ने महसूस किया कि शाम की ‘धमाल’ के दौरान जब चंग बजता है, तो आप अनजाने ही झूमने लगते हैं।

लक्ष्मीनाथ मंदिर बीकानेर फैक्ट बॉक्स

  • राजा नहीं, ‘दीवान’ यहाँ के महाराजा खुद को भगवान का ‘सेवक’ मानते थे।
  • 953 झरोखों वाला शहर मंदिर की ऊँचाई से पूरा ‘पिंक सिटी’ जैसा नज़ारा दिखता है।
  • बिना नींव का टीला यह मंदिर बीकानेर के सबसे ऊँचे प्राकृतिक टीले पर बना है।

लक्ष्मीनाथ मंदिर का गौरवशाली इतिहास (History of Shri Laxminath Temple

  • बीकानेर की स्थापना और मंदिर (Established in 1488): इस भव्य मंदिर का निर्माण बीकानेर के संस्थापक राव बीकाजी (Rao Bikaji) ने सन् 1488 के आसपास करवाया था। कहा जाता है कि बीकानेर शहर की बसावट इसी मंदिर के इर्द-गिर्द शुरू हुई थी।
  • नगर सेठ की परंपरा: बीकानेर के राजघराने में एक अद्वितीय परंपरा रही है। यहाँ के महाराजा खुद को राजा नहीं, बल्कि भगवान लक्ष्मीनाथ का ‘दीवान’ (Prime Minister) मानते थे। राज्य का कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले ‘नगर सेठ’ लक्ष्मीनाथ जी की आज्ञा लेना अनिवार्य था।
  • वास्तुकला और पत्थर (Architecture): मंदिर का निर्माण जैसलमेर के प्रसिद्ध लाल और गुलाबी बलुआ पत्थरों (Red & Pink Sandstone) से किया गया है। इसकी शिल्पकला मारवाड़ और राजपूताना शैली का बेहतरीन मिश्रण है।
  • चांदी के बेजोड़ द्वार: मंदिर के द्वारों पर की गई बारीक चांदी की नक्काशी महाराजा गंगा सिंह जी और महाराजा डूंगर सिंह जी के काल की वैभवता को दर्शाती है।

लक्ष्मीनाथ मंदिर बीकानेर की सटीक लोकेशन क्या है और पार्किंग कहाँ करें? (Exact Shri Laxminath Temple Bikaner location map & parking guide)

अक्सर लोग पुरानी गलियों में रास्ता भटक जाते हैं। लक्ष्मीनाथ मंदिर बीकानेर की लोकेशन (Shri Laxminath Temple Bikaner location map) ढलान वाली ‘लक्ष्मीनाथ घाटी’ पर है। चूंकि यहाँ सड़कें बहुत संकरी हैं, इसलिए लक्ष्मीनाथ मंदिर के पास पार्किंग (Parking near Laxminath Temple Bikaner) की तलाश करना बेकार है। हमारी टीम का सुझाव है कि अपनी गाड़ी कोटगेट के पास पार्क करें और वहां से ₹20 में ई-रिक्शा (E-Rickshaw) लें।

लक्ष्मी नाथ मंदिर दर्शन का सही समय क्या है और क्या फोटोग्राफी अलाउड है? (Laxminath Temple Bikaner timings today & photography rules)

लक्ष्मीनाथ मंदिर का समय (Laxminath Temple Bikaner timings today) सुबह 5:00 से दोपहर 1:00 और शाम 5:00 से रात 10:00 तक रहता है। हमारी टीम (Our Team) ने पाया कि सूर्यास्त (Sunset) के समय मंदिर का दृश्य फोटोग्राफी के लिए सबसे बेस्ट है। मोबाइल से फोटो लेना अलाउड है, लेकिन भगवान की मूर्ति की फोटो न लें।

लक्ष्मीनाथ मंदिर बीकानेर कहाँ स्थित है और वहां कैसे पहुँचें? (Where is Laxminath Temple Bikaner located?)

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