जूनागढ़ किला बीकानेर: जिसे कोई जीत न सका (Junagarh Fort: The Unconquered Bastion)

“क्या आप जानते हैं कि जूनागढ़ किला बीकानेर की नींव में देसी घी (Desi Ghee) का इस्तेमाल हुआ था? राजस्थान के इस ‘ज़मीन के ज़ेवर’ की शाही विलासिता (Royal Luxury) और गुप्त रास्तों की सैर करें। यहाँ के म्यूजियम (Museum) और सोने की नक्काशी का पूरा विवरण इस आर्टिकल में पढ़ें।”

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जूनागढ़ का किला: ज़मीन का ज़ेवर (Junagarh Fort: The Jewel of the Earth)

15वीं शताब्दी में निर्मित यह किला राजस्थान के अन्य किलों से अलग है क्योंकि यह किसी ऊँची पहाड़ी पर नहीं, बल्कि समतल ज़मीन पर बना है। हमारे स्थानीय गाइड (Local Guide) ने बताया कि इसे राजा राय सिंह जी ने बनवाया था और इसके चारों ओर एक गहरी खाई है, जो इसे सुरक्षा (Security) प्रदान करती थी।

जूनागढ़ किले के भीतर के प्रमुख आकर्षण (Main Attractions Inside the Fort)

  • अनूप महल (Anup Mahal): यह हिस्सा सोने की कलम के काम (Gold Leaf Work) और बारीक नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
  • बादल महल (Badal Mahal): इसकी दीवारों पर नीले बादलों और बिजली की पेंटिंग्स (Paintings) इतनी जीवंत हैं कि आपको असली मानसून का अहसास होगा।
  • संग्रहालय (Museum): यहाँ प्रथम विश्व युद्ध (WWI) का असली विमान (DH-9 Plane) और प्राचीन हथियार (Weapons) रखे गए हैं।

जूनागढ़ किले से जुड़े 7 रोचक तथ्य (Quick Fact Box: Fort Facts)

कभी न हारने वाला किला: अपने पूरे इतिहास में यह किला केवल एक बार (मात्र एक दिन के लिए) विदेशी आक्रमण (Foreign Attack) का शिकार हुआ।

लाल और पीला पत्थर: इसके निर्माण में दुलमेरा के प्रसिद्ध लाल बलुआ पत्थर (Red Sandstone) और संगमरमर का प्रयोग हुआ है।

शाही लिफ्ट (Royal Lift): जूनागढ़ भारत के उन पहले किलों में से था जहाँ उस ज़माने में आधुनिक लिफ्ट (Modern Lift) लगाई गई थी।

  • सोने का खजाना: अनूप महल की दीवारों पर इस्तेमाल किया गया सोना (Gold) आज भी अपनी मूल चमक नहीं खोया है।
  • कलात्मक द्वार (Artistic Gates): किले में सात द्वार हैं, जिनमें ‘करण पोल’ और ‘सूरज पोल’ की नक्काशी सबसे शानदार (Magnificent) है।

गुप्त मार्ग (Secret Passages): किले के अंदर कई ऐसे गुप्त रास्ते हैं जो आपातकाल में शाही परिवार (Royal Family) की सुरक्षा के लिए बनाए गए थे।

360 खिड़कियों वाला नज़ारा: किले की ऊपरी मंजिल से पूरे बीकानेर शहर का ‘पैनोरमिक व्यू’ (Panoramic View) दिखाई देता है

जूनागढ़ दुर्ग के पास हैं और खाने के शौकीन हैं तो बीकानेर नमकीन भंडार रत्न बिहारी पार्क के पास पनीर या समोसे का स्वाद जरूर लेना सा।

जूनागढ़ महल और संग्रहालय की यात्रा के लिए समय और शुल्क का विवरण इस प्रकार है:

  • समय (Timings): यह किला प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक (10:00 AM to 5:00 PM) पर्यटकों के लिए खुला रहता है।
  • भारतीय पर्यटक (Indian Tourists): वयस्कों के लिए टिकट लगभग ₹50 – ₹100 के बीच है। छात्रों (Students) के लिए आईडी दिखाने पर विशेष छूट (Discount) मिलती है।
  • विदेशी पर्यटक (Foreign Tourists): उनके लिए शुल्क लगभग ₹300 – ₹500 है (इसमें अक्सर ऑडियो गाइड शामिल होता है)।
  • अतिरिक्त शुल्क (Extra Charges): अगर आप अंदर कैमरा (Camera) ले जाना चाहते हैं, तो उसका शुल्क अलग से देना होगा।

जूनागढ़ बीकानेर घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit junagarh)

सर्दियों का मौसम (Winter Season): अक्टूबर से मार्च (October to March) यहाँ घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time) है। मौसम सुहावना होता है और आप बिना थकान के किले की बारीक नक्काशी देख सकते हैं। गर्मी के मौसम में धूप बहुत तेज होती है और उमस होती है।

ऊंट उत्सव (Camel Festival): यदि आप जनवरी में आते हैं, तो आप बीकानेर के प्रसिद्ध ऊंट उत्सव का भी आनंद ले सकते हैं। मार्च में आते हैं तो होली का मस्त माहौल मिलेगा।

गंगा सिंह म्यूजियम जूनागढ़ से जुड़े 7 रोचक तथ्य (Quick Fact Box junagadh bikaner

  • महाराजा का निजी संग्रह: इस म्यूजियम की कई वस्तुएं महाराजा गंगा सिंह जी ने अपने निजी महल (Private Palace) से दान की थीं।
  • विश्व युद्ध के अवशेष: यहाँ प्रथम विश्व युद्ध (WWI) के समय के कुछ दुर्लभ चित्र और मेडल भी रखे गए हैं।
  • प्राचीन सिक्के: म्यूजियम में सोने, चांदी और तांबे के प्राचीन सिक्कों (Ancient Coins) का अद्भुत संग्रह है।
  • अनूप लाइब्रेरी: यहाँ 17वीं शताब्दी की दुर्लभ संस्कृत पांडुलिपियाँ (Manuscripts) भी संरक्षित हैं।
  • राजस्थानी पेंटिंग्स: यहाँ बीकानेर, जयपुर और जोधपुर स्कूल ऑफ आर्ट की लघु चित्रकारी (Miniature Paintings) देखने लायक है
  • गजेनर पैलेस का मॉडल: म्यूजियम में बीकानेर के प्रसिद्ध गजेनर पैलेस और शाही ट्रेन (Royal Train) के छोटे मॉडल रखे हैं।
  • विदेशी पर्यटकों का आकर्षण: अपनी अनूठी टेराकोटा कला के कारण यह विदेशी सैलानियों के बीच बहुत लोकप्रिय (Popular) है।

गंगा राजकीय संग्रहालय जूनागढ़ किला बीकानेर: इतिहास की एक झलक (Ganga Government Museum: A Glimpse of History)

इस संग्रहालय की स्थापना 1937 में महाराजा गंगा सिंह जी के शासन के स्वर्ण जयंती (Golden Jubilee) वर्ष के अवसर पर की गई थी। शुरुआत में यह लालगढ़ पैलेस के पास था, लेकिन 1954 में इसे वर्तमान भव्य इमारत में स्थानांतरित कर दिया गया। हमारे स्थानीय गाइड (Local Guide) ने बताया कि यहाँ सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) से लेकर गुप्त काल तक के दुर्लभ अवशेष मौजूद हैं।

गंगा सिंह संग्रहालय जूनागढ़ किला बीकानेर के मुख्य आकर्षण (Key Highlights):

  • शहजादा सलीम का रेशमी चोगा (Silk Robe of Prince Salim): यह संग्रहालय के सबसे अनमोल संग्रहों में से एक है।
  • उस्ता कला (Usta Art): ऊंट की खाल पर सोने की बारीक नक्काशी (Gold Leaf Work) देखकर हमारी टीम दंग रह गई। यह बीकानेर की विश्व प्रसिद्ध कला है।
  • हथियार और गोला-बारूद (Armory): यहाँ राजपूत राजाओं के प्राचीन हथियार, तलवारें और ढालों का विशाल संग्रह (Collection) है।
  • टेराकोटा और मूर्तियाँ: हड़प्पा काल के टेराकोटा के बर्तन और प्राचीन मूर्तियाँ इतिहास प्रेमियों के लिए किसी खजाने से कम नहीं हैं।

जूनागढ़ किले के वास्तविक निर्माता (Founder) कौन थे और इसका निर्माण काल क्या रहा है?

: जूनागढ़ किले का निर्माण बीकानेर के छठे शासक राजा राय सिंह (Raja Rai Singh) द्वारा करवाया गया था, जिन्होंने 1571 से 1612 तक शासन किया था। हालाँकि, बीकानेर शहर की स्थापना 1488 में राव बीकाजी ने की थी और उन्होंने यहाँ एक छोटा गढ़ बनवाया था जिसे ‘बीका जी की टेकरी’ कहा जाता है। वर्तमान भव्य किले का निर्माण कार्य 17 फरवरी 1589 को शुरू हुआ और यह 17 जनवरी 1594 को बनकर तैयार हुआ। राजा राय सिंह, जो मुगल सम्राट अकबर और जहांगीर की सेना में उच्च पद पर थे, ने अपनी विदेश यात्राओं से प्रभावित होकर इस किले में कला और सुरक्षा का अद्भुत समावेश किया।

जूनागढ़ किले को ‘ज़मीन का ज़ेवर’ (Jewel of the Earth) क्यों कहा जाता है?

राजस्थान के अधिकांश प्रसिद्ध किले जैसे चित्तौड़गढ़ या कुम्भलगढ़ ऊँची पहाड़ियों (Hill Forts) पर बने हैं, लेकिन जूनागढ़ समतल मैदान पर बना एक ‘धान्वन दुर्ग’ है। इसे ‘ज़मीन का ज़ेवर’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि मैदानी इलाके में होने के बावजूद इसकी बेमिसाल खूबसूरती (Exquisite Beauty) और बारीक नक्काशी इसे किसी आभूषण की तरह चमकाती है। लाल बलुआ पत्थर (Red Sandstone) पर की गई जालीदार नक्काशी और इसके भीतर के महलों में सोने, चांदी और कीमती रत्नों का जो काम हुआ है, वह इसे थार मरुस्थल की सूखी ज़मीन पर एक चमकते हुए गहने जैसा अहसास कराता है।

जूनागढ़ किस श्रेणी का दुर्ग है?

धान्वन दुर्ग (Desert Fort): जूनागढ़ को राजस्थान के ‘धान्वन दुर्ग’ की श्रेणी में रखा जाता है क्योंकि यह मरुस्थल के बीच बना है।

जूनागढ़ किले की स्थापत्य शैली (Architectural Style) और इसके निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की क्या विशेषता है?

जूनागढ़ किला अपनी इंडो-सारासेनिक (Indo-Saracenic) स्थापत्य शैली के लिए जाना जाता है, जिसमें राजपूत, मुगल और कुछ हद तक गुजराती शैली का सम्मिश्रण मिलता है। परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि यह किला लाल बलुआ पत्थर (Red Sandstone) से बना है, जो विशेष रूप से बीकानेर के पास ‘दुलमेरा’ की खानों से लाया गया था। इसकी नक्काशी इतनी बारीक है कि इसे ‘पत्थर पर की गई नक्काशी का जादू’ कहा जाता है। किले की नींव में शुद्ध घी (Pure Ghee) के इस्तेमाल के ऐतिहासिक दावों के कारण यह लोककथाओं और सामान्य ज्ञान (GK) में एक चर्चित विषय रहता है। इसके भीतर के महलों में संगमरमर का भी उत्कृष्ट प्रयोग हुआ है, जो इसे रेगिस्तान के अन्य किलों से अधिक वैभवशाली बनाता है।

‘राय सिंह प्रशस्ति’ (Rai Singh Prashasti) क्या है और जूनागढ़ किले के संदर्भ में इसका क्या ऐतिहासिक महत्व है?

जूनागढ़ किले के मुख्य द्वार ‘सूरज पोल’ (Suraj Pol) के पास स्थित ‘राय सिंह प्रशस्ति’ एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज है। इसकी रचना 1594 ईस्वी में जैन मुनि जयता (Jain Monk Jayata) द्वारा की गई थी। यह संस्कृत भाषा में खुदी हुई है और इसमें बीकानेर के संस्थापक राव बीका से लेकर महाराजा राय सिंह तक के शासकों की उपलब्धियों और वंशावली का विस्तृत वर्णन मिलता है। परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है कि जूनागढ़ के निर्माण की सही तिथि और विवरण कहाँ मिलता है, तो उसका उत्तर यही प्रशस्ति है। इसके अलावा, सूरज पोल पर चित्तौड़गढ़ के वीर सेनापतियों जयमल और फत्ता (Jaimal and Patta) की पाषाण मूर्तियाँ भी महाराजा राय सिंह ने लगवाई थीं, जो उनकी वीरता के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

जूनागढ़ किले से जुड़े रोचक तथ्य (Quick Fact Box)

  • वास्तुशिल्प का मिश्रण: यहाँ की बनावट में राजपूती, मुगल और यूरोपीय शैली (European Style) का अनोखा संगम (Fusion) देखने को मिलता है।
  • शाही झरोखे: यहाँ के झरोखे इस तरह बने हैं कि वे रेगिस्तानी लू को फिल्टर करके अंदर ठंडी हवा (Cool Breeze) भेजते हैं।
  • अनूप महल का रहस्य: इस महल की दीवारों पर जो पेंटिंग्स हैं, उनमें इस्तेमाल किया गया रंग प्राकृतिक जड़ी-बूटियों (Natural Herbs) से बना है जो 400 साल बाद भी फीका नहीं पड़ा
  • गंगा सिंह जी का योगदान: आधुनिक काल में महाराजा गंगा सिंह जी ने इस किले के रखरखाव के लिए कई तकनीकी सुधार (Technical Improvements) करवाए थे।
  • धार्मिक सहिष्णुता: किले के भीतर हिंदू मंदिरों के साथ-साथ जैन धर्म की कलाकृतियाँ भी इसकी सांस्कृतिक विविधता (Cultural Diversity) को दर्शाती हैं।
  • विक्टोरियन लिफ्ट: यहाँ आज भी वह प्राचीन लिफ्ट देखी जा सकती है जिसे उस दौर में लंदन से मंगवाया गया था।

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