राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया (Mandaphia) में स्थित श्री सांवरिया सेठ का मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और अटूट विश्वास का सबसे बड़ा केंद्र है। हमारी टीम ने जब इस पावन मंदिर का दौरा किया, तो वहां की दिव्यता और भक्तों का समर्पण देखकर हम दंग रह गए। स्थानीय गाइड (Local Guide) बताते हैं कि यहाँ भगवान को “व्यापारी” के रूप में पूजा जाता है।हमारी टीम का अनुभव यहाँ बहुत ही भावनात्मक रहा, और हम अपने पर्सनल एक्सपीरियंस (Personal Experience) के आधार पर कह सकते हैं कि यहाँ के कण-कण में सांवरिया सेठ का वास है।
श्री सांवरिया सेठ मंदिर से जुड़े 5 रोचक तथ्य (Quick Fact Box)
करोड़पति बिजनेस पार्टनर (Crorepatis Business Partner): मान्यता है कि कई बड़े व्यापारी भगवान सांवरिया सेठ को अपना बिजनेस पार्टनर (Business Partner) मानते हैं और मुनाफे का एक हिस्सा मंदिर के दानपात्र में डालते हैं।
करोड़ों का दान (Donations in Crores): हर महीने जब मंदिर का दानपात्र खुलता है, तो उसमें से करोड़ों रुपये की नकदी, सोना और चांदी निकलता है।
प्राचीन मूर्तियाँ: कहा जाता है कि यहाँ की मूर्तियाँ 1844 में एक संत को सपने में दिखने के बाद खुदाई के दौरान मिली थीं।
आधुनिक और भव्य वास्तुकला: मंदिर की नक्काशी और सफेद संगमरमर का काम इसे राजस्थान के सबसे सुंदर मंदिरों में से एक माना जाता है।
भक्तों की मनोकामना: यहाँ आने वाले भक्त खाली हाथ नहीं लौटते, इसीलिए इन्हें ‘सांवरिया सेठ’ (Seth means Wealthy Master) कहा जाता है।
मंदिर दर्शन के बाद हमारी टीम ने पास के ही एक लोकल ढाबे (Local Dhaba) पर राजस्थानी थाली का आनंद लिया। स्थानीय गाइड ने हमें बताया कि मंदिर के पास मिलने वाला ‘प्रसाद’ और यहाँ का शुद्ध देसी घी का खाना श्रद्धालुओं के बीच बहुत लोकप्रिय है। हमने वहां के छोटे दुकानदारों से बात की, जो पीढ़ियों से सांवरिया जी की सेवा में लगे हैं।


