खाटू श्याम जी का सिद्ध मंत्र और उसकी शक्ति से चमकेगा आपका भाग्य! आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए प्रतिदिन सुबह इस शक्तिशाली मंत्र का 108 बार जाप अवश्य सुनें।
फैक्ट फाइल: खाटू श्याम जी का सिद्ध मंत्र
- मुख्य देवता :भगवान खाटू श्याम जी (महाभारत कालीन वीर बर्बरीक)
- मुख्य महामंत्र :ॐ श्री श्याम देवाय नमः (Om Shri Shyam Devaya Namah)
- संकट निवारण मंत्र :ॐ श्याम शरणम ममः (सुरक्षा और मानसिक शांति के लिए)
- मूल स्वरूप/सफलता मंत्र :ॐ मोर्वी नंदनाय नमः (करियर और व्यापार में वृद्धि के लिए)
- सर्वोत्तम जाप संख्या :108 बार (ब्रह्मांडीय ऊर्जा और पूर्णता का प्रतीक)
- सर्वोत्तम जाप माला :तुलसी की माला या सफेद चंदन की माला
- मंत्र जाप की दिशा :पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा की ओर मुख
- विशेष प्रिय तिथियाँ :प्रत्येक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी और द्वादशी
- महा-उत्सव काल :फाल्गुन मेला (राजस्थान के खाटू धाम में वार्षिक उत्सव)
- मंत्र जाप के मुख्य लाभ :आर्थिक तंगी से मुक्ति, मानसिक तनाव का नाश, गृह क्लेश की समाप्ति
- साधना के मुख्य नियमपूर्ण सात्विक भोजन (लहसुन, प्याज, मांस का त्याग) और अटूट विश्वास
- पवित्र सरोवर :श्याम कुंड (मान्यता है कि यहीं से बाबा का शीश प्रकट हुआ था, जहाँ स्नान का विशेष महत्व है)
खाटू श्याम जी का सिद्ध मंत्र और उनका महत्व
शास्त्रों और पौराणिक कथाओं के अनुसार, बाबा श्याम का मूल नाम बर्बरीक था। वे भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र थे। महाभारत युद्ध के समय भगवान कृष्ण ने उनके शीश का दान मांगा था। बर्बरीक के इस महान बलिदान से प्रसन्न होकर श्री कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलयुग में वे उनके “श्याम” नाम से पूजे जाएंगे और भक्तों के सभी कष्टों को हरेंगे।बाबा श्याम के मंत्रों का जाप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए जानते हैं बाबा के उन सिद्ध मंत्रों के बारे में जो भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।
बाबा श्याम का महामंत्र (The Ultimate Mantra)
यह खाटू श्याम जी का सबसे सरल और सबसे शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। दैनिक पूजा में इस मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।
- “ॐ श्री श्याम देवाय नमः”(Om Shri Shyam Devaya Namah)
अर्थ: मैं भगवान श्री श्याम देव को सादर प्रणाम करता हूँ और उनके चरणों में खुद को समर्पित करता हूँ।
महत्व: यह मंत्र मानसिक शांति प्रदान करता है और घर से नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को समाप्त करता है।
श्याम शरणम मंत्र (Mantra for Protection)
जब जीवन में चारों तरफ से संकट आ जाए और कोई रास्ता न सूझे, तब इस मंत्र का आश्रय लेना चाहिए ।
- “ॐ श्याम शरणम ममः”(Om Shyam Sharanam Mamah)
अर्थ: हे बाबा श्याम! मैं आपकी शरण में हूँ, मेरी रक्षा करें।
महत्व: यह मंत्र भक्त के भीतर सुरक्षा की भावना जगाता है। अवसाद (Depression) और डर से मुक्ति पाने के लिए यह रामबाण है।
बर्बरीक/पुत्र स्वरूप मंत्र (Mantra for Success)
बाबा श्याम के मूल और पराक्रमी स्वरूप को याद करने के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है।
- “ॐ मोर्वी नंदनाय नमः”(Om Morbi Nandanaya Namah)
अर्थ: माता मोर्वी के पराक्रमी पुत्र (बर्बरीक) को मेरा नमन है।
महत्व: नौकरी, व्यापार और करियर में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए इस मंत्र का जाप अत्यंत फलदायी माना जाता है।
शीश दानी मंत्र (Mantra for Sacrifice and Grace)
धर्म के लिए अपना सर्वस्व दान करने वाले “शीश के दानी” की कृपा पाने का मंत्र:
- “ॐ शीश दानाय नमः”(Om Sheesh Danaya Namah)
महत्व: यह मंत्र अहंकार को नष्ट करता है और भक्त के भीतर निस्वार्थ भक्ति की भावना जागृत करता है।
खाटू श्याम जी का सिद्ध मंत्र: जाप की सही और प्रामाणिक विधि (Step-by-Step Jaap Vidhi)
किसी भी सिद्ध मंत्र का पूर्ण लाभ तभी मिलता है जब उसका जाप पूरी श्रद्धा, शुद्धता और सही नियमों के साथ किया जाए। खाटू श्याम मंत्र साधना के लिए सबसे पहले सुबह या शाम को स्नान कर स्वच्छ कपड़े (यदि संभव हो तो पीले या सफेद रंग के वस्त्र) धारण करें। इसके बाद पूजा घर में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें और बैठने के लिए ऊनी या कुशा के आसन का प्रयोग करें। अपने ठीक सामने खाटू श्याम जी की मूर्ति, तस्वीर या “श्याम चरण” स्थापित करके बाबा के सामने शुद्ध देसी घी का दीपक और धूपबत्ती जलाएं। साधना के पहले दिन हाथ में थोड़ा जल लेकर अपनी मनोकामना कहें और बाबा से मंत्र साधना को सफल बनाने का संकल्प लें। श्याम मंत्रों के जाप के लिए तुलसी या चंदन की माला को सबसे उत्तम माना गया है, जिससे प्रतिदिन कम से कम 1 माला (108 बार) या समय कम होने पर 11, 21 या 51 बार श्रद्धापूर्वक जाप अवश्य करें। अंत में, जाप पूरा होने के बाद बाबा को मावे का पेड़ा, मिश्री या पंचमेवा का भोग लगाएं और भावपूर्ण होकर श्याम बाबा की आरती गाएं।
ॐ श्री श्याम देवाय नमः (Om Shri Shyam Devaya Namah)
ॐ श्री श्याम देवाय नमः खाटू श्याम बाबा का सबसे प्रभावशाली और लोकप्रसिद्ध महामंत्र है। कलयुग के साक्षात जागृत देव, भगवान श्री कृष्ण के स्वरूप बाबा श्याम को प्रसन्न करने का यह सबसे अचूक मार्ग है। इस चमत्कारी मंत्र का नियमित रूप से जाप करने से साधक के जीवन से समस्त नकारात्मक ऊर्जा, मानसिक तनाव और भय का पूरी तरह नाश होता है।व्यापार में आ रही लगातार रुकावटें, आर्थिक तंगी और घरेलू कलह को शांत करने के लिए यह मंत्र बेहद कारगर माना गया है। प्रतिदिन सुबह-शाम शुद्ध आसन पर बैठकर तुलसी की माला से इस मंत्र का पाठ करने से घर में सुख, समृद्धि और अटूट शांति का वास होता है। जब कोई भक्त पूरी तरह हारकर इस मंत्र की शरण लेता है, तो बाबा श्याम उसकी सोई किस्मत जगा देते हैं।
खाटू श्याम जी का शक्तिशाली मंत्र
खाटू श्याम जी का शक्तिशाली मंत्र जीवन के सबसे कठिन दौर में भी उम्मीद की नई किरण जगाता है। कलयुग के साक्षात अवतार बाबा श्याम को प्रसन्न करने के लिए “ॐ श्याम शरणम ममः” और “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” को सबसे अचूक और शक्तिशाली मंत्र माना गया है। इन मंत्रों में वह अलौकिक ऊर्जा समाहित है जो किसी भी प्रकार के घोर संकट, अकाल मृत्यु के भय, गंभीर बीमारी और अदालती विवादों को तुरंत शांत कर सकती है। मान्यता है कि जब कोई व्यक्ति चारों तरफ से हार जाता है और सच्चे मन से इस शक्तिशाली मंत्र का आश्रय लेता है, तो “हारे का सहारा” बाबा श्याम स्वयं उसकी रक्षा के लिए दौड़े चले आते हैं। इस मंत्र का रोज सुबह-शाम घी का दीपक जलाकर पाठ करने से घर का वास्तु दोष दूर होता है और परिवार में धन-धान्य तथा सुख-समृद्धि का अटूट वास होता है।
बर्बरीक मंत्र (Barbarik Mantra)
बर्बरीक मंत्र (Barbarिक मंत्र) बाबा खाटू श्याम जी के पराक्रमी और मूल स्वरूप की आराधना का सबसे शक्तिशाली मंत्र है। महाभारत काल में घटोत्कच के पुत्र और महान योद्धा बर्बरीक ने धर्म की रक्षा के लिए भगवान श्री कृष्ण को अपने शीश का दान दे दिया था। उनके इस परम बलिदान से प्रसन्न होकर श्री कृष्ण ने उन्हें कलयुग में अपने ‘श्याम’ नाम से पूजे जाने का वरदान दिया।बाबा के इस मूल स्वरूप को प्रसन्न करने के लिए “ॐ मोर्वी नंदनाय नमः” या “ॐ शीश दानाय नमः” मंत्र का जाप किया जाता है। यह मंत्र भक्तों के भीतर अदम्य साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। नौकरी में तरक्की, कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय और गंभीर शत्रुओं के प्रभाव को नष्ट करने के लिए बर्बरीक मंत्र का जाप अचूक माना जाता है। सच्चे मन से किया गया यह जाप जीवन के हर कठिन संघर्ष में जीत दिलाता है।
खाटू श्याम जी का सिद्ध मंत्र और जाप के चमत्कारी लाभ (Benefits of Chanting)
नियमित रूप से बाबा श्याम के सिद्ध मंत्रों का मानसिक या वाचिक जाप करने से साधक को अद्भुत लाभ मिलते हैं। “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” के जाप से मस्तिष्क शांत होता है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। यह चमत्कारी मंत्र सोए भाग्य को जगाकर व्यापारिक घाटे और आर्थिक संकट का निवारण करता है तथा धन के नए मार्ग खोलता है। इसके प्रभाव से गृह क्लेश समाप्त होता है और पारिवारिक माहौल प्रेमपूर्ण बनता है। अस्वस्थ व्यक्ति के पास “ॐ श्याम शरणम ममः” का पाठ करने से असाध्य रोगों से राहत मिलती है और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होता है। साथ ही, यह मंत्र विद्यार्थियों और युवाओं में एकाग्रता तथा आत्मविश्वास बढ़ाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है।
श्याम बाबा मंत्र 108 टाइम्स (Khatu Shyam Mantra 108 Times)
श्याम बाबा मंत्र 108 टाइम्स (Khatu Shyam Mantra 108 Times) का जाप करना सनातन धर्म में आध्यात्मिक जागृति और संकट निवारण का सर्वोत्तम माध्यम माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, संख्या ‘108’ ब्रह्मांडीय ऊर्जा और पूर्णता का प्रतीक है। जब कोई भक्त तुलसी या चंदन की माला की सहायता से “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” महामंत्र का शुद्ध उच्चारण के साथ 108 बार जाप करता है, तो उसके चारों ओर एक अभेद्य सुरक्षा कवच बन जाता है। यह साधना मन को एकाग्र करती है, मानसिक तनाव को मिटाती है और असाध्य रोगों से मुक्ति दिलाने में सहायक होती है। कलयुग में “हारे का सहारा” कहे जाने वाले बाबा श्याम इस संख्यात्मक जाप से अत्यंत प्रसन्न होते हैं। व्यापार में लगातार हो रहे घाटे, अदालती विवाद या पारिवारिक अशांति से जूझ रहे लोगों के लिए प्रतिदिन सुबह-शाम 108 बार यह चमत्कारी जाप करना सोए हुए भाग्य को जगाने और असीम सुख-समृद्धि पाने का अचूक मार्ग है।
हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा (Mantra/Slogan)
हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा खाटू श्याम जी का सबसे प्रसिद्ध और चमत्कारी महामंत्र तथा जयकारा है। यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि दुनिया के सताए और निराश हो चुके भक्तों का अटूट विश्वास है। महाभारत काल में वीर बर्बरीक के महान बलिदान से प्रसन्न होकर भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया था कि कलयुग में जो व्यक्ति जीवन के हर मोड़ पर हार जाएगा, बाबा श्याम स्वयं उसका हाथ थामेंगे। इस महामंत्र का श्रद्धापूर्वक निरंतर जाप करने से घोर मानसिक अवसाद, असफलता का डर और जीवन के सारे कष्ट तुरंत दूर हो जाते हैं। जब भक्त सच्चे भाव से इस स्लोगन को पुकारता है, तो उसके भीतर अदम्य साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मान्यता है कि इस जयकारे की गूंज से बड़े से बड़ा संकट भी पल भर में टल जाता है और भक्त का सोया हुआ भाग्य पुनः चमक उठता है।
खाटू श्याम जी का सिद्ध मंत्र आस्था, विज्ञान और मनो विज्ञान की त्रिवेणी है।
खाटू श्याम जी का मनोकामना पूर्ति सिद्ध मंत्र
खाटू श्याम जी का मनोकामना पूर्ति सिद्ध मंत्र “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” और “ॐ मोर्वी नंदनाय विद्महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्” अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त सच्चे मन और पूर्ण श्रद्धा के साथ नियमित रूप से इन मंत्रों का जाप करते हैं, श्याम बाबा उनकी सभी अधूरी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी करते हैं। खाटू श्याम जी को कलियुग का सबसे जाग्रत देव माना जाता है, जिन्हें ‘हारे का सहारा’ भी कहा जाता है। जीवन में यदि कोई गंभीर संकट, आर्थिक तंगी, या मानसिक अशांति हो, तो शुक्ल पक्ष की एकादशी या द्वादशी तिथि से इस मंत्र का जाप शुरू करना विशेष फलदायी होता है। प्रतिदिन तुलसी की माला से कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, अटके हुए कार्य पूरे होते हैं और भक्त को जीवन के हर मोड़ पर बाबा श्याम का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है।
खाटू श्याम जी का मूल मंत्र क्या है
खाटू श्याम जी का मूल मंत्र “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” है। यह मात्र सात अक्षरों का महामंत्र दिखने में जितना सरल है, प्रभाव में उतना ही अचूक और शक्तिशाली माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ‘हारे का सहारा’ कहे जाने वाले बाबा श्याम के इस मूल मंत्र का नियमित जाप करने से जीवन के सभी दुख, दरिद्रता और मानसिक कष्ट तुरंत दूर हो जाते हैं।यदि भक्त पूरी श्रद्धा और साफ मन से प्रतिदिन सुबह-शाम तुलसी की माला से इस मंत्र की एक माला (108 बार) का जाप करते हैं, तो उन्हें सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और दिव्य सुरक्षा कवच प्राप्त होता है। कलियुग में बाबा श्याम का यह मूल मंत्र भक्तों की हर मनोकामना पूरी करने और बिगड़े काम बनाने के लिए सबसे सरल माध्यम माना गया है।
गायत्री मंत्र: “ॐ मोर्वी नंदनाय विद्महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्”।
खाटू श्याम जी का यह दिव्य गायत्री मंत्र “ॐ मोर्वी नंदनाय विद्महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्” अत्यंत जाग्रत और प्रभावशाली है। इसका सरल अर्थ है: “हम मां मोर्वी के नंदन (पुत्र) को जानते हैं; हम श्याम देव का ध्यान करते हैं; और वे वीर बर्बरीक हमें सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें।”धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंत्र का नियमित जाप करने से भक्तों को मानसिक स्पष्टता, तीव्र बुद्धि और अटूट साहस मिलता है। यह मंत्र जीवन के हर अंधकार और भय को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। प्रतिदिन शांत मन से इसका श्रद्धापूर्वक जाप करने से बाबा श्याम की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
खाटू श्याम कष्ट निवारण मंत्र: “ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय सुहृदयाय नमो नमः।।”
खाटू श्याम जी का कष्ट निवारण मंत्र “ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय सुहृदयाय नमो नमः।।” जीवन के सभी संकटों को दूर करने वाला एक अत्यंत जाग्रत और अचूक महामंत्र है। इस शक्तिशाली मंत्र का सीधा अर्थ है कि हम भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप, परमेश्वर और मां मोर्वी के वीर पुत्र बाबा बर्बरीक (श्याम जी) को बारंबार प्रणाम करते हैं, जो अपने शरणागत भक्तों के सभी दुखों, क्लेशों और मानसिक कष्टों का पूरी तरह से नाश करते हैं।यदि आपके जीवन में अचानक कोई भारी संकट आ जाए, कोर्ट-कचहरी का मामला हो, सेहत खराब रहती हो या शत्रु परेशान कर रहे हों, तो इस मंत्र का सच्चे मन से जाप करना शुरू करें। प्रतिदिन सुबह या शाम को बाबा श्याम की ज्योति के सामने बैठकर इस कष्ट निवारण मंत्र की कम से कम एक माला (108 बार) का श्रद्धापूर्वक जाप करने से बड़े से बड़ा संकट भी पल भर में टल जाता है। कलियुग में ‘हारे का सहारा’ कहे जाने वाले बाबा श्याम अपने भक्तों की पुकार इस मंत्र के माध्यम से बहुत जल्दी सुनते हैं और उन्हें हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा और भय से मुक्ति प्रदान करते हैं। सुख-समृद्धि और मानसिक शांति के लिए यह मंत्र एक अचूक उपाय है।
खाटू श्याम मनोकामना पूर्ति उपाय एकादशी (नियम)
खाटू श्याम जी की कृपा पाने के लिए एकादशी तिथि सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि आपकी कोई विशेष इच्छा है, तो एकादशी के दिन ये नियम और उपाय अवश्य करें:
व्रत और कीर्तन: एकादशी का व्रत रखें और शाम के समय श्याम बाबा के भजनों का कीर्तन करें।तुलसी पत्र का भोग: बाबा श्याम को खीर-चूरमे का भोग लगाएं और उसमें तुलसी का पत्ता अवश्य रखें।मंत्र जाप: एकादशी की रात को सोए नहीं, बल्कि जागकर बाबा के मूल मंत्र या कष्ट निवारण मंत्र का जाप करें।
ॐ मोर्वी नंदनाय विद्महे मंत्र के फायदे (Shyam Gayatri Mantra)
बाबा श्याम का गायत्री मंत्र “ॐ मोर्वी नंदनाय विद्महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्” चमत्कारी शक्तियों से भरा है। इस मंत्र के नियमित जाप से निम्नलिखित फायदे मिलते हैं:
बुद्धि और एकाग्रता: यह मंत्र छात्रों और काम करने वाले लोगों के लिए मानसिक स्पष्टता और तीव्र बुद्धि प्रदान करता है।भय से मुक्ति: मन में चल रही उलझनें, अज्ञात भय और नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह समाप्त हो जाती है।आत्मविश्वास में वृद्धि: जीवन के कठिन समय में सही निर्णय लेने का साहस और अटूट आत्मविश्वास मिलता है।
खाटू श्याम जी का मूल मंत्र 108 बार (जाप विधि)
बाबा श्याम का सबसे सरल और जाग्रत मूल मंत्र “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” है।यदि आप मानसिक शांति और घर में सुख-समृद्धि चाहते हैं, तो प्रतिदिन सुबह या शाम को इस मूल मंत्र का 108 बार जाप (एक माला) अवश्य करें। जाप के लिए तुलसी की माला का उपयोग सबसे उत्तम माना जाता है। एकाग्रता बढ़ाने के लिए आप शांत वातावरण में बाबा श्याम की ज्योति जलाकर बैठें और इस मंत्र का उच्चारण करें।
खाटू श्याम कष्ट निवारण मंत्र का अर्थ और लिरिक्स
यदि आप जीवन के बड़े से बड़े संकट से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो प्रतिदिन इस कष्ट निवारण मंत्र का जाप करें।
- लिरिक्स:”ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय सुहृदयाय नमो नमः।।”
खाटू श्याम कष्ट निवारण मंत्र का अर्थ:इस मंत्र का हिंदी मतलब है— “हम भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप, परमेश्वर और माता मोर्वी के वीर पुत्र बाबा बर्बरीक (श्याम जी) को बारंबार प्रणाम करते हैं। हे प्रभु! आप अपने शरणागत भक्तों के सभी दुखों, सांसारिक क्लेशों और मानसिक कष्टों का पूरी तरह से नाश करने वाले और सहृदय दयालु हैं, आपको हमारा नमन है।”
ॐ श्री श्याम देवाय नमः के फायदे
यदि आप प्रतिदिन इस मूल मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करते हैं, तो आपको निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:सकारात्मक ऊर्जा: घर और मन की सभी नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।मानसिक शांति: डिप्रेशन, तनाव और चिंता से तुरंत मुक्ति मिलती है।संकटों से रक्षा: यह मंत्र भक्त के चारों ओर एक सुरक्षा कवच बना देता है।
श्याम बाबा को प्रसन्न करने का मंत्र और पूजा विधि
विशेष मनोकामना पूर्ति और बाबा श्याम को शीघ्र प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का जाप करें:”ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय सुहृदयाय नमो नमः।।”
पूजा विधि: शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन बाबा श्याम की मूर्ति के सामने शुद्ध घी का दीपक या ज्योत जलाएं। इसके बाद इस मंत्र की कम से कम 5 या 11 माला का जाप करें। इससे आपकी हर अधूरी इच्छा पूरी होती है।
Khatu Shyam Ji Ka Sandhya Mantra ( खाटू श्याम संध्या का नियम)
संध्या काल (शाम के समय) आरती के बाद शांत चित्त से इस मंत्र का 11 बार स्मरण करना चाहिए:”ॐ श्री श्याम शरणं मम।”
माना जाता है कि संध्या काल में इस मंत्र का जाप करने से दिनभर की थकान और मानसिक क्लेश दूर होते हैं और रात को शांतिपूर्ण नींद आती है।
खाटू श्याम मंत्र फॉर वेल्थ इन हिंदी (खाटू श्याम धन लाभ के उपाय)
यदि आप व्यापार में घाटे या भारी कर्ज (आर्थिक तंगी) से परेशान हैं, तो बुधवार या एकादशी के दिन इस मंत्र का जाप करें:”ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्याम देवाय नमः।।”यह मंत्र तिजोरी में धन स्थिरता लाता है और आपके व्यापार में तरक्की के नए रास्ते खोलता है।
खाटू श्याम जी का सिद्ध मंत्र: चमत्कारी लाभ, जाप की सही विधि और संपूर्ण रहस्य पर आधारित यह आर्टिकल आपको अच्छा लगा तो इसे शेयर करें सा। बोलो खाटू श्याम बाबा की जय।


