श्याम बहादुर सिंह खाटू श्याम के वो परम भक्त, जिनकी ‘मोरछड़ी’ छूते ही खुल गए थे मंदिर के बंद ताले!

जानिए श्याम बहादुर सिंह खाटू श्याम जी के अटूट रिश्ते की कहानी। बैलगाड़ी से रेवाड़ी मूर्ति आने का रहस्य, मोरछड़ी का चमत्कार और उनके जीवन का पूरा सच यहाँ जानें।

श्री श्याम बहादुर सिंह जी खाटू श्याम का जीवन परिचय

जन्म स्थान: परम भक्त श्री श्याम बहादुर सिंह जी महाराज का जन्म राजस्थान के सीकर जिले में स्थित फतेहपुर कस्बे में हुआ था । पिता का नाम: इनके पूजनीय पिता जी का नाम श्री शादी राम जी कसेरा था, जो स्वयं खाटू श्याम बाबा के बहुत बड़े और अनन्य भक्त थे । भक्ति का माहौल: बचपन से ही घर में भक्ति का माहौल होने के कारण श्याम बहादुर जी का मन भी बाबा श्याम के चरणों में लग गया।परलोक गमन: सम्वत 2004 (सन् 1951) में वे बाबा का नाम जपते हुए “श्यामलीन” (परलोक सिधार गए) हो गए थे। आज भी रेवाड़ी में उनकी गुरु गद्दी पर उनका जन्म महोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।

रेवाड़ी आगमन की बैलगाड़ी वाली पावन कथा और श्री श्याम बहादुर सिंह जी

श्याम प्रेमियों की गहरी आस्था के अनुसार, एक बार रेवाड़ी में रह रहे परम भक्त श्याम बहादुर जी किसी सांसारिक वजह से बहुत चिंतित और दुखी थे। अपने भक्त की यह व्याकुलता बाबा श्याम से देखी नहीं गई। मान्यता है कि बाबा ने खाटू धाम के पुजारियों को सपने में आदेश दिया कि वे उन्हें तुरंत रेवाड़ी ले जाएँ। बाबा का आदेश पाकर सेवक उनकी पावन मूर्ति को बैलगाड़ी में विराजमान करके रेवाड़ी ले आए, जहाँ बाबा ४ दिन रुके। बाबा ने श्याम बहादुर जी को साक्षात दर्शन देकर चिंतामुक्त किया और आशीर्वाद दिया। इसी पावन घटना की याद में रेवाड़ी के कायस्थवाड़ा (ठठेरा चौक) में श्री श्याम बहादुर जी की गद्दी स्थापित की गई, जो आज भी लाखों श्रद्धालुओं की श्रद्धा का मुख्य केंद्र है।

श्याम बहादुर जी महाराज मोरछड़ी इतिहास

श्याम भक्तों की अगाध आस्था और मान्यताओं के अनुसार, एक बार सीकर के तत्कालीन राजा के आदेश से सैनिकों ने खाटू श्याम मंदिर के कपाट बंद कर दिए थे और उस पर एक भारी ताला जड़ दिया था। जब परम भक्त श्याम बहादुर सिंह जी महाराज वहाँ दर्शन के लिए पहुँचे, तो मंदिर बंद देखकर वे बिल्कुल भी निराश नहीं हुए। उन्होंने बाबा श्याम की भक्ति पर पूरा भरोसा रखा और प्रार्थना की। श्रद्धालुओं का ऐसा दृढ़ विश्वास है कि जैसे ही श्याम बहादुर जी ने अपनी पवित्र मोरछड़ी को मंदिर के उस बंद ताले से छुआ, वह ताला तुरंत टुकड़े-टुकड़े होकर नीचे गिर गया और मंदिर के कपाट अपने आप खुल गए। इस घटना के बाद से ही श्याम भक्तों में मोरछड़ी को एक दिव्य और चमत्कारी प्रतीक माना जाने लगा।

श्याम बाबा का श्याम बहादुर जी को साक्षात दर्शन

श्याम प्रेमियों की अगाध आस्था और विश्वास के अनुसार, यह प्रसंग श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है कि श्याम बहादुर जी महाराज ने हरियाणा के रेवाड़ी (कायस्थवाड़ा) स्थित अपने गृह निवास पर बाबा श्याम का एक अलौकिक जागरण रखा था। मान्यता है कि वे पूरी रात बाबा की भक्ति में लीन होकर अश्रुपूर्ण आँखों से भजनों के जरिए बाबा को रिझा रहे थे। भक्तों का ऐसा दृढ़ विश्वास है कि उनकी इस निश्चल और सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर स्वयं खाटू श्याम नरेश साक्षात रूप में उस जागरण में प्रकट हुए और उन्होंने श्याम बहादुर जी को दर्शन देकर अपनी दिव्य कृपा बरसाई। श्रद्धालु मानते हैं कि इसी पावन घटना के बाद बाबा ने उन्हें वरदान दिया था कि वे हमेशा उनके सबसे प्रिय और पूजनीय भक्तों में गिने जाएंगे।

रेवाड़ी श्याम बहादुर जी की गद्दी का पता

सटीक पता: मकान नंबर 645, चौधरी वाड़ा (कायस्थवाड़ा मोहल्ला), ठठेरा चौक के पास, रेवाड़ी, कान्मजरा, हरियाणा – 123401।रास्ता और पहचान: यह रेवाड़ी शहर के पुराने और प्रसिद्ध कायस्थवाड़ा इलाके में स्थित है। आप स्थानीय ऑटो या रिक्शा की मदद से सीधे ‘ठठेरा चौक’ या ‘कायस्थवाड़ा’ पहुँच सकते हैं। गूगल मैप्स पर भी आप Shree Shyam Bahadur Ji Gaddi सर्च करके सीधे यहाँ की लाइव लोकेशन देख सकते हैं।

रेवाड़ी श्याम बहादुर जी की गद्दी में आरती और दर्शन का समय (Darshan & Aarti Timings)

गद्दी के कपाट भक्तों के दर्शन के लिए दिन में दो बार खुलते हैं:सुबह का समय: प्रात: 10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक।शाम का समय: शाम 04:00 बजे से रात्रि 07:00 बजे तक।विशेष नोट: त्यौहारों, एकादशी, द्वादशी और विशेष कीर्तन के दिनों में यह समय बढ़ाया जा सकता है ताकि सभी श्रद्धालु आसानी से धोक (हाजिरी) लगा सकें।

श्याम बहादुर जी महाराज का जन्म महोत्सव:

श्याम भक्तों की अगाध आस्था और विश्वास के अनुसार, रेवाड़ी (हरियाणा) की पावन गुरु गद्दी पर हर साल श्री श्याम बहादुर जी महाराज का जन्म महोत्सव बेहद भव्य और अलौकिक रूप से मनाया जाता है। मान्यता है कि इस पावन अवसर पर देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु धोक लगाने और बाबा श्याम के इस लाडले भक्त के प्रति अपनी कृतज्ञता जताने आते हैं। श्रद्धालुओं का ऐसा अटूट विश्वास है कि इस उत्सव के दौरान होने वाले विशेष ‘ताली कीर्तन’ में आज भी बाबा श्याम अदृश्य रूप से मौजूद रहते हैं। पूरे मंदिर को फूलों से सजाया जाता है और विशाल भंडारे का आयोजन होता है, जो भक्तों की गहरी श्रद्धा का प्रतीक है।

रेवाड़ी श्याम बहादुर जी की गद्दी में फाल्गुन मेला और अखंड ज्योत उत्सव:

श्याम भक्तों की अगाध आस्था और विश्वास के अनुसार, रेवाड़ी (हरियाणा) स्थित श्री श्याम बहादुर जी की गद्दी पर फाल्गुन मेला और अखंड ज्योत उत्सव बेहद दिव्य रूप से मनाया जाता है। श्रद्धालुओं की ऐसी गहरी मान्यता है कि जो भक्त किसी कारणवश राजस्थान के खाटू धाम नहीं जा पाते, वे इस पावन गद्दी पर आकर बाबा श्याम के आगे अपनी अर्जी लगाते हैं। भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि उत्सव के दौरान जलाई जाने वाली अखंड ज्योत के दर्शन मात्र से ही जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। भजनों और भंडारे से सराबोर यह उत्सव हर श्याम प्रेमी की अटूट श्रद्धा और आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है।

श्याम बहादुर जी के जीवन पर बने भजन

श्याम भक्तों की अगाध आस्था और विश्वास के अनुसार, बाबा श्याम के लाडले भक्त श्री श्याम बहादुर जी महाराज के जीवन और उनके दिव्य चमत्कारों पर कई सुंदर भजन बने हैं। मान्यता है कि इन भजनों को श्रद्धापूर्वक गाने और सुनने से मन को असीम शांति मिलती है। इनमें “श्याम बहादुर दर्श को आतुर” और “मोरछड़ी का चमत्कार” जैसे भजन श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।भक्तों का ऐसा दृढ़ विश्वास है कि जब वे इन भजनों के माध्यम से रेवाड़ी गद्दी के इतिहास और मोरछड़ी से बंद ताले खुलने के प्रसंग को याद करते हैं, तो बाबा श्याम उनकी हाजिरी तुरंत स्वीकार कर लेते हैं। यह मधुर भजन न केवल श्याम बहादुर जी की निश्छल भक्ति को दर्शाते हैं, बल्कि हर श्याम प्रेमी के दिल में बाबा के प्रति अटूट विश्वास भी जगाते हैं।

श्याम बहादुर जी गादी ताली कीर्तन के वीडियो:

श्याम भक्तों की अगाध आस्था और विश्वास के अनुसार, रेवाड़ी धाम की पावन गुरु गद्दी पर होने वाले ताली कीर्तन के वीडियो इंटरनेट और यूट्यूब पर श्रद्धालुओं द्वारा बहुत श्रद्धा से देखे जाते हैं। मान्यता है कि जब भक्त बिना किसी वाद्य यंत्र के, केवल दोनों हाथों की तालियों की गूँज पर बाबा श्याम और श्याम बहादुर जी के भजनों में लीन होते हैं, तो वहाँ का माहौल पूरी तरह अलौकिक हो जाता है। श्रद्धालुओं का ऐसा अटूट विश्वास है कि इन वीडियो को घर बैठे देखने और कीर्तन का आनंद लेने मात्र से ही बाबा श्याम की असीम कृपा प्राप्त होती है और जीवन के सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं।

श्याम भक्तों की अगाध आस्था और विश्वास के अनुसार, श्री श्याम बहादुर सिंह महाराज खाटू नरेश के वो लाडले भक्त हैं, जिनकी मोरछड़ी छूते ही मंदिर के पट खुल गए थे। उनकी निश्छल भक्ति की यह पावन गाथा हर श्याम प्रेमी के दिल में अटूट श्रद्धा जगाती है।

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