पत्रिका गेट जयपुर ।(Patrika Gate) की सैर करें! जानें इसका इतिहास (History), फोटोग्राफी टिप्स और 2026 के अपडेटेड टाइमिंग्स। राजस्थान की कला और संस्कृति को दर्शाते इस भव्य प्रवेश द्वार (Ninth Gate) को ₹0 के बजट (Budget) में घूमने का पूरा प्लान। हमारी टीम का ग्रेट एक्सपीरियंस (Great Experience)
पत्रिका गेट जयपुर का इतिहास और निर्माण (History & Construction)
क्यों बनाया (Why was it built): पत्रिका गेट (Patrika Gate) का निर्माण राजस्थान की कला, शिल्प और सांस्कृतिक विविधता को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करने के लिए किया गया था। यह जयपुर के नौवें द्वार के रूप में जाना जाता है।
- कब बनाया (When was it built): इसका भव्य उद्घाटन 8 सितंबर 2020 को भारत के प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था। इसका निर्माण ‘राजस्थान पत्रिका’ समूह द्वारा कराया गया है।
- क्या विशेषता है (Specialty): पत्रिका गेट (Patrika Gate) के हर स्तंभ (Pillar) और मेहराब (Arch) पर राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों जैसे ढूंढाहड़, मारवाड़, मेवाड़ और शेखावाटी की चित्रकला और इतिहास को हाथ से उकेरा गया है।
पत्रिका गेट।जयपुर फैक्ट फाइल (Fact File – Patrika Gate)
- स्थान (Location) जवाहर सर्कल, सांगानेर रोड, जयपुर
- प्रवेश शुल्क (Entry Fee) बिल्कुल मुफ्त (Free Entry)
- खुलने का समय (Timings) 24 घंटे खुला (फोटोग्राफी के लिए सुबह 6:00 से 9:00 बेस्ट)
- क्या देखें यहाँ हस्तशिल्प पेंटिंग्स, म्यूजिकल फाउंटेन, रोज़ गार्डन
- निकटतम स्थान (Nearby Places) जयपुर एयरपोर्ट, वर्ल्ड ट्रेड पार्क (WTP), सांगानेर
पत्रिका गेट (Patrika Gate) को जयपुर का ‘नौवां द्वार’ क्यों कहा जाता है?
ऐतिहासिक रूप से, जयपुर के पुराने शहर (Pink City) के सात मुख्य प्रवेश द्वार थे, जिन्हें बाद में बढ़ाकर आठ कर दिया गया। पत्रिका गेट (Patrika Gate) को आधुनिक जयपुर के ‘नौवें द्वार’ (Ninth Gate) के रूप में डिज़ाइन किया गया है। विशेषता: इसकी ऊंचाई और भव्यता पुराने द्वारों जैसी ही रखी गई है ताकि यह जयपुर की क्लासिक वास्तुकला (Classic Architecture) से मेल खा सके। हमारी टीम का अनुभव (Experience) है कि पत्रिका गेट (Patrika Gate) से प्रवेश करना आपको पुराने शहर की याद दिलाता है, भले ही यह एयरपोर्ट के पास के आधुनिक इलाके में स्थित हो। यह पर्यटकों के लिए एक फ्री एक्सपीरियंस (Free Experience) है जो आपकी यात्रा में चार चाँद लगा देता है।
पत्रिका गेट (Patrika Gate) की जयपुर एयरपोर्ट से दूरी (Distance) कितनी है और यहाँ पहुँचने का सबसे आसान तरीका क्या है?
पत्रिका गेट (Patrika Gate) जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jaipur International Airport) के बेहद करीब, मात्र 2 किमी की दूरी (Distance) पर स्थित है। यदि आप जयपुर हवाई अड्डे पर उतर रहे हैं, तो यहाँ पहुँचना आपके लिए सबसे बेस्ट डील (Best Deal) है।कैसे पहुँचें (How to Reach): एयरपोर्ट से आप मात्र 5-10 मिनट में टैक्सी या ऑटो के जरिए यहाँ पहुँच सकते हैं। हमारी टीम का अनुभव (Experience) है कि यदि आपके पास समय कम है और आपकी फ्लाइट में 2-3 घंटे बाकी हैं, तो पत्रिका गेट (Patrika Gate) घूमना एक शानदार विकल्प है।सस्ता तरीका (Cheap Way): एयरपोर्ट के बाहर से आपको स्थानीय ई-रिक्शा (E-Richshaw) भी मिल जाएंगे जो ₹30-50 के सस्ते (Cheap) किराए में आपको जवाहर सर्कल (Jawahar Circle) के मुख्य द्वार तक छोड़ देंगे। स्थानीय गाइड (Local Guide) का सुझाव है कि भारी सामान के साथ यहाँ आने के बजाय, आप इसे अपनी यात्रा के पहले या आखिरी पड़ाव के रूप में प्लान करें ताकि आप बिना किसी बोझ के राजस्थान की इस भव्य वास्तुकला (Architecture) का आनंद ले सकें।
क्या पत्रिका गेट (Patrika Gate) में व्लॉगिंग और प्रोफेशनल वीडियो शूट के लिए कोई खास समय निर्धारित है?
व्लॉगर्स और यूट्यूबर्स (YouTubers) के लिए पत्रिका गेट (Patrika Gate) एक हॉटस्पॉट है। हमारी टीम का ग्रेट एक्सपीरियंस (Great Experience) रहा है कि वीडियो शूट के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 6:00 बजे से 8:30 बजे तक है।क्यों जल्दी आएं: 9:00 बजे के बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भीड़ बढ़ जाती है, जिससे क्लीन वीडियो शॉट (Clean Shots) लेना मुश्किल हो जाता है।नियम (Rules): सामान्य वीडियो शूट के लिए कोई परमिशन नहीं लगती, लेकिन बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए स्थानीय प्रशासन से बात करना बेहतर है। हमारी टीम का सुझाव है कि पत्रिका गेट (Patrika Gate) की लंबी गलियों में ‘सिनेमैटिक वॉक’ (Cinematic Walk) रिकॉर्ड करें, जो आपके व्लॉग में प्रोफेशनल लुक (Professional Look) जोड़ देगा।
पत्रिका गेट (Patrika Gate) की दीवारों पर बनी पेंटिंग्स में राजस्थान के किन क्षेत्रों की झलक मिलती है?
पत्रिका गेट (Patrika Gate) की सबसे बड़ी विशेषता इसकी नौ रंगीन दीर्घाएँ (Nine Corridors) हैं। हर गैलरी राजस्थान के एक विशिष्ट क्षेत्र की कला को समर्पित है। हमारी टीम ने जब स्थानीय गाइड (Local Guide) से समझा, तो पता चला कि यहाँ मेवाड़ (Mewar) की शौर्य गाथाएँ, मारवाड़ (Marwar) के किलों की वास्तुकला, ढूंढाहड़ (Dhundhar) की बारीक चित्रकारी और शेखावाटी (Shekhawati) की प्रसिद्ध भित्ति चित्रों (Frescoes) को जीवंत किया गया है। पत्रिका गेट (Patrika Gate) के हर खंभे पर हाथ से बनाई गई ये कलाकृतियाँ राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत (Cultural Heritage) को एक ही छत के नीचे प्रदर्शित करती हैं, जो इसे कला प्रेमियों के लिए एक बेस्ट डील (Best Deal) बनाती हैं।
पत्रिका गेट (Patrika Gate) के आस-पास खाने-पीने के क्या विकल्प उपलब्ध हैं?
जवाहर सर्कल के चारों ओर जयपुर के प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड स्टॉल्स लगते हैं।लोकल स्वाद: यहाँ की ‘पंडित पाव भाजी’ और ‘कुल्हड़ लस्सी’ पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।लोकल ढाबे (Local Dhabas): पास के मालवीय नगर इलाके में कई बजट अनुकूल ढाबे हैं जहाँ ₹200 के अंदर आप भरपेट भोजन कर सकते हैं। हमारी टीम का ग्रेट एक्सपीरियंस (Great Experience) रहा है कि यहाँ के स्थानीय वेंडर्स से ‘मसाला कॉर्न’ (Bhutta) लेकर गार्डन में टहलना एक सुखद अनुभव है।
क्या पत्रिका गेट (Patrika Gate) के अंदर जाने के लिए कोई टिकट लगता है?
जी नहीं, पत्रिका गेट (Patrika Gate) में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क (Free of Cost) है। यह सार्वजनिक पार्क ‘जवाहर सर्कल’ का मुख्य प्रवेश द्वार है। हमारी टीम ने पाया कि यहाँ शाम के समय पर्यटकों की काफी भीड़ होती है, इसलिए यदि आप शांति से फोटो खींचना चाहते हैं, तो सुबह 7 बजे से पहले पहुँचने का प्रयास करें। व्लॉगर्स और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स के लिए यह जयपुर की नंबर 1 ऑफबीट जगह (Offbeat Place) है।
पत्रिका गेट (Patrika Gate) फोटोग्राफी और प्री-वेडिंग शूट के लिए इतना प्रसिद्ध क्यों है?
पत्रिका गेट (Patrika Gate) अपनी रंगीन और सममित (Symmetrical) वास्तुकला के कारण फोटोग्राफर्स के लिए स्वर्ग है। यहाँ की हर गैलरी में पेस्टल रंगों का जो उपयोग किया गया है, वह फोटो में बिना किसी फिल्टर के बेहतरीन परिणाम (Great Results) देता है। हमारी टीम का अनुभव (Experience) है कि यहाँ की लंबी गलियों (Corridors) में खड़े होकर ली गई तस्वीरें आपको एक शाही महल जैसा अहसास कराती हैं। यह उन लोगों के लिए बेस्ट डील (Best Deal) है जो सस्ता (Cheap) और सुंदर फोटोशूट चाहते हैं।
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