शाही ठाट, विंटेज कारें और पानी वाली डाइनिंग टेबल: उदय बिलास पैलेस डूंगरपुर का 1 ऐतिहासिक सफर

डूंगरपुर की गोद में स्थित ‘उदय बिलास पैलेस डूंगरपुर (Uday Bilas Palace) राजपूताना स्थापत्य कला और शाही इतिहास का एक जीवंत प्रतीक है। गैब सागर झील के शांत किनारों पर बना यह महल आज एक विश्व प्रसिद्ध हेरिटेज होटल भी है, जो पर्यटकों को राजा-महाराजाओं के दौर की भव्यता का अहसास कराता है।

झील का झरोखा, राजाओं का वैभव: उदय बिलास पैलेस फैक्ट फाइल 🏰

  • पूरा नाम: उदय बिलास पैलेस (Uday Bilas Palace)
  • स्थान: गैब सागर झील के सुरम्य किनारे, डूंगरपुर, राजस्थान
  • निर्माता: महारावल उदय सिंह द्वितीय (डूंगरपुर के तत्कालीन वागड़ शासक)।
  • निर्माण काल: 1880 के दशक (19वीं शताब्दी का उत्तरार्ध)। बाद में 20वीं सदी में महारावल लक्ष्मण सिंह जी द्वारा इसका विस्तार किया गया।
  • शिल्पकला शैली: पारंपरिक राजपूताना वास्तुकला और यूरोपीय (ब्रिटिश) शैली का अनूठा मिश्रण।
  • एक थंबिया महल: पैलेस परिसर का मुख्य आकर्षण, जो जटिल नक्काशीदार खंभों, गरुड़ मूर्तियों और राजस्थानी मूर्तिकला का बेजोड़ नमूना है।
  • प्रयुक्त पत्थर: इस महल के निर्माण में स्थानीय स्तर पर मिलने वाले विशेष ‘परेवा पत्थर’ (धुंधले हरे-नीले रंग के बलुआ पत्थर) का उपयोग किया गया है।
  • वर्तमान स्थिति: महल का एक बड़ा हिस्सा अब एक लग्जरी हेरिटेज होटल के रूप में संचालित है, जहाँ शाही विंटेज कारों का कलेक्शन भी मौजूद है।
  • प्राकृतिक जुड़ाव: यह महल खूबसूरत गैब सागर झील से घिरा है, जो सर्दियों में प्रवासी पक्षियों (Migratory Birds) का बसेरा बनती है।
  • घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च (सर्दियों के महीनों में मौसम बेहद सुहावना होता है)।
  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर (महाराणा प्रताप हवाई अड्डा) है, जो लगभग 120 किमी दूर है।
  • रेल मार्ग: डूंगरपुर रेलवे स्टेशन प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।
  • सड़क मार्ग: उदयपुर, अहमदाबाद और जयपुर से नेशनल हाईवे द्वारा अच्छी सड़क कनेक्टिविटी है।
  • महल भ्रमण शुल्क (सिर्फ घूमने के लिए): पर्यटकों के लिए गाइड टूर के साथ प्रवेश शुल्क लगभग ₹500 से ₹750 प्रति व्यक्ति है।
  • समय: सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक (भ्रमण के लिए)
  • विशेष नोट: महल का एक हिस्सा अभी भी शाही परिवार का निजी निवास है, इसलिए पर्यटकों के लिए केवल निर्दिष्ट क्षेत्र (जैसे एक थंबिया महल, विंटेज कार गैरेज) ही खुले हैं।
  • शुरुआती किराया: लगभग ₹11,000 से ₹14,000 प्रति रात (डीलक्स/स्टैंडर्ड रूम के लिए)
  • सुइट्स और लेक व्यू रूम: लगभग ₹15,000 से ₹32,000+ प्रति रात (सीजन और सुइट के प्रकार के आधार पर)
  • प्रमुख सुविधाएं: लेक व्यू रूम, शानदार स्विमिंग पूल, इन-हाउस विंटेज कार और विमान म्यूजियम।

।🏛️उदय बिलास पैलेस डूंगरपुर इतिहास: महाराजा उदय सिंह द्वितीय की परिकल्पना

उदय बिलास पैलेस का इतिहास 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध से जुड़ा है। इस भव्य महल का निर्माण डूंगरपुर के तत्कालीन वागड़ शासक महाराजा उदय सिंह द्वितीय ने करवाया था। उन्होंने 1880 के दशक में इस महल की आधारशिला रखी थी।

दरअसल, महाराजा उदय सिंह द्वितीय को कला और वास्तुकला से गहरा प्रेम था। वे अपने निवास के लिए एक ऐसा स्थान चाहते थे जो न केवल सुरक्षित हो, बल्कि प्राकृतिक रूप से भी बेहद खूबसूरत हो। गैब सागर झील का किनारा इस महल के लिए सबसे उपयुक्त चुना गया। बाद के वर्षों में, उनके उत्तराधिकारियों, विशेषकर महाराजकुमार लक्ष्मण सिंह जी ने 20वीं शताब्दी में इस महल का और विस्तार किया और इसमें आधुनिक सुख-सुविधाएं जोड़ीं।

🎨उदय बिलास पैलेस डूंगरपुर वास्तुकला: राजपूताना और यूरोपीय शैली का संगम

उदय बिलास पैलेस अपनी अनूठी और जटिल वास्तुकला के लिए दुनिया भर के कला प्रेमियों के बीच प्रसिद्ध है। इस महल के निर्माण में स्थानीय स्तर पर मिलने वाले ‘परेवा पत्थर’ (धुंधले हरे-नीले रंग का बलुआ पत्थर) का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया है। यह पत्थर महल को एक अनूठा और शाही रंग प्रदान करता है।

झरोखे और छतरियां: महल के अग्रभाग (Facade) पर पारंपरिक राजपूताना शैली के झरोखे, सुंदर मेहराब और नक्काशीदार छतरियां बनी हैं।

यूरोपीय प्रभाव: महल के अंदरूनी हिस्सों में ब्रिटिश और यूरोपीय वास्तुकला का प्रभाव भी साफ देखा जा सकता है, जो 20वीं सदी की शुरुआत में किए गए बदलावों का हिस्सा था।

रिफ्लेक्टिंग पूल: महल का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि गैब सागर झील का पानी इसके आंगन तक छूता हुआ प्रतीत होता है, जिससे महल की परछाई पानी में बेहद खूबसूरत दिखती है।

उदय बिलास पैलेस डूंगरपुर के मुख्य आकर्षण और विंग्स (Wings)

एक थंबिया महल (Ek Thambiya Mahal)यह इस पूरे पैलेस परिसर का सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण है। ‘एक थंबिया महल’ का शाब्दिक अर्थ है ‘एक खंभे पर टिका महल’। यह राजपूताना मूर्तिकला का एक अद्भुत चमत्कार है। इसके निर्माण में जटिल नक्काशीदार पैनल, गरुड़ की मूर्तियां, फूलों के बेल-बूटे और ज्यामितीय पैटर्न देखने को मिलते हैं। इसे देखकर कारीगरों की बारीक कलाकारी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

राधा निवास (Radha Niwas)यह हिस्सा महल का वह ब्लॉक है जो कभी शाही परिवार का मुख्य निवास स्थान हुआ करता था। इसकी दीवारों पर की गई नक्काशी और पुराने जमाने के झूमर आज भी उसी दौर की याद दिलाते हैं।

ज़नाना महल (Zanana Mahal)शाही महिलाओं के रहने के लिए बनाया गया यह हिस्सा अपनी गोपनीयता और सुरक्षा के लिए जाना जाता था। इसकी खिड़कियों पर बारीक जालीदार काम किया गया है, ताकि महिलाएं बिना किसी व्यवधान के बाहर के दृश्य देख सकें।

उदय बिलास पैलेस डूंगरपुर ,गैब सागर झील और पक्षी विहार

उदय बिलास पैलेस की खूबसूरती को जो चीज चार चांद लगाती है, वह है इसके ठीक सामने फैली गैब सागर झील। यह झील न केवल महल को एक शांत वातावरण देती है, बल्कि यह पक्षी प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग के समान है।सर्दियों के महीनों में यहाँ सैकड़ों प्रवासी पक्षी (Migratory Birds) डेरा डालते हैं। महल के झरोखे से सुबह के समय झील का नजारा और पक्षियों का कलरव देखना एक जादुई अनुभव होता है।

।🛎️उदय बिलास पैलेस डूंगरपुर : एक भव्य हेरिटेज होटल (Heritage Luxury)

समय के बदलते चक्र के साथ, इस ऐतिहासिक महल के एक बड़े हिस्से को एक प्रीमियम हेरिटेज होटल के रूप में बदल दिया गया है। आज यहाँ देश-विदेश से पर्यटक शाही मेहमाननवाज़ी का लुत्फ उठाने आते हैं।

शाही सुइट्स: महल के कमरों को उसी पुराने राजसी अंदाज में संजोकर रखा गया है। यहाँ की प्राचीन कलाकृतियाँ, कालीन और फर्नीचर पर्यटकों को बीते युग में ले जाते हैं।

विंटेज कार कलेक्शन: पैलेस परिसर में शाही परिवार की पुरानी और दुर्लभ विंटेज कारों का एक शानदार कलेक्शन भी है, जिसे देखना पर्यटकों के लिए एक अलग अनुभव होता है।

उदय बिलास पैलेस में बुकिंग और संपर्क की आधिकारिक जानकारी

झील किनारे बसा उदय बिलास पैलेस, डूंगरपुर का गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है। वर्तमान में यह एक भव्य हेरिटेज होटल है। यहाँ सीधे ऑनलाइन कमरा बुक करने के लिए पर्यटक आधिकारिक वेबसाइट ‘The Udai Bilas Palace Hotel’ पर जा सकते हैं। इसके अलावा, होटल से सीधे संपर्क करने के लिए ईमेल आईडी contact@udaibilaspalace.com या फोन नंबर +91 93146 53967 का उपयोग करें।

उदय बिलास पैलेस डूंगरपुर:द हैंगर’ और विंटेज कार गैरेज बार (The Hangar & Vintage Cars)

लोग यह जानने के लिए बहुत उत्सुक रहते हैं कि महल के अंदर पुराने वाहनों और विंटेज कारों का कैसा कलेक्शन है। सोशल मीडिया पर यहाँ के विंटेज कार गैरेज में बने अनोखे बार और एविएशन-थीम वाले डेकोर की तस्वीरें और रील्स लोग सबसे ज्यादा सर्च और शेयर करते हैं।

एक थंबिया महल की टिकट और एंट्री फीस (Entry Ticket Price)

जो लोग होटल में नहीं ठहरते, वे केवल महल घूमने की फीस सर्च करते हैं। इंटरनेट पर लोग अक्सर यह रिव्यू शेयर करते हैं कि ₹500 प्रति व्यक्ति का टिकट थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इसके अंदर की बारीक राजस्थानी मूर्तिकला और इतिहास को देखने के लिए यह वर्थ (worth) है।

गैब सागर झील और इन्फिनिटी पूल (Infinity Pool & Lake View)

लोग इस महल के उस हिस्से को खूब सर्च करते हैं जहाँ पूल का पानी सीधे गैब सागर झील से मिलता हुआ महसूस होता है (इन्फिनिटी पूल वाइब)। इसके साथ ही सर्दियों में यहाँ दिखने वाले सैकड़ों प्रवासी पक्षियों (Birdwatching) के बारे में भी लोग जानकारी ढूंढते हैं।

उदय बिलास पैलेस डूंगरपुर में पानी वाली डाइनिंग टेबल (Unique Water-Filled Dining Table Udai Bilas Palace Hotel )

उदय बिलास पैलेस की सबसे अनोखी और प्रसिद्ध विशेषताओं में से एक यहाँ की ‘पानी वाली डाइनिंग टेबल’ (Water-Filled Dining Table) है। यह मार्बल से बनी एक विशाल और भव्य डाइनिंग टेबल है, जिसके ठीक बीचों-बीच एक संकरी नहर जैसी संरचना बनी है जिसमें साफ पानी बहता है। इस अनूठी टेबल का उपयोग शाही दौर में मेहमानों के मनोरंजन और खाने को परोसने के रचनात्मक तरीके के रूप में किया जाता था। पानी के इस बहाव में छोटी-छोटी तैरती हुई नावों के जरिए मेहमानों तक भोजन सामग्री, पेय पदार्थ या फूल पहुँचाए जाते थे। यह डाइनिंग अरेंजमेंट आज भी पैलेस के राजसी वैभव, नवाचार और अनूठी मेहमाननवाज़ी का एक अद्भुत उदाहरण है, जिसे देखने पर्यटक दूर-दूर से आते हैं।

उदय बिलास पैलेस डूंगरपुर में रॉयल फैमिली और निजी म्यूजियम (Royal Family & Private Museum)

उदय बिलास पैलेस का एक बड़ा हिस्सा आज भी डूंगरपुर के शाही परिवार का निजी निवास है, जो इस महल को जीवंत ऐतिहासिक धरोहर बनाता है। लोग इंटरनेट पर अक्सर राजपरिवार के इतिहास और उनकी शाही जीवनशैली के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। महल के भीतर एक बेहद खास प्राइवेट म्यूजियम है, जिसमें 1930 के दशक की दुर्लभ कलाकृतियां, विंटेज वस्तुएं और उस दौर की शिकार की ट्रॉफियां (Hunting Trophies) सहेजकर रखी गई हैं। इस निजी संग्रहालय को देखने के लिए पर्यटकों को होटल प्रबंधन या पैलेस गाइड से विशेष अनुमति लेनी होती है, जो सीमित समय के लिए ही सुलभ है।

उदय बिलास पैलेस, डूंगरपुर का रूम टैरिफ (Udai Bilas Palace Room Tariff)

प्रमुख ट्रैवल वेबसाइट्स जैसे MakeMyTrip और Goibibo के अनुसार, यहाँ ठहरने के लिए कमरे का औसत शुरुआती किराया ₹11,000 से ₹14,000 प्रति रात के बीच होता है। पैलेस में स्टैंडर्ड डबल रूम का किराया टैक्स के साथ लगभग ₹13,900 तक जाता है। यदि आप अधिक लग्जरी अनुभव चाहते हैं, तो पूल व्यू और गार्डन व्यू सुइट्स का किराया ₹15,000 से ₹23,000 प्रति रात तक बैठता है। इसके अलावा, झील के खूबसूरत नज़ारे दिखाने वाले प्रीमियम ‘लेक व्यू सुइट्स’ और ‘सुपीरियर किंग सुइट्स’ की कीमत ₹32,000 प्रति रात या उससे अधिक हो सकती है। इन सभी कीमतों में शाही ब्रेकफास्ट और वाई-फाई की सुविधा मुफ्त शामिल रहती है। पर्यटन सीजन (अक्टूबर से मार्च) के दौरान कीमतों में बदलाव संभव है। आप बुकिंग से पहले अधिकृत सूचना प्राप्त कर लें।

संक्षेप में, उदय बिलास पैलेस केवल एक होटल नहीं, बल्कि डूंगरपुर का जीवंत इतिहास है। इसकी पानी वाली डाइनिंग टेबल, विंटेज कारें और शाही मेहमाननवाज़ी इसे बेहद खास बनाती हैं। यदि आप आधुनिक भागदौड़ से दूर राजसी वैभव और शांत वातावरण का अनुभव करना चाहते हैं, तो यहाँ की यात्रा अवश्य करें।

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