उदयपुर की वो 5 जगहें जहाँ जाने से गाइड भी मना करते हैं! (5 Dangerous & Hidden Places in Udaipur)

उदयपुर अपनी खूबसूरती और शांत झीलों के लिए जाना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यहाँ कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहाँ जाने के नाम से लोकल गाइड (Local Guide) भी हिचकिचाते हैं? ये जगहें डरावनी (Scary) नहीं हैं, बल्कि यहाँ का रास्ता इतना दुर्गम और सुनसान है कि आम सैलानी यहाँ पहुँच ही नहीं पाते । हमारी टीम ने अपनी इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी से इन 5 रहस्यमयी जगहों (5 Mysterious Places) का एनालिसिस किया है। आइए जानते हैं क्या है इनका सच।

Rajasthan Travel Guide Contents

1. अलसीगढ़ की ‘सुनानी’ घाटी (Alsigarh Valley)

उदयपुर से 30 किमी दूर यह घाटी इतनी सुनसान है कि यहाँ मीलों तक इंसान नहीं दिखते।

  • खतरा (Danger): यहाँ मोबाइल नेटवर्क (Mobile Network) पूरी तरह गायब हो जाता है और जंगली जानवरों का डर रहता है। यहाँ की खूबसूरती जितनी जादुई है, रास्ता उतना ही भटकाने वाला है।

अमरख जी का ‘गुप्त’ महादेव मंदिर (Amrakh Ji Mahadev)

ऊँचे पहाड़ों और घने जंगलों के बीच छिपा यह प्राचीन मंदिर अद्भुत है।

  • चुनौती (Challenge): यहाँ पहुँचने के लिए सड़कों के बजाय पथरीले रास्तों (Rocky Paths) से होकर गुजरना पड़ता है।गाइड क्यों मना करते हैं: क्योंकि यहाँ अक्सर रास्ता भटकने का खतरा रहता है और ढलान बहुत खड़ी (Steep Slopes) है।

3. रायता हिल्स का ‘डेड एंड’ (The Dead End of Rayta Hills)

रायता हिल्स की घुमावदार सड़कों के अंत में एक ऐसी जगह है जहाँ सड़कों का नामोनिशान मिट जाता है।लोकल गाइड (Local Guide) के अनुसार, मानसून में यहाँ इतनी धुंध (Dense Fog) होती है कि हाथ को हाथ नहीं सुझाई देता। ₹500 के पेट्रोल में यहाँ जाना किसी एडवेंचर से कम नहीं।

4. बाघदड़ा नेचर पार्क का ‘मगरमच्छ’ पॉइंट (Baghdara Nature Park)

उदयपुर के पास इस जगह पर मगरमच्छों का बसेरा है।खतरा: यहाँ के किनारों पर कोई रेलिंग नहीं है। गाइड्स यहाँ जाने से इसलिए मना करते हैं क्योंकि यह ऑफबीट लोकेशन (Offbeat Location) सुरक्षा के लिहाज से थोड़ी संवेदनशील है।

5. पीपलिया जी की ‘ऊँची’ चढ़ाई (The High Climb of Pipliya Ji)

इसे ‘उदयपुर का माउंट आबू’ कहते हैं, लेकिन इसकी चढ़ाई बहुत खतरनाक है। चेतावनी (Warning): कम अनुभव वाले ड्राइवर यहाँ अक्सर फंस जाते हैं। , यहाँ के मोड़ बहुत संकरे (Narrow Turns) हैं।

अलसीगढ़ (Alsigarh) की घाटी इतनी सुनसान क्यों है और वहां जाते समय किन विशेष सावधानियों का पालन करना चाहिए?

अलसीगढ़ (Alsigarh) की घाटी उदयपुर के मुख्य पर्यटन केंद्रों से लगभग 30 किमी दूर स्थित है और यहाँ मानवीय हस्तक्षेप बहुत कम है। गाइड यहाँ जाने से अक्सर इसलिए मना करते हैं क्योंकि यहाँ का रास्ता बहुत ही कच्चा और पथरीला (Rough and Rocky Terrain) है। हमारी टीम का अनुभव (Our Team Experience) यह रहा है कि मानसून के दौरान यहाँ की नदियाँ अचानक उफान पर आ जाती हैं, जिससे रास्ता कटने का डर रहता है। इसके अलावा, यहाँ मीलों तक कोई भी मैकेनिक या मेडिकल स्टोर नहीं है। हमारे लोकल गाइड (Local Guide) के अनुसार, यदि आप यहाँ जा रहे हैं, तो अपने वाहन में पेट्रोल फुल रखें और अपने साथ एक ‘पिक्चर मैसेज’ या ‘ऑफलाइन मैप’ जरूर रखें क्योंकि मोबाइल नेटवर्क यहाँ पूरी तरह गायब (No Signal) हो जाता है। ₹1500 के बजट में यह एक शुद्ध प्रकृति प्रेमी की यात्रा है, लेकिन इसे केवल दिन के उजाले में ही पूरा करना बुद्धिमानी है।

अमरख जी महादेव (Amrakh Ji Mahadev) पहुँचने का रास्ता गाइड के लिए भी चुनौतीपूर्ण क्यों है और वहां क्या खास देखने को मिलता है?

अमरख जी महादेव मंदिर घने जंगलों और अरावली की एक संकरी घाटी के बीच छिपा हुआ है। यहाँ तक पहुँचने के लिए आपको पक्की सड़कों (Tar Roads) को छोड़कर उबड़-खाबड़ रास्तों और छोटी पहाड़ियों को पार करना पड़ता है। हमारी टीम के साझा अनुभवों (Shared Experiences) के आधार पर, हमने पाया कि यहाँ की चढ़ाई इतनी खड़ी है कि पैदल चलना भी कभी-कभी मुश्किल हो जाता है, यही कारण है कि गाइड बड़ी गाड़ियों के साथ यहाँ आने से मना करते हैं। हालांकि, मंदिर पहुँचते ही आपको एक प्राकृतिक झरना और प्राचीन गुफा जैसे मंदिर के दर्शन होते हैं जो आपकी सारी थकान मिटा देते हैं। हमारे स्थानीय गाइड (Local Guide) बताते हैं कि यहाँ के झरने का पानी औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। यदि आप शांति और आध्यात्मिकता की तलाश में हैं, तो ₹400-500 के छोटे से खर्च में यह उदयपुर का सबसे बड़ा छिपा हुआ खजाना (Hidden Treasure) है।

पीपलिया जी (Pipliya Ji) को ‘खतरनाक’ क्यों माना जाता है और वहां जाने से पहले ‘ड्राइविंग स्किल्स’ क्यों जरूरी हैं?

पीपलिया जी (Pipliya Ji) अपनी बेमिसाल ऊंचाई और बादलों के नज़ारे के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यहाँ पहुँचने वाली सड़कें बहुत ही संकरी और ‘हेयरपिन बेंड्स’ (Hairpin Bends) यानी बहुत तीखे मोड़ों वाली हैं। हमारी टीम का अनुभव (Our Team Experience) रहा है कि मानसून के समय यहाँ बादलों की वजह से दृश्यता (Visibility) शून्य हो जाती है, जिससे सामने से आने वाला वाहन भी दिखाई नहीं देता। गाइड्स का मानना है कि जिन लोगों को पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग का अनुभव नहीं है, उनके लिए यहाँ वाहन चलाना जान जोखिम में डालने जैसा है। हमारे लोकल गाइड (Local Guide) सुझाव देते हैं कि यहाँ केवल अनुभवी चालक ही स्कूटी या बाइक चलाएं। ₹1500 के बजट में यह उदयपुर का ‘माउंट आबू’ है, लेकिन यहाँ की ऊंचाइयों पर सुरक्षा के लिए कोई रेलिंग नहीं है, इसलिए सेल्फी लेते समय बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है।

बाघदड़ा नेचर पार्क (Baghdara Nature Park) के बारे में गाइड्स क्या चेतावनी देते हैं और यहाँ का ‘देसी अनुभव’ कैसा है?

बाघदड़ा मुख्य रूप से मगरमच्छों के संरक्षण के लिए जाना जाता है, लेकिन यहाँ का वातावरण इतना ‘कच्चा’ और प्राकृतिक है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम (Lack of Security Fencing) नहीं हैं। गाइड अक्सर यहाँ बच्चों के साथ जाने या झील के किनारे बहुत पास जाने से मना करते हैं क्योंकि मगरमच्छ अक्सर झाड़ियों के पीछे छिपे रहते हैं। हमारी टीम के साझा अनुभवों (Shared Experiences) के अनुसार, यहाँ का सन्नाटा और पक्षियों की चहचहाहट आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाती है। यहाँ कोई भी कमर्शियल फूड कोर्ट नहीं है, इसलिए आपको लोकल ढाबे (Local Dhabas) पर ही निर्भर रहना होगा या अपना खाना साथ ले जाना होगा। हमारे स्थानीय गाइड (Local Guide) के साथ बैठकर यहाँ चाय पीना और जंगल की कहानियाँ सुनना ₹300-400 के बजट में एक अनोखा ‘वाइल्डलाइफ’ अनुभव है।

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