” जैसलमेर बॉर्डर परमिट (Jaisalmer Border permit) घूमने की पूरी जानकारी! हमारी टीम के अनुभव (Team Experience) के आधार पर जानें तनोट माता और लोंगेवाला (Longewala) के लिए परमिट (Permit) प्रक्रिया। क्या ₹0 में मिलता है बॉर्डर पास? जानें 4 आसान स्टेप्स (4 Easy Steps), जरूरी डॉक्यूमेंट्स और स्थानीय गाइड (Local Guide) की सलाह। भारत-पाक जीरो पॉइंट (Zero Point) देखने का असली तरीका और लेटेस्ट सरकारी नियम (Government Rules) यहाँ पढ़ें। अपनी जैसलमेर ट्रिप को यादगार बनाने के लिए अभी क्लिक करें!”
तनोट माता मंदिर परमिट (Tanot Mata Temple Permit)
तनोट माता मंदिर (Tanot Mata Mandir) जाने के लिए आपको किसी भी प्रकार के विशेष परमिट की आवश्यकता नहीं है। यह मंदिर सभी भारतीय पर्यटकों के लिए खुला है। हमारी टीम ने जब यहाँ की यात्रा की, तो हमने पाया कि आपको बस अपना आधार कार्ड (Aadhar Card) या कोई ओरिजिनल आईडी प्रूफ साथ रखना होता है। जैसलमेर से 120 किमी दूर स्थित इस मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर सेना के चेकपोस्ट मिलते हैं, जहाँ कभी-कभी सामान्य एंट्री करानी पड़ती है। यहाँ की लोकल दुकानों (Local Shops) पर मिलने वाला माता का प्रसाद और मंदिर के चमत्कारी इतिहास का अनुभव (Experience) वाकई में अविस्मरणीय है।
लोंगेवाला वॉर मेमोरियल परमिट (Longewala Permit)
1971 के भारत-पाक युद्ध की वीरता का गवाह लोंगेवाला (Longewala) घूमने के लिए भी किसी सरकारी परमिट की जरूरत नहीं होती। पर्यटक अपनी निजी गाड़ी या टैक्सी से सीधे यहाँ तक जा सकते हैं। हमारी टीम के अनुभव (Team Experience) के अनुसार, लोंगेवाला म्यूजियम में पाकिस्तानी टैंकों को देखना एक गौरवपूर्ण पल होता है। हालांकि, यदि आप लोंगेवाला से आगे इंटरनेशनल बॉर्डर (Zero Point) की तारबंदी को करीब से देखना चाहते हैं, तो आपको जैसलमेर में BSF हेडक्वार्टर या कलेक्टर ऑफिस से लिखित अनुमति (Written Permission) लेनी होगी। बिना परमिट के आप केवल वॉर मेमोरियल तक ही जा सकते हैं।
बबूलिया वाली चौकी / जीरो पॉइंट (Babliyanwala Checkpost / Zero Point) – परमिट अनिवार्य (Permit Mandatory)
अगर आप मंदिर से आगे बिल्कुल फेंसिंग (Tarbandi) और जीरो पॉइंट (Zero Point) तक जाना चाहते हैं, जहाँ से पाकिस्तान की चौकियां दिखती हैं, तो:
- परमिट: इसके लिए आपको जैसलमेर के सीटिंग कलेक्टर (District Collector) या BSF हेडक्वार्टर से लिखित अनुमति (Written Permission) लेनी होगी।
- प्रक्रिया: यह परमिट आमतौर पर ‘बबूलिया वाली चौकी’ (Babliyanwala) के लिए मिलता है। इसके लिए आपको एक दिन पहले आवेदन करना पड़ सकता है।
- सावधानी: फोटोग्राफी यहाँ सख्त वर्जित है।
- बबूलिया वाली पोस्ट की जैसलमेर से दूरी 140+ किमी
जैसलमेर बॉर्डर परमिट प्रक्रिया (Step-by-Step Process)
जैसलमेर से आगे भारत-पाक सीमा (Indo-Pak Border) के जीरो पॉइंट तक जाने के लिए आपको BSF (Border Security Force) और जिला प्रशासन की अनुमति लेनी होती है।
स्टेप 1: जरूरी दस्तावेजों की तैयारी (Required Documents)
परमिट के लिए आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास ये दस्तावेज (Documents) तैयार हैं:आधार कार्ड (Aadhar Card): मूल प्रति (Original) और फोटोकॉपी।पासपोर्ट साइज फोटो: कम से कम 2 फोटो।वाहन के कागजात: यदि आप अपनी गाड़ी से जा रहे हैं, तो RC और इंश्योरेंस।
स्टेप 2: कलेक्टर ऑफिस या BSF ऑफिस जाना
परमिट बनवाने के लिए आपको जैसलमेर शहर में स्थित जिला कलेक्टर कार्यालय (District Collector Office) या BSF सेक्टर हेडक्वार्टर जाना होगा।हमारी टीम का अनुभव (Team Experience) कहता है कि सुबह 10:00 बजे कार्यालय पहुंचना सबसे अच्छा है ताकि शाम तक परमिट मिल जाए।वहां आपको एक ‘Request Form’ भरना होगा जिसमें यात्रा का कारण और सदस्यों की संख्या देनी होगी।
स्टेप 3: स्थानीय गाइड या एजेंट की मदद (Local Guide Assistance)
अगर आपको लगता है कि आपको जानकारी नहीं है तो आप जैसलमेर के किसी अनुभवी स्थानीय गाइड (Local Guide) की मदद ले सकते हैं। वे एक मामूली फीस लेकर आपके परमिट की प्रक्रिया को आसान बना देते हैं। हमने पाया कि कई ‘डेजर्ट कैंप’ वाले भी अपने पैकेज में परमिट की सुविधा शामिल रखते हैं।
स्टेप 4: परमिट वेरिफिकेशन (Permit Verification)
परमिट मिलने के बाद, जब आप तनोट माता मंदिर (Tanot Mata Mandir) से आगे बढ़ेंगे, तो रामगढ़ (Ramgarh) और तनोट चेकपोस्ट पर BSF के जवान आपके परमिट और आईडी की जांच करेंगे।
Quick Fact Box: जैसलमेर बॉर्डर परमिट गाइड
- परमिट फीस सरकारी तौर पर निशुल्क (प्रोसेसिंग फीस अलग हो सकती है)
- वैधता (Validity) केवल 1 दिन के लिए (Sunrise to Sunset)
- फोटोग्राफी प्रतिबंधित (बॉर्डर पोस्ट पर कैमरे अलाउड नहीं हैं)
- विदेशी नागरिक इनके लिए परमिट मिलना थोड़ा कठिन और समय लेने वाला है
क्या जैसलमेर बॉर्डर (Zero Point) जाने के लिए ऑनलाइन परमिट मिलता है?
नहीं, 2026 के अपडेट के अनुसार भी बबूलिया वाली चौकी (Zero Point) के लिए आपको जैसलमेर में कलेक्टर ऑफिस (Collector Office) या BSF हेडक्वार्टर जाकर ऑफलाइन आवेदन ही करना पड़ता है। हालांकि, तनोट माता और लोंगेवाला के लिए किसी परमिट की जरूरत नहीं है।
जैसलमेर बॉर्डर परमिट बनवाने में कितना समय और खर्च लगता है?
सरकारी तौर पर यह परमिट निशुल्क (Free of Cost) है। यदि आप सुबह 10 बजे आवेदन करते हैं, तो आमतौर पर शाम तक या अगले दिन सुबह तक परमिट मिल जाता है। हमारी टीम का अनुभव (Our Experience) कहता है कि कम से कम 24 घंटे का समय हाथ में लेकर चलें।
क्या विदेशी नागरिक (Foreign Tourists) जैसलमेर बॉर्डर जा सकते हैं?
विदेशी नागरिकों के लिए नियम बहुत सख्त हैं। उन्हें Protected Area Permit (PAP) की आवश्यकता होती है, जो गृह मंत्रालय या संबंधित जिला मजिस्ट्रेट से मिलता है। तनोट माता मंदिर तक जाना उनके लिए आसान है, लेकिन जीरो पॉइंट (Zero Point) के लिए अनुमति मिलना बहुत मुश्किल होता
क्या जैसलमेर बॉर्डर पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की अनुमति है?
तनोट माता मंदिर और लोंगेवाला म्यूजियम में आप फोटो खींच सकते हैं। लेकिन बबूलिया वाली चौकी (Zero Point) और फेंसिंग (Tarbandi) के पास कैमरा और मोबाइल का उपयोग सख्त वर्जित है। सुरक्षा कारणों से BSF के जवान आपका फोन जमा भी कर सकते हैं।
क्या हम अपनी निजी कार (Private Car) से बॉर्डर तक जा सकते हैं?
हाँ, आप अपनी कार या बाइक से जा सकते हैं। बस सुनिश्चित करें कि आपके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) और गाड़ी के पूरे कागजात हों। रास्ते में मिलने वाले स्थानीय ढाबों (Local Dhabas) पर रुककर वहां की ‘मक्खन वाली लस्सी’ का स्वाद जरूर लें, जो हमारी टीम को बहुत पसंद आई।
जैसलमेर कलेक्टर ऑफिस में परमिट के लिए आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया क्या है और इसमें कितना समय लगता है?
आवेदन करने के लिए आपको सबसे पहले एक सादे कागज पर ‘कलेक्टर’ के नाम प्रार्थना पत्र (Application) लिखना होगा, जिसमें यात्रा की तारीख, सदस्यों के नाम, गाड़ी का नंबर और मोबाइल नंबर शामिल हो। इसके साथ सभी सदस्यों के आधार कार्ड (Aadhar Card) की फोटोकॉपी लगानी होगी। हमारी टीम का अनुभव (Our Experience) यह रहा है कि अगर आप सुबह 11:00 बजे तक फॉर्म जमा कर देते हैं, तो शाम 4:00 से 5:00 बजे के बीच आपको हस्ताक्षरित परमिट मिल जाता है। कभी-कभी भीड़ ज्यादा होने पर इसमें 24 घंटे का समय भी लग सकता है, इसलिए जैसलमेर पहुंचते ही सबसे पहले यह काम निपटाएं।
क्या 2026 में जैसलमेर बॉर्डर जाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य (Mandatory) है और क्या इसके बिना प्रवेश मिल सकता है?
हाँ, 12 फरवरी 2026 से तनोट माता मंदिर ट्रस्ट ने बबूलिया वाली चौकी (बॉर्डर) जाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग को अनिवार्य (Mandatory) कर दिया है। अब बॉर्डर चेकपोस्ट पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ‘स्पॉट एंट्री’ बंद कर दी गई है। अगर आप बिना ऑनलाइन पास के तनोट माता मंदिर पहुँचते हैं, तो सुरक्षा कारणों से आपको बॉर्डर की ओर जाने वाली सड़क पर आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। हमारी टीम ने देखा कि कई पर्यटक जानकारी के अभाव में बिना पास के पहुँच गए थे और उन्हें वापस आना पड़ा। इसलिए, अपनी यात्रा से कम से कम 2-3 दिन पहले वेबसाइट से अपना स्लॉट (Slot) बुक कर लें।
जैसलमेर बॉर्डर ऑनलाइन ई-परमिट (E-permit) लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आवेदन रिजेक्ट न हो?
: ऑनलाइन अप्लाई करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप जो आईडी (जैसे आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस) अपलोड कर रहे हैं, वह एकदम साफ (Clear) होनी चाहिए। 2026 के नए पोर्टल पर 1MB से कम की फाइल ही अपलोड होती है। साथ ही, प्रत्येक वयस्क (Adult) के लिए अलग से पास अप्लाई करना होगा। हमारी टीम के अनुभव (Team Experience) में हमने पाया कि लोग अक्सर ‘Date of Arrival’ गलत भर देते हैं, जिससे पास अमान्य हो जाता है। ध्यान रहे, पास केवल उसी तारीख और समय (Time Slot) के लिए वैध होगा जिसे आपने चुना है। अगर आप 12 साल से छोटे बच्चों के साथ जा रहे हैं, तो उनका अलग पास जरूरी नहीं है, वे अभिभावकों के साथ जा सकते हैं।
PAP/RAP परमिट क्या है? (What is PAP/RAP Permit?)
जैसलमेर के कई हिस्से ‘प्रोटेक्टेड एरिया’ (Protected Area) के अंतर्गत आते हैं। विदेशी नागरिकों को यहाँ जाने के लिए Protected Area Permit (PAP) लेना अनिवार्य है।जरूरी नियम: यह परमिट आमतौर पर कम से कम 2 या उससे अधिक लोगों के समूह (Group of 2+) को ही दिया जाता है। अकेले यात्रा करने वाले (Solo Travelers) विदेशी पर्यटकों को यह अनुमति मिलना कठिन होता है।वैधता: यह परमिट आमतौर पर 10 दिनों के लिए वैध होता है।
क्या विदेशी लोंगेवाला जा सकते हैं? (Can foreigners visit Longewala?)
जी हाँ, विदेशी सैलानी लोंगेवाला (Longewala) और तनोट माता मंदिर (Tanot Mata Mandir) जा सकते हैं, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति पहले से लेनी होती है।ध्यान दें: 2026 के नियमों के अनुसार, विदेशी नागरिक सीधे बॉर्डर (Zero Point/Fence) तक नहीं जा सकते। वे केवल उन्हीं स्थानों तक जा सकते हैं जो उनके परमिट में स्पष्ट रूप से लिखे गए हों।
जैसलमेर से तनोट और बॉर्डर: समय और दूरी का गणित (Time & Distance Guide)
जैसलमेर से तनोट माता मंदिर: दूरी लगभग 120 किमी है। एक अच्छी टैक्सी या अपनी कार से यहाँ पहुँचने में 2 से 2.5 घंटे का समय लगता है।तनोट से लोंगेवाला: यह दूरी लगभग 40 किमी है, जिसे तय करने में 45 मिनट से 1 घंटा लगता है।तनोट से जीरो पॉइंट (बॉर्डर): मंदिर से बॉर्डर की चौकी लगभग 15-20 किमी दूर है, जिसमें 30 मिनट लगते हैं।
क्या एक दिन में बॉर्डर घूमकर वापस आ सकते हैं? (One Day Trip)
बिल्कुल! एक दिन में जैसलमेर से तनोट माता मंदिर, लोंगेवाला और बॉर्डर (Zero Point) घूमकर वापस आना पूरी तरह संभव है।हमारा सुझाव (Our Suggestion): सुबह 7:00 बजे जैसलमेर से निकलें ताकि आप दोपहर 3:00 बजे तक मुख्य स्थल देख सकें और सूर्यास्त से पहले शहर या अपने डेजर्ट कैंप वापस लौट सकें।
जैसलमेर से तनोट माता मंदिर और लोंगेवाला की यात्रा के दौरान रास्ते की स्थिति कैसी है और क्या रास्ते में खाने-पीने की अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं?
जैसलमेर से तनोट जाने वाली सड़कें (NH 11 और स्टेट हाईवे) बेहतरीन स्थिति में हैं और बॉर्डर की ओर बढ़ते हुए आप ‘विंड मिल्स’ (Windmills) के खूबसूरत नज़ारे देख सकते हैं। हालांकि, हमारी टीम का अनुभव (Team Experience) यह रहा है कि रामगढ़ (Ramgarh) पार करने के बाद अगले 70-80 किमी तक कोई बड़ा कस्बा या पेट्रोल पंप नहीं है। खाने-पीने के लिए सुविधाएं बहुत सीमित हैं। तनोट माता मंदिर के पास कुछ स्थानीय ढाबे (Local Dhabas) हैं जहाँ आपको साधारण लेकिन स्वादिष्ट ‘दाल-बाटी’ और चाय मिल जाएगी। हमारा सुझाव है कि आप जैसलमेर से निकलते समय पर्याप्त पानी और कुछ स्नैक्स साथ रखें। साथ ही, रामगढ़ में ही अपनी गाड़ी का फ्यूल (Fuel) चेक कर लें, क्योंकि आगे पूरा इलाका निर्जन है।
लोंगेवाला से जीरो पॉइंट (बॉर्डर फेंसिंग) की असल दूरी कितनी है और पूरे बॉर्डर सर्किट को कवर करने में कुल कितना समय खर्च होता है?
लोंगेवाला वॉर मेमोरियल से इंटरनेशनल बॉर्डर (Zero Point) की सीधी दूरी लगभग 30-35 किमी है, लेकिन रास्ता तनोट माता मंदिर से होकर जाता है। अगर आप जैसलमेर से शुरू करके पूरे ‘बॉर्डर सर्किट’ (जैसलमेर -> लोंगेवाला -> तनोट -> जीरो पॉइंट -> जैसलमेर) को कवर करना चाहते हैं, तो आपको कुल 8 से 10 घंटे का समय लगेगा। इसमें मंदिर में दर्शन, लोंगेवाला म्यूजियम में फिल्म देखना और बॉर्डर चेकपोस्ट पर परमिट वेरिफिकेशन का समय शामिल है। हमारी टीम ने पाया कि लोंगेवाला में 1971 के युद्ध के टैंकों को देखने में ही 1 घंटा निकल जाता है। यदि आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं और स्थानीय गाइड (Local Guide) के साथ इतिहास को विस्तार से समझना चाहते हैं, तो सुबह 6:00 बजे निकलना सबसे सुरक्षित विकल्प है ताकि आप अंधेरा होने से पहले सुरक्षित सड़कों पर वापस आ सकें।


