“श्री खाटू श्याम जी के सिद्ध मंत्र और श्याम बाबा की अमृतवाणी और अमृतवाणी हिंदी लिरिक्स के साथ। जानिए मंत्र जाप की सही विधि, नियम और एकादशी व्रत का विशेष महत्व
श्याम बाबा की अमृतवाणी का महत्व (Significance of Shyam Amritwani)
अमृतवाणी का अर्थ होता है—”अमृत जैसी वाणी”। जब हम बाबा श्याम की अमृतवाणी सुनते हैं या पढ़ते हैं, तो यह हमारे मन के भीतर एक दिव्य ऊर्जा का संचार करती है।
भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रतिदिन सुबह श्याम बाबा की अमृतवाणी सुनना मानसिक शांति पाने और तनाव को दूर करने का सबसे सरल माध्यम है। इसकी दिव्य ध्वनियां घर से हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा और आपसी क्लेश को मिटाकर सकारात्मकता का संचार करती हैं। “हारे का सहारा” कहे जाने वाले बाबा श्याम की यह अमृतवाणी निराश मन में नया आत्मविश्वास और उम्मीद जगाती है, जिससे व्यक्ति को कठिन समय से लड़ने का हौसला मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे दिल से इसका नियमित पाठ करने या सुनने से जीवन पर आने वाले बड़े से बड़े संकट और बाधाएं दूर हो जाती हैं।
श्याम बाबा अमृतवाणी के बोल (Khatu Shyam Amritwani Lyrics in Hindi)
यहाँ अमृतवाणी के मुख्य अंश दिए जा रहे हैं, जिन्हें आप प्रतिदिन गुनगुना सकते हैं)
- ॥ चौपाई ॥शीश कतर के दान दिया, जग में भारी काम किया।कलियुग के अवतार हुए, भक्तों के रखवार हुए।रींगस की पावन धरती पर, जो भी आया झोली भर।खाटू में दरबार लगा, श्याम का पावन नूर जगा।
- ॥ दोहा ॥हारे का सहारा है तू, सोए भाग्य जगाता है।जिसका कोई ना इस जग में, उसको तू अपनाता
- नीले घोड़े के असवार, तेरी जय-जयकार।दौड़े आते हैं जो पुकारें, हे श्याम प्रभु दातार।मोरछड़ी का झाड़ा मारो, संकट हमारे सब तुम टारो।चरणों में रख लो हे दयालु, हम सब बालक हैं तुम्हारे। (नोट: पूरी अमृतवाणी को शांत मन से, हाथ जोड़कर, दीपक जलाकर पढ़ना चाहिए।)
श्याम मंत्र और श्याम अमृतवाणी पाठ की सही विधि (How to Chant Khatu Shyam Mantra)
बाबा श्याम की पूजा और मंत्रों का पूरा फल पाने के लिए कुछ आसान नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। हमेशा सुबह ब्रह्म मुहूर्त (4:00 से 6:00 बजे) या शाम के समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके ऊनी आसन पर बैठें। पूजा शुरू करने से पहले बाबा की मूर्ति या तस्वीर के सामने शुद्ध घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं। उन्हें उनका पसंदीदा मावे का पेड़ा, चूरमा या मिश्री-माखन भोग लगाएं और यदि यह संभव न हो, तो केवल स्वच्छ जल और एक तुलसी का पत्ता अर्पित करें। मंत्रों का जाप करते समय तुलसी या रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें, जिसमें तर्जनी उंगली (Index Finger) का स्पर्श माला से न हो। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जाप के दौरान अपने मन को पूरी तरह शांत रखें और अपना पूरा ध्यान बाबा के मुस्कुराते हुए मुखड़े पर केंद्रित करें।
एकादशी व्रत और श्याम बाबा का संबंध (Importance of Ekadashi)
खाटू श्याम जी की भक्ति में एकादशी (Ekadashi) तिथि का बहुत बड़ा महत्व है। विशेषकर फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को बाबा श्याम का मुख्य जन्मदिन और मेला मनाया जाता है।यदि आप हर महीने आने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन श्याम बाबा की अमृतवाणी का पाठ 5 बार करते हैं, तो आपके पितृ दोष, ग्रह दोष (राहु-केतु) के बुरे प्रभाव शांत हो जाते हैं।इस दिन बाबा को खीर का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
अनुराधा पौडवाल खाटू श्याम अमृतवाणी (Khatu Shyam Amritwani Lyrics)
- ॥ मंगलाचरण ॥शरण पड़े को श्याम प्रभु, देते सदा सहारा।तीन बाण धारी प्रभु, नाम तुम्हारा प्यारा।शीश के दानी आपको, झुक-झुक करूँ प्रणाम।कलियुग के अवतारी प्रभु, जय-जय श्री खाटू श्याम
- जय-जय श्री खाटू के राजा, भक्त जनों के सुधारो काजा।बर्बरीक है नाम तुम्हारा, भीम पौत्र जग का उजियारा।घटोत्कच के तुम हो लाला, रूप तुम्हारा बड़ा विशाला।माता अहिलवती के दुलारे, हारे का तुम बने सहारे
- महाभारत का युद्ध जब आया, तुमने अपना शौर्य दिखाया।तीन बाण लेकर तुम चले, रणभूमि में कौतुक भले।ब्राह्मण रूप धरे बनवारी, परीक्षा लेने आए मुरारी।मांगा दान में तुम्हारा शीश, हंसकर दे दिया हे जगधीश।
- दानवीर तुम सम ना कोई, महिमा गाए दुनिया सारी।प्रसन्न हुए तब कृष्ण कन्हाई, अपनी शक्ति तुम्हें दिलाई।वरदान दिया कलियुग में प्यारे, पूजे जाओगे नाम हमारे।जो आएगा खाटू धाम, सिद्ध होंगे उसके सब काम।
- मोरछड़ी का झाड़ा देकर, हर लेते सब पीर।करुणासिंधु श्याम प्रभु, बदलते सबकी तकदीर।
- रींगस से जो पैदल आवे, पेट पळायन धोक लगावे।तोरण द्वार पे जो झुक जावे, जनम-जनम के पाप मिटावे।श्याम कुंड का पावन पानी, महिमा इसकी सबने मानी।डुबकी जो श्रद्धा से लगावे, काया कंचन उसकी हो जावे।
- फाल्गुन का जब मेला आवे, गोदी में भर निशान उठावे।जय श्री श्याम के नारे गूंजे, सारा जग बाबा को पूजे।मावे का जो भोग लगावे, मिश्री-माखन प्रभु को भावे।चूरमे का प्रसाद चढ़ावे, मनवांछित फल वो ही पावे।
- दुखिया कोई दर पे आए, झोली अपनी भर के जाए।निर्धन को तुम देते माया, कोढ़ी को सुंदर है काया।बांझन को तुम पुत्र खिलाते, सोए भाग्य तुम ही जगाते।सेवक पे जो कृपा तुम्हारी, मिट जाए विपदा भारी।
- ॥ प्रार्थना ॥हाथ जोड़ विनती करूँ, सुनियो श्याम सुजान।जनम-जनम का साथ हो, दीजो भक्ति का दान।अमृतवाणी जो कोई गावे, श्याम प्रभु का सानिध्य पावे।सुख-संपत्ति घर में आवे, कष्ट कभी ना उसको सतावे।॥ बोलो खाटू नरेश की जय, हारे के सहारे की जय ॥
“एकादशी स्पेशल श्याम बाबा अमृतवाणी के बोल/ श्याम बाबा अमृतवाणी स्टेटस लाइन्स (Khatu Shyam Status)
“अमृतवाणी की हर एक लाइन में बाबा का सच्चा नूर है, जो भी सुनता है इसे श्रद्धा से, उसका हर दुख दूर है। जय श्री श्याम! 🌸”
“हारे का सहारा है तू, सोए भाग्य जगाता है, जिसका कोई ना इस जग में बाबा, उसे तू गले लगाता है। 🙏”
- जब दुनिया साथ छोड़ दे और हर रास्ता बंद हो जाए, तो शांत मन से श्याम अमृतवाणी सुनना, बाबा खुद रास्ता दिखाएंगे। ✨
- “शीश के दानी का दरबार निराला है, अमृतवाणी सुनकर देखो, हर अंधेरे में उजाला है। 👑”
- “मेरे श्याम की अमृतवाणी में वो जादू है, जो रोते हुए चेहरे पर भी मुस्कान ले आता है। बोलो खाटू नरेश की जय! ❤️”
- “किस्मत बदल जाती है जब बाबा का नाम जुबां पर आता है, अमृतवाणी का एक-एक शब्द सीधे दिल को छू जाता है। 🎶
- “नीले घोड़े के असवार, तुम्हारी महिमा है अपरंपार, अमृत रस बरस रहा है, कर दो प्रभु बेड़ा पार। 🐎”
खाटू श्याम जी के 5 सबसे शक्तिशाली मंत्र (Top 5 Khatu Shyam Mantras)
मंत्रों की दिव्य शक्ति और उनका कंपन (Vibration) मनुष्य के जीवन को पूरी तरह बदल सकता है। दैनिक पूजा में सबसे सरल और प्रभावशाली मूल मंत्र “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” का 108 बार जाप करने से मन एकाग्र होता है और जीवन की सामान्य परेशानियां दूर होती हैं। यदि जीवन में अचानक कोई बड़ा संकट या बीमारी आ जाए, तो सुरक्षा कवच की तरह काम करने वाले कष्ट निवारण मंत्र “ॐ श्याम शरणम् ममः” का आश्रय लेना चाहिए। घर के क्लेश और दरिद्रता को मिटाकर रुकी हुई मनोकामना पूरी करने के लिए महामंत्र “ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने, प्रणतः क्लेशनाशाय सुहृदय नमो नमः॥” का जाप सबसे उत्तम माना जाता है। वहीं, पढ़ाई, नौकरी या बिजनेस के क्षेत्र में सफलता और बुद्धि विकास के लिए “ॐ शीशदानेश्वराय नमः” मंत्र रामबाण है। जो भक्त बिना किसी स्वार्थ के केवल प्रभु का प्रेम और सानिध्य चाहते हैं, वे हमेशा “जय श्री श्याम, हरे का सहारा” नाम मंत्र का जाप करते हैं।
“फाल्गुन मेला स्पेशल श्याम बाबा महामंत्र
करोड़ों भक्तों की आस्था के महासंगम, खाटू श्याम जी के वार्षिक फाल्गुन मेले के दौरान बाबा की अलौकिक कृपा पाने के लिए विशेष महामंत्र “ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने, प्रणतः क्लेशनाशाय सुहृदय नमो नमः॥” का जाप सबसे चमत्कारी माना जाता है। मेले के इन पवित्र दिनों में इस मंत्र को जपने से घर की दरिद्रता दूर होती है और व्यापार में उन्नति के द्वार खुलते हैं। जो भक्त रींगस से खाटू धाम की पैदल निशान यात्रा करते हुए इस मंत्र को गुनगुनाते हैं, बाबा श्याम उनकी राह आसान कर हर मनोकामना पूरी करते हैं। विशेषकर फाल्गुन शुक्ल एकादशी (बाबा के मुख्य जन्मदिन) पर इस महामंत्र के साथ “जय श्री श्याम, हारे का सहारा” का कीर्तन करने से जीवन के सभी शारीरिक और मानसिक कष्टों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है।
खाटू श्याम जी का मुख्य मंत्र कौन सा है?
खाटू श्याम जी का मुख्य मंत्र “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” है। इस मंत्र का प्रतिदिन श्रद्धा भाव से जाप करने से बाबा श्याम का विशेष आशीर्वाद मिलता है और जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं।
श्याम बाबा का सबसे शक्तिशाली मंत्र कौन सा है
: बाबा श्याम का सबसे शक्तिशाली महामंत्र “ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने, प्रणतः क्लेशनाशाय सुहृदय नमो नमः” है। इस विस्तृत मंत्र में भगवान को दुखों का नाश करने वाला साक्षात परमेश्वर बताया गया है।
खाटू श्याम जी का नाम जप कैसे करें?
नाम जप करने का सबसे प्रभावी तरीका यह है कि आप “ॐ श्री श्याम शरणम् ममः” या “जय श्री श्याम, हारे का सहारा” मंत्र का मानसिक जाप करें। इसके लिए किसी विशेष दीक्षा की आवश्यकता नहीं होती, आप काम करते हुए भी इसे मन में दोहरा सकते हैं।
क्या गायत्री मंत्र में भी खाटू श्याम जी का कोई मंत्र है?
जी हाँ, खाटू श्याम जी का अधिक ऊर्जावान गायत्री मंत्र “ॐ मोर्वी नंदनाय विद्महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।” है। इसका जाप बुद्धि विकास और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने के लिए किया जाता है।
खाटू श्याम जी की अमृतवाणी सबसे पहले किसने गाई थी और कौन सी सबसे प्रसिद्ध है?
इंटरनेट पर सबसे प्रसिद्ध और पहली लोकप्रिय अमृतवाणी अनुराधा पौडवाल जी की आवाज़ में रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा लखबीर सिंह लखा जी और राकेश काला जी द्वारा गाई गई अमृतवाणी को भी लोग बहुत अधिक पसंद करते हैं।
क्या खाटू श्याम अमृतवाणी को मोबाइल में बजाकर घर में काम करते समय सुन सकते हैं?
जी हाँ, अमृतवाणी का मुख्य उद्देश्य मन को शांति देना और सकारात्मकता फैलाना है। आप सुबह-सुबह घर की सफाई करते समय, भोजन बनाते समय या दुकान पर काम करते समय भी इसे बैकग्राउंड में बजाकर सुन सकते हैं। इससे वातावरण शुद्ध होता है।
श्री श्याम अमृतवाणी का पाठ करने में कुल कितना समय लगता है?
: यदि आप स्वयं पूरी लिखी हुई अमृतवाणी का शांत मन से पाठ करते हैं, तो इसमें मात्र 10 से 15 मिनट का समय लगता है। वहीं इंटरनेट और यूट्यूब पर उपलब्ध अलग-अलग गायकों के ऑडियो और कीर्तन रूपी अमृतवाणी की अवधि 30 मिनट से लेकर 50 मिनट तक की होती है।
एकादशी के दिन श्याम अमृतवाणी का पाठ कितनी बार करना सबसे उत्तम माना जाता है?
मासिक शुक्ल पक्ष की एकादशी या फाल्गुन मेले की ग्यारस के पवित्र दिन पर अमृतवाणी का पाठ कम से कम 3 बार करना सर्वोत्तम माना जाता है। यदि समय की कमी हो, तो दिन में एक बार पूर्ण श्रद्धा से इसका श्रवण करने मात्र से भी यज्ञ के समान फल मिलता है।
क्या बिना स्नान किए सुबह बिस्तर पर बैठे-बैठे अमृतवाणी का ऑडियो सुन सकते हैं?
स्वयं शुद्ध मन से पाठ करने के लिए स्नान और साफ आसन आवश्यक है। लेकिन अगर आप केवल भगवान का नाम स्मरण करने के लिए सुबह उठते ही अपने मोबाइल पर अमृतवाणी का ऑडियो सुनना चाहते हैं, तो बिना स्नान किए भी सुन सकते हैं। इसमें कोई दोष नहीं है क्योंकि प्रभु का नाम हर स्थिति में पवित्र करने वाला होता है।
“दुकान या व्यापार स्थल पर अमृतवाणी बजाना शुभ होता है?”
व्यापार स्थल पर सुबह दुकान खोलते ही श्याम बाबा की अमृतवाणी बजाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। इसकी दिव्य ध्वनियां रातभर दुकान बंद रहने से या लोगों के आने-जाने से इकट्ठा हुई हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा (नेगेटिव एनर्जी) को तुरंत दूर कर देती हैं। अमृतवाणी की मधुर और शांत आवाज़ सुनकर दुकान में आने वाले ग्राहकों का मन भी प्रसन्न होता है, जिससे वे सकारात्मक माहौल में ज़्यादा देर रुकना और खरीदारी करना पसंद करते हैं। चूंकि बाबा श्याम को “हारे का सहारा” और “कलियुग का राजा” कहा जाता है, इसलिए दुकान में उनका नाम गूंजने से मां लक्ष्मी का वास होता है, जिससे पैसों की तंगी दूर होती है और व्यापार में बरकत आती है। इसके अलावा, सुबह-सुबह यह पवित्र भजन सुनने से दुकान के कर्मचारियों और आपका खुद का मूड भी अच्छा रहता है, जिससे काम में फोकस बढ़ता है।
क्या घर में लड्डू गोपाल जी की मूर्ति होने पर भी श्याम अमृतवाणी का पाठ किया जा सकता है?
जी हाँ, बिल्कुल किया जा सकता है। खाटू श्याम जी स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के ही रूप हैं, जिन्हें द्वापर युग में साक्षात कृष्ण जी ने अपना नाम और शक्तियां दी थीं। इसलिए लड्डू गोपाल जी की उपस्थिति में श्याम अमृतवाणी का पाठ करना और भी अधिक मंगलकारी और शुभ माना जाता है।
क्या शाम के समय सूर्यास्त के बाद खाटू श्याम अमृतवाणी का पाठ किया जा सकता है?
वैसे तो सुबह का समय इसके लिए सर्वश्रेष्ठ है, लेकिन आप शाम को संध्या आरती के समय या आरती के तुरंत बाद भी अमृतवाणी का पाठ बहुत आसानी से कर सकते हैं। बस ध्यान रखें कि रात्रि में सोने से ठीक पहले या भोजन करने के तुरंत बाद इसका पाठ करने से बचना चाहिए।
क्या घर की सुख-शांति के लिए परिवार के सभी सदस्य मिलकर अमृतवाणी सुन सकते हैं?
जी हाँ, यदि परिवार के सभी सदस्य रोजाना सुबह या किसी विशेष तिथि (जैसे एकादशी) पर एक साथ बैठकर शांत मन से श्याम अमृतवाणी सुनते हैं, तो इससे घर के सदस्यों के बीच का आपसी तालमेल और प्रेम बढ़ता है तथा पारिवारिक क्लेश हमेशा के लिए समाप्त हो जाते हैं।
क्या अमृतवाणी सुनने के बाद बाबा श्याम की आरती करना भी अनिवार्य है?
यदि आपके पास समय है, तो अमृतवाणी का पाठ पूरा होने के बाद बाबा श्याम की मुख्य आरती (ओम जय श्री श्याम हरे…) करना बहुत ही उत्तम और फलदायी माना जाता है। लेकिन यदि समय की कमी हो, तो आप केवल अमृतवाणी के अंत में दिए गए दोहे और प्रार्थना को पढ़कर भी अपनी पूजा संपन्न कर सकते हैं।
श्री श्याम अमृतवाणी: लखबीर सिंह लखा (Shyam Amritwani Lyrics by Lakha Ji
॥ दोहा ॥शीश कतर के रख दिया, प्रभु के चरणों में आन।बर्बरीक से श्याम बने, कलियुग के भगवान।हारे का जो बने सहारा, ऐसा मेरा श्याम प्यारा।
- जय-जय खाटू नाेश कहावे, दुष्ट जनों को मार भगावे।भीम पौत्र घटोत्कच लाला, रूप तुम्हारा बड़ा विशाला।अहिलवती के गोदी खेले, संकट में भक्तों को झेले।हारे का तुम बने सहारे, कृष्ण कन्हाई के तुम प्यारे।
- तीन बाण लेकर तुम धाये, महाभारत रण में आये।ब्राह्मण रूप धरे बनवारी, शीश मांग लिया शीश के दारी।हंसकर तुमने शीश चढ़ाया, दानवीर का नाम कमाया।कृष्ण ने तुमको दिया वरदान, नाम हमारा पाओगे महान।
- कलियुग में जो खाटू आवे, मनवांछित फल वो ही पावे।रींगस से जो पैदल आवे, धोक लगा के पाप मिटावे।निशान उठा के जो कोई गावे, बाबा उसकी नाव चलावे।मोरछड़ी का झाड़ा लागे, जनम-जनम के संकट भागे।
॥ दोहा ॥श्याम कुंड का पावन पानी, काया कंचन करे सुजान।सच्चे दिल से जो ध्यावे, पाए सुख-संपत्ति का दान।
- ॥ प्रार्थना ॥हाथ जोड़ लखा विनती गावे, चरणों की मुझे धूल दिलावे।अमृतवाणी जो कोई सुनावे, श्याम प्रभु का सानिध्य पावे।विपदा सारी कट जाएगी, सुख की घड़ियां घर में आएगी।॥ बोलो खाटू नरेश की जय, हारे के सहारे की जय ॥
सुबह की खाटू श्याम अमृतवाणी का महत्व और लाभ
हिंदू धर्म में सुबह की शुरुआत ईश्वर के नाम स्मरण से करना अत्यंत शुभ माना जाता है। प्रतिदिन सुबह उठकर “सुबह की खाटू श्याम अमृतवाणी” सुनने या इसका पाठ करने से घर का पूरा वातावरण दिव्य और पवित्र हो जाता है। रातभर में घर के भीतर इकट्ठा हुई हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा और आपसी क्लेश इसके प्रभाव से तुरंत समाप्त हो जाते हैं। “हारे का सहारा” कहे जाने वाले बाबा श्याम की यह अमृतवाणी सुबह-सुबह निराश मन में एक नया आत्मविश्वास, सकारात्मकता और आगे बढ़ने की उम्मीद जगाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी भक्त नियमित रूप से सुबह के समय इस अमृतवाणी का श्रवण करता है, बाबा श्याम उसकी मोरछड़ी से झाड़ा लगाकर उसके जीवन के बड़े से बड़े संकट और आर्थिक तंगियों को हमेशा के लिए दूर कर देते हैं।
सुबह उठकर कौन सा खाटू श्याम मंत्र बोलें”
सकारात्मक ऊर्जा और बाबा श्याम के आशीर्वाद से दिन की शुरुआत करने के लिए सुबह उठकर सबसे पहले उनके मूल मंत्र “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” का 11 या 108 बार जाप करना चाहिए। यह सरल मंत्र मन को शांत और तनावमुक्त रखता है। यदि जीवन में कोई बड़ी परेशानी या आर्थिक तंगी हो, तो सुबह की पूजा में कष्ट निवारण मंत्र “ॐ श्याम शरणम् ममः” का जाप करें। स्नान के बाद साफ आसन पर बैठकर इन चमत्कारी मंत्रों को बोलने से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है, भाग्य का साथ मिलता है और दिनभर के सभी काम बिना किसी बाधा के पूरे होते हैं।
“घर की सुख शांति के लिए सुबह का श्याम मंत्र
यदि परिवार में अक्सर क्लेश या मानसिक अशांति रहती है, तो सुबह का यह अचूक उपाय करें। प्रतिदिन स्नान के बाद बाबा श्याम के सामने घी का दीपक जलाकर इस विशेष महामंत्र का जाप करें: “ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने, प्रणतः क्लेशनाशाय सुहृदय नमो नमः॥”। यह चमत्कारी मंत्र घर की नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता को जड़ से समाप्त करता है। सुबह शांत मन से इसका पाठ करने या घर में इसका ऑडियो बजाने से परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और तालमेल बढ़ता है। “हारे का सहारा” कहे जाने वाले बाबा श्याम का यह मंत्र घर में सुख-समृद्धि लाता है और मन को असीम शांति प्रदान करता है।
खाटू श्याम जी का मानसिक जाप कैसे करते हैं?
मानसिक जाप का अर्थ है बिना जीभ और होठ हिलाए, मन ही मन भगवान का नाम स्मरण करना। इसके लिए आँखें बंद करके बाबा के मुस्कुराते हुए चेहरे का ध्यान करें और मन में “जय श्री श्याम, हारे का सहारा” या “ॐ श्याम शरणम् ममः” दोहराते रहें। इसे आप यात्रा करते या काम करते समय भी कर सकते हैं।
ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने मंत्र का अर्थ क्या है?
इस दिव्य मंत्र का सरल अर्थ है—”हे दुखों और क्लेशों का नाश करने वाले घटोत्कच पुत्र वीर बर्बरीक (साक्षात हरि रूप बाबा श्याम), मैं आपके चरणों में बार-बार प्रणाम करता हूँ, मेरी रक्षा करें।”
सुबह उठकर खाटू श्याम जी का कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?
: सुबह बिस्तर छोड़ते ही सबसे पहले बाबा श्याम के मूल मंत्र “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” का 11 बार मानसिक जाप करना चाहिए। यह मंत्र पूरे दिन को सकारात्मक और बाधा रहित बनाता है।
श्याम बाबा की अमृतवाणी और मंत्र की महिमा पर लिखा यह आर्टिकल आपको कैसा लगा? खाटू श्याम बाबा की जय।


