खाटू श्याम जी का 84 करोड़ देवी देवता वाला खाटू श्याम मंत्र, जिससे चमक जाएगी किस्मत!

इस आर्टिकल में में हमने खाटू श्याम जी के सबसे चमत्कारी और शक्तिशाली मंत्र “चतुरशीतिकोटिपरिवार मंत्र” 84 करोड़ देवी देवता वाला खाटू श्याम मंत्र)इस आर्टिकल में बताया है इस मंत्र का शुद्ध उच्चारण कैसे करें, इसके क्या लाभ हैं और इसे जपने की सही विधि क्या है, इसकी पूरी जानकारी इस आलेख में दी गई है।

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84 करोड़ देवी-देवता वाला खाटू श्याम मंत्र कौन सा है?

खाटू श्याम जी का 84 करोड़ देवी-देवता वाला मंत्र “ॐ श्री चतुरशीतिकोटिपरिवारसहिताय श्री श्यामदेवाय नमः॥” है। शास्त्रों में ‘चतुरशीति कोटि’ का अर्थ 84 करोड़ होता है। इस मंत्र का अर्थ है कि 84 करोड़ देवी-देवताओं के दिव्य परिवार सहित विराजमान भगवान श्री श्यामदेव को मैं प्रणाम करता हूँ।

खाटू श्याम जी का चतुरशीतिकोटिपरिवार मंत्र (84 करोड़ देवी-देवता वाला मंत्र)

ॐ श्री चतुरशीतिकोटिपरिवारसहिताय श्री श्यामदेवाय नमः॥

८४ करोड़ देवी-देवताओं के दिव्य परिवार सहित विराजमान भगवान श्री श्यामदेव (बाबा बर्बरीक) को मैं बारंबार प्रणाम करता/करती हूँ।

Om Shri Chaturashiti-Koti-Parivara-Sahitaya Shri Shyamadevaya Namah.

खाटू श्याम चतुरशीतिकोटिपरिवार मंत्र के नियम और सावधानियां

बाबा श्याम के इस दिव्य मंत्र की साधना शुरू करने के लिए किसी भी शुक्ल पक्ष की एकादशी या गुरुवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। साधना के दौरान शुद्धता का विशेष ध्यान रखें; सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके ऊनी अथवा कुशा के आसन पर बैठें। इसके बाद बाबा श्याम के सम्मुख घी का दीपक प्रज्वलित करें और तुलसी या चंदन की माला से इस मंत्र का कम से कम 108 बार (यानी एक माला) जाप करें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मंत्र जाप के दिनों में घर में पूरी तरह सात्विक माहौल रखें और प्याज, लहसुन, मांस या मदिरा जैसे तामसिक भोजन से पूरी तरह दूरी बनाए रखें, क्योंकि सात्विकता और सच्ची श्रद्धा से ही यह मंत्र शीघ्र फलदायी होता है।

क्या सच में 84 करोड़ देवी-देवता वाला कोई मंत्र है?

हाँ, शास्त्रों में सचमुच 84 करोड़ देवी-देवताओं वाले मंत्र का उल्लेख मिलता है, जिसे “चतुरशीतिकोटिपरिवार मंत्र” कहा जाता है। सनातन परंपरा में ‘चतुरशीति’ का अर्थ ८४ और ‘कोटि’ का अर्थ करोड़ होता है। यह कोई आधुनिक या मनगढ़ंत मंत्र नहीं है, बल्कि यह बाबा श्याम के मूल स्वरूप (वीर बर्बरीक/सूर्यवर्चा यक्ष) का परम शक्तिशाली और सिद्ध स्तुति मंत्र है। जब हम इस मंत्र का जाप करते हैं, तो बाबा श्याम के साथ ब्रह्मांड की उन समस्त ८४ करोड़ दिव्य ऊर्जाओं और शक्तियों का एक साथ आवाहन होता है जो उनके परिवार के रूप में उनके साथ जुड़ी हुई हैं।

चतुरशीतिकोटिपरिवार मंत्र का उल्लेख किस पुराण में है?

इस दिव्य मंत्र का मूल स्रोत ‘स्कन्द पुराण’ (Skanda Purana) है। स्कन्द पुराण के कौमारिका खण्ड (Kaumarika Khanda) में महाभारत कालीन महायोद्धा बर्बरीक (जिन्हें आज हम खाटू श्याम जी के रूप में पूजते हैं) का पूरा इतिहास और उनकी दैवीय साधनाओं का विस्तृत वर्णन मिलता है। इसी पुराण में वर्णित ‘सूर्यवर्चाभिधान यक्षराज मंत्र’ की मूल स्तुति की शुरुआत ही “जय जय चतुरशीतिकोटिपरिवार…” शब्दों से होती है। इसलिए, यह पूरी तरह से शास्त्रसम्मत, प्रामाणिक और तांत्रोक्त महामंत्र है।

खाटू श्याम जी के चतुरशीतिकोटिपरिवार मंत्र का इतिहास क्या है?

इस मंत्र का इतिहास द्वापर युग और महाभारत काल की एक पौराणिक कथा से जुड़ा हुआ है। खाटू श्याम जी पूर्व जन्म में ‘सूर्यवर्चा’ नाम के एक पराक्रमी यक्षराज थे, जिन्हें एक श्राप के कारण धरती पर भीम के पौत्र बर्बरीक के रूप में जन्म लेना पड़ा था। कुरुक्षेत्र के युद्ध के समय जब उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की नीति को समझा और धर्म की रक्षा के लिए हंसते-हंसते अपना शीश दान कर दिया, तब श्री कृष्ण ने अत्यंत प्रसन्न होकर उनके इस त्याग को अमर बना दिया।

श्री कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में उनकी पूजा स्वयं उनके नाम ‘श्याम’ से की जाएगी और जो भी भक्त गुप्त रूप से स्कन्द पुराण में वर्णित उनके इस यक्षराज स्वरूप और चतुरशीतिकोटि (84 करोड़) परिवार वाले दिव्य मंत्र का स्मरण करेगा, उसके जीवन के सारे कष्ट, दरिद्रता और पाप तत्काल नष्ट हो जाएंगे। तभी से यह गुप्त मंत्र भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने वाला महामंत्र माना जाता है।

चतुरशीतिकोटि परिवार मंत्र का जाप कितनी बार करना चाहिए?

चतुरशीतिकोटि का अर्थ होता है 84 करोड़। शास्त्रों और पुराणों (जैसे पद्म पुराण) के अनुसार, ब्रह्मांड में कुल 84 लाख योनियाँ और उससे जुड़ी समस्त व्यापक ब्रह्मांडीय शक्तियाँ/कुल-परिवार (देवता, पितर और चेतनाएँ) इस विशाल संख्या में समाहित हैं। जब किसी विशेष कुल-परिवार या व्यापक शांति के लिए यह आह्वाहन किया जाता है, तो इसकी संख्या इस प्रकार तय होती है:

नियमित दैनिक पूजा के लिए: यदि आप घर की सुख-शांति या सुरक्षा के लिए इस मंत्र का दैनिक पाठ करते हैं, तो 108 बार (1 माला) रोज सुबह या शाम को करना पर्याप्त माना जाता है।

समय की कमी होने पर: यदि किसी दिन समय कम हो, तो पूर्ण श्रद्धा के साथ 11 या 21 बार भी इसका जाप किया जा सकता है।

• विशेष अनुष्ठान या संकल्प (Sankalpa) के लिए: यदि घर में किसी बड़े संकट के निवारण या विशेष मनोकामना पूर्ति के लिए कोई अनुष्ठान शुरू किया गया है, तो ज्योतिषी या विद्वान पुरोहितों के परामर्श से 11,000, 21,000 या 1,25,000 की कुल संख्या तय करके उसे एक निश्चित दिनों की अवधि (जैसे 9, 11 या 21 दिन) में पूरा किया जाता है।

क्या बिना दीपक जलाए मंत्र का जाप किया जा सकता है?

हाँ, आप बिना दीपक जलाए भी बिल्कुल मंत्र का जाप कर सकते हैं।

सनातन परंपरा में बाहरी कर्मकांडों से कहीं अधिक महत्व मन की शुद्धता और भक्ति को दिया गया है। यदि आप यात्रा में हैं, किसी ऐसी जगह पर हैं जहाँ आग जलाना वर्जित है, या आपके पास दीपक जलाने की सामग्री नहीं है, तो आप मानस जाप (मन ही मन जाप) कर सकते हैं। पूजा स्थल पर दीपक जलाने से एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, लेकिन इसके अभाव में भी की गई भक्ति को बाबा श्याम सहर्ष स्वीकार करते हैं।

कर्ज मुक्ति के लिए खाटू श्याम का कौन सा मंत्र जपें?

कर्ज से मुक्ति पाने के लिए चतुरशीतिकोटिपरिवार मंत्र का यह विशिष्ट संपुटित रूप सबसे प्रभावशाली माना जाता है:

“ॐ श्री चतुरशीतिकोटिपरिवारसहिताय ऋणमुक्तेश्वर श्री श्यामदेवाय नमः॥”

• विधि: हर शुक्ल पक्ष की एकादशी को बाबा श्याम के मंदिर या घर पर सवा किलो काले चने का भोग लगाएं। इसके बाद तुलसी की माला से इस मंत्र की 3 माला जाप करें। बाबा श्याम की कृपा से धन आगमन के नए मार्ग खुलेंगे और धीरे-धीरे कर्ज की समस्या समाप्त हो जाएगी।

84 करोड़ देवी देवता वाले मंत्र से व्यापार कैसे बढ़ाएं?

यदि व्यापार में लगातार घाटा हो रहा हो या ग्राहक नहीं आ रहे हों, तो चतुरशीतिकोटिपरिवार मंत्र का यह प्रयोग करें। गुरुवार या एकादशी को एक तांबे के पात्र में गंगाजल भरकर अपने सामने रखें। फिर तिजोरी के पास बैठकर “ॐ श्री चतुरशीतिकोटिपरिवारसहिताय व्यापारवृद्धिप्रदाय श्री श्यामदेवाय नमः॥” मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके बाद उस अभिमंत्रित जल को अपनी दुकान, ऑफिस और मुख्य द्वार पर छिड़क दें। इससे व्यापार की मंदी तुरंत दूर होती है और धन-धान्य की वृद्धि होती है।

घर की निगेटिविटी दूर करने के लिए श्याम बाबा का मंत्र

यदि घर में अक्सर कलह रहता हो, काम बिगड़ रहे हों या नजर दोष का आभास हो, तो रोज सुबह-शाम मंदिर में गाय के घी का दीपक जलाएं। फिर कपूर पर दो लौंग रखकर उसे प्रज्वलित करें और पूरे घर में उसका धुआं दिखाते हुए “ॐ श्री चतुरशीतिकोटिपरिवारसहिताय सर्वबाधाविनाशिवाय श्री श्यामदेवाय नमः॥” मंत्र का 11 या 21 बार ऊंचे स्वर में उच्चारण करें। इससे घर का वास्तु दोष और हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा तुरंत नष्ट हो जाती है।

चतुरशीतिकोटिपरिवार मंत्र के लाभ

इस चमत्कारी मंत्र के जाप से साधक को एक साथ 84 करोड़ देवी-देवताओं और नवग्रहों का दिव्य आशीर्वाद मिलता है। यह महामंत्र जीवन से हर प्रकार की आर्थिक तंगी और कर्ज की समस्या को दूर कर धन आगमन के नए मार्ग खोलता है। इसके नियमित उच्चारण से घर का वास्तु दोष, नजर दोष और नकारात्मक ऊर्जा तुरंत नष्ट होती है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति बनी रहती है।

यह 84 करोड़ देवी देवता वाला खाटू श्याम मंत्र लेख पूरी तरह से सनातन धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक ग्रंथों और बाबा श्याम के भक्तों के व्यक्तिगत विश्वास पर आधारित है। इसे किसी वैज्ञानिक तर्क या भौतिक प्रमाण की कसौटी पर कसने के बजाय, पाठकों में मनोवैज्ञानिक संतुष्टि, सकारात्मक ऊर्जा और दृढ़ इच्छाशक्ति विकसित करने के उद्देश्य से लिखा गया है। हमारी टीम का यह दृढ़ मानना है कि मंत्रों के शुद्ध उच्चारण और जाप से हमारे आसपास का वातावरण शुद्ध होता है और अशांत मन को असीम शांति मिलती है। जब मनुष्य का मन शांत व एकाग्र हो और खाटू श्याम जी के चरणों में अटूट विश्वास हो, तो उसी विश्वास की संजीवनी और आस्था की प्राणवायु से जीवन के बड़े से बड़े असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। अतः इसे अपनी व्यक्तिगत श्रद्धा के साथ अपनाएं

84 करोड़ परिवार वाला मुख्य मंत्र:

“जय सूर्यवर्चा यक्षराज, चौरासी करोड़ परिवार,जय जय कलिकाल वंदित, नमो नमस्ते पाहि पाहि।”

स्कंदपुराण के अनुसार, बाबा बर्बरीक अपने पूर्वजन्म में ‘सूर्यवर्चा’ नामक शक्तिशाली यक्षराज थे। वे भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र और महान शिव भक्त थे। एक बार जब पृथ्वी पर पाप बढ़ा, तो देवताओं के साथ सूर्यवर्चा भी ब्रह्मा जी के पास गए। वहां उन्होंने अहंकारवश कह दिया कि वे अकेले ही असुरों का नाश कर सकते हैं। इस घमंड के कारण ब्रह्मा जी ने उन्हें श्राप दिया कि द्वापर युग में भगवान विष्णु (श्रीकृष्ण) के हाथों ही उनका वध होगा।

यही सूर्यवर्चा बाद में घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक के रूप में जन्मे। महाभारत युद्ध के समय श्रीकृष्ण ने उनके शीश का दान मांगा, जिससे उनका अहंकार नष्ट हुआ। श्रीकृष्ण ने उनकी वीरता से प्रसन्न होकर उन्हें कलियुग में अपने नाम ‘श्याम’ से पूजे जाने का वरदान दिया, जहां उनके 84 करोड़ यक्ष परिवार भी पूजनीय बने।

जीवन के बड़े संकटों और पारिवारिक क्लेश से मुक्ति के लिए किस मंत्र का जाप करें?

इसके लिए खाटू श्याम महामंत्र (कष्ट निवारण मंत्र) का जाप करना चाहिए:”ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय सुहृदयाय नमो नमः॥”

लाभ: यह मंत्र जीवन के बड़े से बड़े दुखों, व्यापारिक घाटे और मानसिक तनाव को दूर करने में बेहद कारगर माना गया है.

बुद्धि, एकाग्रता और सही मार्गदर्शन के लिए कौन सा मंत्र श्रेष्ठ है?

विद्यार्थियों और मानसिक एकाग्रता चाहने वाले भक्तों को श्याम गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए:”ॐ मोर्वी नंदनाय विद्महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्॥”

क्या बिना माला के भी बाबा श्याम का ध्यान किया जा सकता है?

हाँ, यदि आपके पास माला नहीं है, तो आप चलते-फिरते या सोते समय भी मन ही मन “जय श्री श्याम” या “श्री श्याम शरणम मम” का मानसिक जाप कर सकते हैं। बाबा केवल भाव के भूखे हैं।

बाबा श्याम के मंत्रों का जाप किस समय और किस दिशा में करना चाहिए?

मंत्रों का जाप सुबह या शाम के समय, स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर करना चाहिए. जाप करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए.

मंत्र जाप के लिए कौन सी माला सबसे उत्तम मानी जाती है?

•खाटू श्याम जी के मंत्रों का जाप तुलसी की माला या चंदन की माला से करना सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है.

बाबा श्याम के मंत्रों का जाप किस समय और किस दिशा में करना चाहिए?

:मंत्रों का जाप सुबह या शाम के समय, स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर करना चाहिए. जाप करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए.

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